टेक्नोलॉजी

ये है AI का कमाल: कंपनियां दे रही हैं 1.5 करोड़ का Package

आजकल पर्याप्त Artifical Intelligence की मांग है। भारत, अमेरिका और चीन अपने AI चैटबॉट्स बना रहे हैं। AI उद्यमियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन को भी बढ़ा दिया है। कंपनियां लोगों को AI को सीखने और समझने के लिए 1.5 करोड़ रुपये देने को तैयार हैं।

भारत के कुछ अग्रणी Artifical Intelligence उद्यमियों, जैसे कि सोकेट लैब्स, टर्बोएमएल, Sarvam AI, स्मॉलेस्ट AI और Krutrim, में हायरिंग का दौर चल रहा है। ये स्टार्टअप फ्रेशर से लेकर मध्य करियर वाले AI इंजीनियरों को सालाना 40 लाख से 1.5 करोड़ रुपये की सैलरी देते हैं, साथ ही Stock Option और विविध कार्य अवसरों। कंपनियों के इस निर्णय से AI मार्केट में धीरे-धीरे पैर पसारने का पता चलता है। AI डिमांड अब हर क्षेत्र में बढ़ रही है।

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AI तकनीक की बढ़ती मांग

टर्बोएमएल इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को नियुक्त कर रहा है उन्हें एक लाख रुपये मंथली इंटर्नशिप स्टाइपन के लिए और आठ सौ लाख रुपये सालाना पूरे समय के लिए मिल रहे हैं। Smallest.AI संस्थापक 2-2 साल का अनुभव रखने वाले पूर्ण-स्टैक इंजीनियरों को वर्ष में 40 लाख रुपये की सैलरी दी जाती है। जिसमें उन्होंने कोई शिक्षा संस्थान या रिज्यूमे की मांग नहीं की है।

Deepseek की बढ़ती लोकप्रियता के बीच, हायरिंग Tech Firm Fabric ने 1,000 से ज्यादा AI/ML इंजीनियरों का डेटाबेस बनाया है, जो भारत के उच्च गुणवत्ता वाले AI टैलेंट में बल दिखाता है।

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कंपिनयों के लिए नॉलेज मैटर करती है

हाल ही में सोशल मीडिया पर सबसे Smallest AI को हायरिंग करने का तरीका बहुत वायरल हो रहा है। नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए कंपनी ने नियमित प्रणाली से अलग रखा है। लोग रिज्यूमे नहीं देंगे। उन्हें सौ शब्दों का परिचय लिखकर भेजना होगा। साथ ही अपने सर्वश्रेष्ठ काम का लिंक भी देना होगा। कंपनी के लिए स्कूल-कॉलेज की डिग्री आवश्यक नहीं है।

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AI कंपनियों के उम्मीदवारों का अनुभव आवश्यक है, लेकिन सिर्फ रिज्यूमे में अपडेट के लिए नहीं। बल्कि उन्हें टफ परिस्थितियों में काम करना आता है। नए विचारों को अपना सकते हैं। कम समय में अधिक काम कर सकते हैं। स्मार्ट कार्यकला को पुरानी कार्यकला के बजाय अपनाया जाए।https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/us-it-giant-offers-rs-1-5-crore-package-at-iit-placements/articleshow/79520626.cms

Jiya lal verma

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