ऑटोमोबाइल

Indian Electric Scooter Export: विदेशी बाज़ारों में भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटरों की ऐतिहासिक सफलता

बदलता भारत, बदलती मोबिलिटी

भारत आज उस दौर में खड़ा है जहाँ सड़क पर चलने वाला हर दूसरा नया स्कूटर भविष्य की तकनीक का प्रतिनिधित्व करता है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर अब केवल पर्यावरण का विकल्प नहीं बल्कि देश की आर्थिक तरक्की का इंजन बन चुके हैं। बीते कुछ वर्षों में भारत ने जिस तेज़ी से इलेक्ट्रिक स्कूटरों को अपनाया है, वही रफ्तार अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दिखाई देने लगी है। Indian Electric Scooter Export आज न केवल देश की उपलब्धि है बल्कि यह भारत की वैश्विक पहचान बनता जा रहा है।

भारत का टू-व्हीलर उद्योग दशकों से निर्यात के क्षेत्र में मजबूत रहा है, लेकिन अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों की एंट्री ने पूरी तस्वीर ही बदल दी है। वर्ष 2025 के अप्रैल से नवंबर तक भारतीय टू-व्हीलर इंडस्ट्री ने लगभग 33.3 लाख यूनिट का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 24 प्रतिशत अधिक है। इसी दौरान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट ने भी बड़ी छलांग लगाते हुए 5,536 यूनिट विदेशी बाजारों में भेजे। यह आंकड़ा भले ही शुरुआत में छोटा लगे, लेकिन जिस रफ्तार से Indian Electric Scooter Export आगे बढ़ रहा है, वह भविष्य में विशाल अवसरों की ओर इशारा करता है।

दो भारतीय ब्रांडों का दबदबा

इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्यात की कहानी में सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसका लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा केवल दो भारतीय कंपनियों — TVS मोटर और एथर एनर्जी — के हाथों में है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय कंपनियाँ अब गुणवत्ता, तकनीक और भरोसे में वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी हैं।

TVS मोटर कंपनी ने इस सेगमेंट में सबसे मजबूत स्थिति बनाई है। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच कंपनी ने 2,810 इलेक्ट्रिक स्कूटर एक्सपोर्ट किए, जिनमें से 2,784 यूनिट उसके लोकप्रिय iQube मॉडल की थीं। इस मॉडल की विदेशी मांग में सालाना 225 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई, जो Indian Electric Scooter Export की ताकत को दर्शाती है।

वहीं बेंगलुरु की एथर एनर्जी ने भी दुनिया भर के बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कंपनी ने 2,344 यूनिट स्कूटर विदेश भेजे और 307 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ हासिल की। खास तौर पर Ather 450X मॉडल ने विदेशी ग्राहकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। केवल इस मॉडल की 2,065 यूनिट एक्सपोर्ट हुईं, जो 331 प्रतिशत की वृद्धि का प्रमाण है।

घरेलू बाज़ार की मज़बूत नींव

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट को सबसे तेजी से अपनाने वाले सेक्टरों में गिना जाता है। वर्ष 2025 में पूरे साल बिक्री लगातार ऊपर की ओर जाती रही। जनवरी से नवंबर के बीच इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बढ़कर 11.8 लाख यूनिट तक पहुँच गया, जो करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि है। पूरे वर्ष के लिए यह आंकड़ा लगभग 13 लाख यूनिट तक पहुँचने का अनुमान है।

हालाँकि ग्रोथ की रफ्तार पहले के मुकाबले कुछ धीमी जरूर हुई है। 2024 में जहां बिक्री वृद्धि 30 प्रतिशत से अधिक थी, वहीं 2025 में यह लगभग 13 प्रतिशत पर आ गई। लेकिन बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि यह धीमापन असल में स्थिरता और परिपक्वता का संकेत है। इसी मजबूत घरेलू आधार के कारण Indian Electric Scooter Export लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।

चुनौतियाँ और उनका समाधान

इस तेज़ विकास के बीच कुछ व्यावहारिक चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। फिलहाल दोपहिया सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत के आसपास ही बनी हुई है। इसके पीछे कई कारण हैं। GST 2.0 के बाद पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटरों के बीच कीमत का अंतर पहले जैसा बड़ा नहीं रहा, जिससे कई ग्राहक अब भी पेट्रोल विकल्प को चुनते हैं।

इसके अलावा हाल के महीनों में हेवी रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी ने कुछ कंपनियों की उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित किया, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव पड़ा। इसके बावजूद Indian Electric Scooter Export की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी, बल्कि कंपनियों ने वैकल्पिक तकनीकों और स्थानीय सप्लायर्स की मदद से इन समस्याओं को काफी हद तक संभाल लिया।

सरकार की भूमिका और भविष्य की तस्वीर

सरकार की नीतियाँ इस सेक्टर के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हो रही हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार, बैटरी निर्माण पर ज़ोर, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाएँ और सब्सिडी मॉडल — ये सभी पहलें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर उद्योग को मजबूती दे रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 5 से 7 वर्षों में Indian Electric Scooter Export भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग का सबसे मजबूत निर्यात सेगमेंट बन सकता है। अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों में भारतीय स्कूटरों की मांग लगातार बढ़ रही है क्योंकि ये क्षेत्र भारत जैसे ही मौसम, सड़क और आर्थिक परिस्थितियों वाले हैं।

निष्कर्ष: भारत से दुनिया तक

आज भारत केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि दुनिया के लिए समाधान देने वाला देश बन चुका है। जिस आत्मविश्वास और तकनीकी क्षमता के साथ Indian Electric Scooter Export आगे बढ़ रहा है, उससे यह तय है कि आने वाले समय में “Made in India” इलेक्ट्रिक स्कूटर दुनिया भर की सड़कों पर दौड़ते नज़र आएंगे। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि भारत की नई पहचान है — एक स्वच्छ, स्मार्ट और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ता राष्ट्र।https://deshajtimes.com/news/automobile/india-electric-scooter-exports-surge/198529/

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Jiya lal verma

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