बच्चों की दुनिया कहानियों से रंगीन होती है। जब छोटे बच्चे कहानियाँ सुनते हैं, तो उनकी आँखों में चमक आ जाती है और उनका मन उत्सुकता से भर जाता है। कहानियाँ न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि जीवन के अच्छे संस्कार भी सिखाती हैं। आज हम आपके लिए ऐसी short stories for kids in hindi लेकर आए हैं जो बच्चों को मज़ा भी देंगी और सोचने पर भी मजबूर करेंगी।
बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गाँव में मोहन नाम का एक चंचल लड़का रहता था। मोहन होशियार तो था, लेकिन शरारती भी था। उसे गाँव के लोगों के साथ मज़ाक करना अच्छा लगता था।
एक दिन उसने सोचा, “आज सबको मज़े में डराता हूँ।” वह खेतों की ओर भागा और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगा –
“बचाओ! बचाओ! जंगल से शेर आ गया! सब लोग भागो!”
गाँव वाले लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। उन्होंने देखा तो वहाँ कोई शेर था ही नहीं। सबने मोहन की ओर देखा और वह ठहाके मारकर हँस रहा था। गाँव वालों ने गुस्से से कहा –
“मोहन, ये मज़ाक अच्छा नहीं है। अगर सच में शेर आ गया तो कौन तेरी बात पर यक़ीन करेगा?”
मोहन ने इसे हल्के में लिया और फिर कई बार ऐसा ही मज़ाक किया।
कुछ दिन बाद सच में जंगल से शेर निकल आया। वह गाँव की ओर बढ़ा। मोहन ने डर के मारे चीखते हुए कहा –
“बचाओ! बचाओ! इस बार सचमुच शेर आ गया है!”
लेकिन इस बार किसी ने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया। सबने सोचा कि वह फिर मज़ाक कर रहा है। शेर उसके पीछे दौड़ा। सौभाग्य से कुछ किसान वहीं काम कर रहे थे और उन्होंने समय रहते शोर मचाकर शेर को भगा दिया।
मोहन बुरी तरह काँप रहा था। उसने गाँव वालों से माफी माँगी और कहा –
“अब मैं कभी झूठ नहीं बोलूँगा। मैंने समझ लिया कि झूठ बोलने से इंसान का भरोसा टूट जाता है।”
Moral: हमेशा सच बोलना चाहिए। जो झूठ बोलता है, उस पर लोग तब भी भरोसा नहीं करते जब वह सच कहता है।
गाँव के किनारे एक किसान अपने बेटे बबलू के साथ रहता था। किसान दिन-रात मेहनत करता, लेकिन बबलू हमेशा आलस करता। उसे लगता था कि बिना मेहनत किए ही सब कुछ मिल जाना चाहिए।
पिता ने कई बार समझाया –
“बेटा, मेहनत के बिना सफलता नहीं मिलती।”
लेकिन बबलू हर बार टाल देता।
एक दिन पिता ने सोचा कि बबलू को सबक सिखाना चाहिए। उन्होंने कहा –
“बेटा, हमारे खेत में एक ख़ज़ाना दबा हुआ है। अगर तू उसे ढूँढ लेगा तो हमेशा के लिए अमीर बन जाएगा।”
बबलू की आँखों में चमक आ गई। वह अगले दिन से खेत खोदने लगा। सुबह से शाम तक उसने मिट्टी खोदी, पत्थर हटाए, पसीना बहाया। कई दिन बीत गए, लेकिन कहीं ख़ज़ाना नहीं मिला।
थका-हारा बबलू पिता के पास आया और बोला –
“पिताजी, मैंने पूरा खेत खोद डाला, लेकिन ख़ज़ाना कहीं नहीं है।”
पिता मुस्कुराए और बोले –
“बेटा, अब देखना। बारिश होगी तो खेत में बीज उगेंगे और तेरा परिश्रम असली ख़ज़ाना बन जाएगा।”
सचमुच, बारिश के बाद खेत में ढेर सारी फसल उग आई। बबलू ने देखा कि उसके परिश्रम से खेत सोने की तरह लहलहा रहा है। तभी उसे समझ आया कि असली ख़ज़ाना मेहनत है।
उस दिन से बबलू ने आलस छोड़ दिया और पिता की तरह मेहनत करने लगा।
Moral: मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है। मेहनत से ही जीवन में समृद्धि आती है।
