Vikran Engineering IPO:भारतीय शेयर बाज़ार में लगातार नए-नए आईपीओ (IPO) आ रहे हैं और इस हफ्ते निवेशकों को एक और नया विकल्प मिलने जा रहा है। Vikran Engineering Limited अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लेकर आ रही है, जो मंगलवार से खुलेगा। यह इश्यू निवेशकों को इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर में एक मजबूत कंपनी से जुड़ने का अवसर देगा।
इस लेख में हम आपको इस IPO से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी देंगे – जैसे कि तारीखें, प्राइस बैंड, GMP, लॉट साइज, कंपनी का बैकग्राउंड, फायदे-नुकसान और निवेशकों की उम्मीदें।
इस लेख में हम आपको इस IPO से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी देंगे – जैसे कि तारीखें, प्राइस बैंड, GMP, लॉट साइज, कंपनी का बैकग्राउंड, फायदे-नुकसान और निवेशकों की उम्मीदें।
IPO की तारीखें
- ओपनिंग डेट: 26 अगस्त 2025
- क्लोजिंग डेट: 29 अगस्त 2025
- अलॉटमेंट की तारीख: 1 सितंबर 2025
- रिफंड प्रक्रिया शुरू: 2 सितंबर 2025
- डिमैट खाते में शेयर क्रेडिट: 2 सितंबर 2025
- लिस्टिंग डेट: 3 सितंबर 2025 (BSE और NSE पर)
Issue Size और Price Band
कंपनी इस इश्यू से कुल ₹772 करोड़ जुटाने का प्लान बना रही है।
- Fresh Issue: लगभग ₹721 करोड़
- Offer for Sale (OFS): लगभग ₹51 करोड़
प्राइस बैंड को ₹92 से ₹97 प्रति शेयर तय किया गया है।
Lot Size और न्यूनतम निवेश
इस IPO में एक लॉट में 148 शेयर होंगे। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश लगभग ₹14,000 से ₹14,500 के बीच बैठेगा।
IPO में शेयरों का आरक्षण
- Qualified Institutional Buyers (QIBs): अधिकतम 50%
- Non-Institutional Investors (NIIs): न्यूनतम 15%
- Retail Investors: न्यूनतम 35%
Grey Market Premium (GMP)
ग्रे मार्केट में Vikran Engineering के शेयरों को लेकर अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है। मौजूदा समय में यह शेयर लगभग ₹22–₹23 प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
अगर यही ट्रेंड लिस्टिंग तक बना रहता है, तो निवेशकों को लिस्टिंग के दिन 20% या उससे ज्यादा का फायदा मिल सकता है।
कंपनी का परिचय
2008 में स्थापित Vikran Engineering Limited एक प्रमुख EPC (Engineering, Procurement and Construction) कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है, जिनमें शामिल हैं –
- हाई वोल्टेज पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स
- रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन
- पानी की सप्लाई से जुड़े प्रोजेक्ट्स
अब तक कंपनी ने कई राज्यों में बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए हैं और फिलहाल इसके पास ₹5,000 करोड़ से ज्यादा की ऑर्डर बुक मौजूद है।
वित्तीय प्रदर्शन
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन स्थिर और मजबूत रहा है।
- FY2024 में कंपनी का राजस्व करीब ₹786 करोड़ रहा।
- FY2025 में यह बढ़कर ₹916 करोड़ तक पहुंच गया।
- मुनाफा (PAT) FY2024 में ₹75 करोड़ था, जबकि FY2025 में यह बढ़कर लगभग ₹78 करोड़ हो गया।
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग
कंपनी इस IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कामों के लिए करेगी –
- वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करना
- कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए फंड जुटाना
- नए प्रोजेक्ट्स में निवेश और विस्तार करना
कंपनी की मजबूती (Strengths)
- विविध पोर्टफोलियो: पावर, रेलवे और पानी की सप्लाई जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में प्रोजेक्ट्स।
- बड़ी ऑर्डर बुक: ₹5,000 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स पेंडिंग हैं।
- मजबूत क्लाइंट बेस: NTPC, Power Grid और भारतीय रेलवे जैसे बड़े सरकारी ग्राहक।
- ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड: लगातार रेवेन्यू और प्रोजेक्ट्स में वृद्धि।
जोखिम (Risks)
- इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर निर्भरता: सरकारी नीतियों और फंडिंग में बदलाव का असर पड़ सकता है।
- उच्च प्रतिस्पर्धा: EPC सेक्टर में कई बड़े खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं।
- मुनाफे का दबाव: बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट मार्जिन सीमित रह सकता है।
निवेशकों की उम्मीदें
- GMP के हिसाब से IPO की लिस्टिंग पर अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है।
- अल्पकालिक निवेशकों के लिए यह IPO लिस्टिंग गेन का अवसर हो सकता है।
- वहीं, लंबी अवधि के निवेशक इसे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ग्रोथ की कहानी मानकर पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।https://www.thebonus.in/stocks/upcoming-ipos-vikran-engineering-9-others-to-open-8-listings-awaits
निष्कर्ष
Vikran Engineering IPO उन निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC सेक्टर में भरोसा रखते हैं।
₹92–97 के प्राइस बैंड और मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम यह संकेत दे रहा है कि शेयर की लिस्टिंग पर अच्छा लाभ मिल सकता है।
हालांकि, हर निवेश की तरह इसमें भी जोखिम मौजूद हैं। इसलिए निवेशक अपनी रणनीति और जोखिम सहनशीलता को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लें।
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