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Delhi Blast मामला: अल फलाह यूनिवर्सिटी फाउंडर को नोटिस, क्राइम ब्रांच करेगी कड़ी पूछताछ

Delhi Blast केस इन दिनों लगातार चर्चाओं में बना हुआ है और इसी जांच के बीच अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जवाद फारुखी को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जवाद फारुखी को नोटिस भेजकर साफ कर दिया है कि उनसे जल्द ही औपचारिक पूछताछ की जाएगी। यह कदम तब उठाया गया जब पहले कई अफवाहें फैल रही थीं कि Delhi Blast की जांच शुरू होते ही जवाद फारुखी फरार हो गए हैं या विदेश चले गए हैं। सोशल मीडिया पर लगातार कई तरह के दावे चल रहे थे, लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने इन सभी बातों को गलत बताते हुए स्पष्ट जानकारी दी है कि जवाद फारुखी न तो गायब हैं और न ही देश छोड़कर भागे हैं। उन्हें नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

यूनिवर्सिटी और डॉक्टरों के नाम आने के बाद जांच तेज़

Delhi Blast की जांच में जब अल फलाह यूनिवर्सिटी के कुछ डॉक्टरों का नाम सामने आया, तो यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों पर भी शक की नज़र बढ़ गई। इसी वजह से क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों से एक-एक करके पूछताछ शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि Delhi Blast से जुड़े हर तथ्य को जोड़ने के लिए दस्तावेजों, रिकॉर्ड्स और यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि इस पूरे केस में किसने क्या भूमिका निभाई और कहीं किसी स्तर पर बड़ी चूक तो नहीं हुई।

जवाद फारुखी के फरार होने की अफवाहों पर ब्रेक

दिल्ली पुलिस ने बताया कि जवाद फारुखी के विदेश भागने या फरार होने की खबरें पूरी तरह गलत थीं। क्राइम ब्रांच ने कहा है कि वे उपलब्ध हैं और नोटिस के अनुसार उनसे पूछताछ की जाएगी। जांच टीम का कहना है कि Delhi Blast जैसे गंभीर मामले में किसी भी तरह की गलत जानकारी या अफवाह को जगह नहीं दी जाएगी। पुलिस का पूरा फोकस सत्य जानने और हर विवरण को सामने लाने पर है।

फर्जी UGC क्लेम और 2018 से NAAC एक्रीडेशन खत्म — गंभीर आरोप

इस पूरे केस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी को भी विवादों के केंद्र में ला दिया है। क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर UGC की 12B मान्यता का दावा किया था, जबकि यह तथ्य सही नहीं था। इस गलत दावे का उपयोग छात्रों को एडमिशन के लिए आकर्षित करने में किया गया। इसके अलावा यह भी सामने आया कि यूनिवर्सिटी का NAAC एक्रीडेशन 2018 में ही समाप्त हो गया था, फिर भी संस्थान कई सालों तक एडमिशन लेता रहा। पुलिस के अनुसार, यह छात्रों को भ्रमित करने जैसा गंभीर मामला है, जिसके चलते यूनिवर्सिटी पर चीटिंग और फॉर्जरी से जुड़े केस दर्ज किए गए हैं। जवाद फारुखी से इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

Delhi Blast मामले में यूनिवर्सिटी और डॉक्टरों की पूरी पृष्ठभूमि की जांच

पुलिस ने यह भी कहा है कि Delhi Blast से जुड़े डॉक्टरों का अल फलाह यूनिवर्सिटी से क्या संबंध है, यह भी विस्तार से जांचा जा रहा है। यह जानना जरूरी है कि एडमिशन कैसे दिए गए, नियुक्तियाँ कैसे की गईं और किस आधार पर यूनिवर्सिटी की गतिविधियाँ चलती रहीं। Delhi Blast की जांच अब कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है और क्राइम ब्रांच का कहना है कि आने वाले समय में कई और खुलासे हो सकते हैं।

यूनिवर्सिटी के मालिक जावेद अहमद सिद्दीकी की पुरानी पृष्ठभूमि फिर चर्चा में

Delhi Blast जांच के दौरान अल फलाह यूनिवर्सिटी के मालिक जावेद अहमद सिद्दीकी का पुराना इतिहास भी चर्चा में आ गया है। 61 वर्षीय जावेद सिद्दीकी पहले चिट फंड का काम करते थे और उस समय उनके खिलाफ 14–15 मामले दर्ज हुए थे। बताया जाता है कि उन्होंने कई लोगों का पैसा वापस नहीं किया था, जिस कारण उन्हें लगभग तीन साल जेल में रहना पड़ा। बाद में उन्होंने सभी निवेशकों का पैसा लौटा दिया और वे मामलों से बरी भी हो गए। अब जब Delhi Blast और यूनिवर्सिटी का नाम एक साथ आया, तो लोगों में एक बार फिर उनकी पृष्ठभूमि को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जावेद की शिक्षा और कंपनियों की जानकारी भी जांच के दायरे में

जावेद सिद्दीकी ने इंदौर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और वर्ष 1992 में जामिया मिलिया इस्लामिया में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नौकरी शुरू की। जनवरी 1994 तक उन्होंने वहां काम किया। उनकी दोनों बहनें और दोनों बेटे दुबई में रहते हैं। इसके अलावा वे नौ कंपनियों के डायरेक्टर हैं, जो निवेश, शिक्षा, सॉफ्टवेयर, निर्यात, ऊर्जा और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि Delhi Blast मामले में यूनिवर्सिटी और इन कंपनियों की किसी भी तरह की कोई भूमिका तो नहीं है।

Delhi Blast केस की जांच तेज़, आने वाले दिनों में हो सकते हैं बड़े खुलासे

Delhi Blast केस अभी भी जांच के गहरे चरण में है और पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोप को हल्के में नहीं लिया जाएगा। जवाद फारुखी को भेजा गया नोटिस इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों से लेकर डॉक्टरों की पृष्ठभूमि तक, हर पहलू की जांच हो रही है। आने वाले कुछ दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं और संभव है कि कई लोगों से दोबारा पूछताछ की जाए। पुलिस का कहना है कि Delhi Blast की सच्चाई बिल्कुल साफ होकर सामने लाई जाएगी और किसी भी गलती या लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा।https://hindi.moneycontrol.com/india/delhi-blast-case-al-falah-university-faces-fir-for-cheating-suicide-bomber-umar-nabi-surfaces-article-2284718.html

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Jiya lal verma

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