रामू और श्यामू अच्छे दोस्त थे, लेकिन श्यामू में लालच ज़्यादा था। एक दिन दोनों जंगल में घूम रहे थे कि अचानक एक जादुई पेड़ उनके सामने प्रकट हुआ।
पेड़ ने कहा –
“तुम दोनों को एक-एक इच्छा माँगने का अवसर मिलेगा। पर ध्यान रहे, जो तुम माँगोगे, उसका असर तुम्हारे दोस्त पर भी पड़ेगा।”
रामू ने सोचा और कहा –
“मुझे मिठाइयों का ढेर मिल जाए।”
तुरंत ढेर सारी मिठाइयाँ आ गईं। श्यामू को भी आधी मिठाइयाँ मिल गईं।
अब बारी श्यामू की थी। लेकिन उसका मन ईर्ष्या और लालच से भर गया। उसने सोचा –
“अगर मैं धन माँगूँ तो रामू को भी उसका हिस्सा मिलेगा। मुझे ऐसा कुछ माँगना चाहिए जिससे रामू को तकलीफ़ हो।”
श्यामू ने कहा –
“हे पेड़! मुझे सोने की थैली दो, लेकिन रामू की एक आँख निकाल लो।”
यह सुनकर जादुई पेड़ गुस्से में बोला –
“लोभी इंसान को कभी सुख नहीं मिलता। तेरी इच्छा पूरी होगी, लेकिन उसका परिणाम तुझे भी भुगतना होगा।”
तुरंत श्यामू की एक आँख चली गई और उसके हाथ में सोने की थैली आ गई। लेकिन वह हमेशा दुखी रहने लगा।
Moral: लालच इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। संतोष ही सबसे बड़ा सुख है।
जंगल में खरगोश और कछुआ रहते थे। दोनों अच्छे दोस्त थे। खरगोश तेज़ दौड़ता था और कछुआ धीरे-धीरे चलता था।
एक दिन खरगोश ने मज़ाक में कहा –
“कछुए, तू बहुत धीमा है। मेरे साथ दौड़ लगा, मैं तुझे पलक झपकते हरा दूँगा।”
कछुआ बोला –
“ठीक है, चलो रेस करते हैं।”
जंगल के जानवर इकट्ठा हुए। रेस शुरू हुई। खरगोश तेज़ी से दौड़ा और आगे निकल गया। उसने सोचा –
“कछुआ बहुत पीछे है। थोड़ी देर आराम कर लेता हूँ।”
वह पेड़ के नीचे सो गया। कछुआ धीरे-धीरे लगातार चलता रहा और अंत में फिनिश लाइन पार कर गया।
जब खरगोश उठा तो उसने देखा कि कछुआ जीत चुका है। उसे अपनी गलती समझ आई। उसने कछुए से माफी माँगी और कहा –
“दोस्ती में मज़ाक उड़ाना गलत है। असली दोस्ती सम्मान और सहयोग से निभाई जाती है।”
Moral: धैर्य और मेहनत से बड़ी से बड़ी जीत हासिल की जा सकती है।
सोनू नाम का बच्चा बहुत दयालु था। एक दिन उसने रास्ते में घायल चिड़िया देखी। उसने उसे घर लाकर खाना-पानी दिया और उसकी देखभाल की। कुछ दिनों बाद चिड़िया ठीक हो गई और सोनू ने उसे उड़ने के लिए आज़ाद कर दिया।
कई महीने बाद सोनू जंगल में रास्ता भटक गया। रात होने लगी और सोनू डर गया। तभी वही चिड़िया आई जिसे उसने बचाया था। चिड़िया ने अपने पंखों से रास्ता दिखाया और सोनू को सुरक्षित घर पहुँचा दिया।
सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा –
“अच्छाई का फल हमेशा अच्छा ही मिलता है।”
Moral: दया और मदद करने से कभी नुकसान नहीं होता। अच्छे कर्म हमेशा लौटकर आते हैं।https://hindi.webdunia.com/kids-stories/best-10-motivational-small-stories-121120300034_1.html
ये पाँचों short stories for kids in hindi बच्चों के लिए न केवल मनोरंजक हैं बल्कि सीख से भी भरी हुई हैं। हर कहानी में बच्चों के लिए एक संदेश छिपा है – सच बोलना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए, लालच से बचना चाहिए, दोस्ती निभानी चाहिए और दया करनी चाहिए।
बच्चे अगर इन कहानियों से सीख लें तो उनका जीवन और भी सुंदर और सफल बन सकता है।
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