भारत की अर्थव्यवस्था के लिए दिसंबर 2025 एक बहुत ही महत्वपूर्ण महीना साबित हुआ। इस महीने देश के टैक्स कलेक्शन ने यह साफ कर दिया कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत हो रही हैं और व्यापारिक माहौल लगातार बेहतर बन रहा है। GST Collection December 2025 में दर्ज हुई बढ़ोतरी केवल आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक सेहत का सटीक संकेत है। दिसंबर 2025 में भारत का कुल GST कलेक्शन करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल दिसंबर 2024 के मुकाबले लगभग 6.1 प्रतिशत ज्यादा है।
यह वृद्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि कुछ महीने पहले ही सरकार ने सैकड़ों वस्तुओं पर GST की दरें घटाई थीं। आम तौर पर टैक्स कम होने पर सरकारी राजस्व पर असर पड़ता है, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलटी दिखाई दी। बाजार में खरीदारी बढ़ी, कारोबार ने रफ्तार पकड़ी और सरकार की कमाई पहले से ज्यादा मजबूत हुई।
दिसंबर 2025 में घरेलू बाजार से होने वाली कमाई लगभग 1.22 लाख करोड़ रुपये रही, जो बीते साल की तुलना में करीब 1.2 प्रतिशत अधिक है। इसका मतलब यह है कि देश के भीतर उपभोक्ताओं ने खुलकर खर्च किया और उद्योगों की बिक्री में स्थिरता बनी रही। जब घरेलू लेन-देन मजबूत रहता है तो अर्थव्यवस्था को स्वाभाविक रूप से सहारा मिलता है। यही वजह है कि GST Collection December 2025 को आर्थिक मजबूती का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
इसके साथ ही आयात से मिलने वाला राजस्व भी इस बढ़ोतरी का बड़ा कारण बना। दिसंबर 2025 में आयातित सामान पर सरकार को करीब 51,977 करोड़ रुपये GST के रूप में मिले, जो बीते साल की तुलना में लगभग 19.7 प्रतिशत अधिक है। यह इस बात का संकेत है कि उद्योगों की जरूरतें बढ़ रही हैं, उत्पादन के लिए कच्चा माल और अन्य संसाधन मंगाए जा रहे हैं और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं।
दिसंबर महीने में GST रिफंड की राशि भी बढ़ी। इस दौरान सरकार ने करीब 28,980 करोड़ रुपये का रिफंड दिया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 31 प्रतिशत ज्यादा है। रिफंड समायोजित करने के बाद सरकार को जो वास्तविक कमाई हुई, यानी नेट GST रेवेन्यू, वह करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा। यह भी साल-दर-साल लगभग 2.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
GST Collection December 2025 के ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि टैक्स सिस्टम अब ज्यादा संतुलित और पारदर्शी बन चुका है। व्यापारियों को समय पर रिफंड मिल रहा है, जिससे उनका भरोसा सरकार पर मजबूत होता है और वे बिना डर के कारोबार बढ़ाते हैं।
22 सितंबर 2025 से सरकार ने लगभग 375 वस्तुओं पर GST की दरें कम कर दी थीं। इसका उद्देश्य आम जनता को राहत देना और बाजार में मांग बढ़ाना था। इसके अलावा अब कंपनसेशन सेस केवल तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर लगाया जा रहा है, जबकि पहले यह कई लग्ज़री और अन्य वस्तुओं पर भी लगता था।
इन फैसलों से सरकार की कमाई घटने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन GST Collection December 2025 के आंकड़ों ने इन सभी शंकाओं को गलत साबित कर दिया। टैक्स कम हुआ, लेकिन बिक्री बढ़ गई और कुल कलेक्शन पहले से ज्यादा मजबूत हो गया। यह दिखाता है कि जब सरकार सही नीति बनाती है तो उसका फायदा सीधे अर्थव्यवस्था को मिलता है।
दिसंबर से पहले नवंबर 2025 में भी GST कलेक्शन में हल्की लेकिन महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। नवंबर में ग्रॉस GST कलेक्शन करीब 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि नवंबर 2024 में यह आंकड़ा 1.69 लाख करोड़ रुपये था। यह छोटा सा सुधार दिसंबर की बड़ी छलांग का संकेत था।
इस तरह GST Collection December 2025 अचानक नहीं बढ़ा, बल्कि यह उस निरंतर सुधार का नतीजा है जो पिछले कुछ महीनों से अर्थव्यवस्था में देखने को मिल रहा था।
कई बड़े राज्यों में भी GST कलेक्शन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हरियाणा का कलेक्शन करीब 17 प्रतिशत, केरल का 8 प्रतिशत, असम का 18 प्रतिशत बढ़ा। गुजरात और तमिलनाडु में भी 1 से 2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि राजस्थान में करीब 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि GST Collection December 2025 का फायदा केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
जब सरकार की कमाई बढ़ती है तो देश के विकास कार्यों को नई गति मिलती है। सड़कें, स्कूल, अस्पताल, रोजगार योजनाएं और सामाजिक योजनाओं के लिए ज्यादा संसाधन उपलब्ध होते हैं। GST Collection December 2025 इस बात का प्रमाण है कि भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर दिशा में आगे बढ़ रही है।
विदेशी निवेशकों के लिए भी यह एक भरोसेमंद संकेत है कि भारत का बाजार मजबूत है, उपभोक्ता खर्च कर रहे हैं और सरकार की नीतियां सही दिशा में काम कर रही हैं।
अगर बाजार में मांग बनी रहती है और नीतियां इसी तरह संतुलित रहती हैं, तो आने वाले महीनों में GST कलेक्शन और मजबूत हो सकता है। GST Collection December 2025 ने यह साबित कर दिया है कि टैक्स दरें घटाकर भी अगर सही रणनीति अपनाई जाए तो सरकार और जनता दोनों को फायदा होता है।
यह महीना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आत्मविश्वास, स्थिरता और विकास का प्रतीक बन गया है।https://www.livemint.com/hindi/money/gst-collection-october-2025-rs-1-95-lakh-crore-revenue-4-6-percent-growth-refunds-surge-full-report
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