आज इंटरनेट का इस्तेमाल इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि घर, ऑफिस, दुकान, होटल—हर जगह WiFi एक आम सुविधा बन चुका है। हम अक्सर सोचते हैं कि WiFi सिर्फ तेज इंटरनेट देने का एक साधन है, लेकिन एक नई रिसर्च ने इस भरोसे को हिला दिया है। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अब साधारण WiFi राउटर भी खामोशी से आपकी पहचान, चाल और गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं। यही वजह है कि WiFi spying को अब एक गंभीर प्राइवेसी खतरा माना जा रहा है।
WiFi कैसे बिना बताए आपकी पहचान और चाल-ढाल पकड़ लेता है
शोध में पाया गया है कि WiFi राउटर Beamforming नाम की तकनीक का उपयोग करते हैं, ताकि सिग्नल सीधा डिवाइस तक पहुंच सके। इसके लिए आपका फोन, लैपटॉप या टैबलेट राउटर को छोटे-छोटे फीडबैक भेजते रहते हैं। इसे Beamforming Feedback Information (BFI) कहा जाता है।
समस्या यह है कि यह BFI बिल्कुल अनएन्क्रिप्टेड रहता है, यानी इसे कोई भी नजदीकी डिवाइस आसानी से पकड़ सकता है।
रिसर्चर्स का दावा है कि इसी BFI के जरिए WiFi spying इतनी सटीक हो चुकी है कि कोई व्यक्ति कमरे में कैसे चल रहा है, कितनी तेजी से चल रहा है, और उसकी चाल कैसी है—यह सब पहचाना जा सकता है। जांच में पता चला कि यह पहचान 99.5% तक सटीक हो सकती है, जो कि किसी भी CCTV कैमरे की क्षमता से कहीं ज्यादा है।
स्टडी में किया गया प्रयोग और चौंकाने वाले नतीजे
रिसर्च टीम ने 6 GHz बैंड पर दो WiFi एक्सेस पॉइंट और चार लिसनिंग पॉइंट के साथ एक सेटअप बनाया। इस सेटअप में उन्होंने 197 लोगों को अलग-अलग तरह से चलते हुए रिकॉर्ड किया—जैसे:
- धीमी चाल
- तेज कदम
- मुड़कर चलना
- हाथ में बैग या वजन लेकर चलना
उन्होंने इन लोगों की मूवमेंट के दौरान BFI डेटा इकट्ठा किया और इसे एक साधारण न्यूरल नेटवर्क में डालकर विश्लेषण किया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि अकेले BFI की मदद से कंप्यूटर मॉडल 160 से ज्यादा लोगों को लगभग 100% सटीकता से पहचान रहा था।
यानी अगर आप किसी कमरे में बस चल भी रहे हैं, तो आपका WiFi राउटर आपकी चाल को याद कर सकता है। यही कारण है कि WiFi spying आज सबसे तेज़ी से उभरता प्राइवेसी खतरा साबित हो रहा है।
WiFi क्यों CCTV से भी ज्यादा खतरनाक निगरानी टूल बन सकता है
CCTV कैमरे कम से कम दिखते तो हैं, और लोग उन्हें देखकर सतर्क हो सकते हैं। लेकिन WiFi राउटर चुपचाप दीवार, छत या टेबल पर लगा रहता है। कोई नहीं सोचता कि यह भी निगरानी का साधन बन सकता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि CSI (Channel State Information) को पकड़ने के लिए खास हार्डवेयर की जरूरत होती है, लेकिन BFI हर साधारण राउटर से आसानी से मिल जाता है। इसका मतलब है कि बिना किसी पासवर्ड, हैकिंग या खास तकनीक के भी किसी की मूवमेंट ट्रैक की जा सकती है।
यही बात WiFi spying को भविष्य की एक अदृश्य निगरानी प्रणाली में बदल देती है।
पहचान होने के बाद कितना खतरा बढ़ जाता है
इस रिसर्च के मुताबिक, एक बार सिस्टम किसी व्यक्ति की चाल से उसे पहचान लेता है, तो उसके बाद वह व्यक्ति जहां-जहां चलता है, जितना भी घूमता है—यह सब उसी पहचान के साथ जुड़ने लगता है।
भले ही सिस्टम को आपका नाम न पता हो, लेकिन वह आपको आपकी चाल और मूवमेंट पैटर्न से पहचान लेता है।
इससे कई बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं—
- आपकी घर के अंदर की गतिविधियों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है
- कब कौन कमरे में आया और कब बाहर गया—यह जाना जा सकता है
- आपकी दिनचर्या का प्रोफाइल तैयार किया जा सकता है
- यहां तक कि आपके व्यवहार और आदतों की पहचान की जा सकती है
यही वजह है कि विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि WiFi spying आने वाले समय में लोगों की निजी जिंदगी में सबसे बड़ा दखल बन सकती है।
सबसे बड़ी चिंता – अभी तक कोई मजबूत सुरक्षा उपाय नहीं
रिसर्चर्स ने कहा कि वर्तमान में WiFi राउटर्स में BFI को सुरक्षित करने के लिए कोई पुख्ता तरीका मौजूद नहीं है।
आज जितनी भी सुरक्षा तकनीकें उपलब्ध हैं, वे CSI जैसे डेटा को सुरक्षित करने पर ध्यान देती हैं, जबकि वास्तविक खतरा BFI में छिपा हुआ है।
अगर जल्द ही इसे सुरक्षित नहीं किया गया, तो साधारण WiFi राउटर भी लोगों की गतिविधियों की निगरानी करने वाले उपकरण बन जाएंगे, और लोगों को पता भी नहीं चलेगा कि उनके घर या ऑफिस का WiFi ही उनकी जानकारी इकट्ठा कर रहा है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक WiFi टेक्नोलॉजी में नई सुरक्षा लेयर नहीं जोड़ी जाती, तब तक लोगों को सतर्क रहना होगा।
कुछ जरूरी बातें—
- भरोसेमंद और सुरक्षित राउटर ब्रांड का उपयोग करें
- अनजान नेटवर्क से कनेक्ट करने से बचें
- राउटर के फर्मवेयर को हमेशा अपडेट रखें
- घर के WiFi को ओवरशेयरिंग से बचाने के लिए मजबूत पासवर्ड लगाएं
हालाँकि ये कदम WiFi spying को पूरी तरह नहीं रोकते, पर जोखिम को थोड़ा कम अवश्य कर सकते हैं।
निष्कर्ष: WiFi spying नया प्राइवेसी खतरा बन चुका है
WiFi पर हमारी निर्भरता बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा अभी भी उतनी मजबूत नहीं है। इस स्टडी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में WiFi आपकी चाल-ढाल से आपकी पहचान बना सकता है और आपको बिना बताए लगातार ट्रैक कर सकता है।
अगर इस तकनीक को लेकर जल्द ही नियम नहीं बनाए गए, तो WiFi spying डिजिटल दुनिया का सबसे बड़ा छिपा हुआ खतरा साबित हो सकता है।
इसलिए जरूरी है कि आम लोग भी इस मुद्दे को समझें और सरकारें तथा टेक कंपनियां मिलकर WiFi की अगली पीढ़ी को ज्यादा सुरक्षित बनाएं।https://bharat24live.com/news/spying-on-you-without-telling-you-common-wifi-routers-are-becoming-invisible-surveillance-cameras
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