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मिडिल ईस्ट संकट के बीच अर्जेंटीना LPG सप्लाई भारत के लिए बनी बड़ी राहत, तीन महीनों में तेजी से बढ़ी आपूर्ति

पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर हमेशा ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े देश के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है कि आम लोगों तक गैस और ईंधन की सप्लाई बिना रुकावट पहुंचती रहे। इस चुनौती को समझते हुए भारत ने पहले से ही अपने विकल्प मजबूत किए हैं। इसी वजह से आज अर्जेंटीना LPG सप्लाई भारत के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर सामने आई है।

साल 2026 के शुरुआती महीनों में अर्जेंटीना ने भारत को एलपीजी (LPG) की सप्लाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। खास बात यह है कि केवल तीन महीनों के अंदर ही गैस की आपूर्ति पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। यह संकेत देता है कि भारत अब ऊर्जा के मामले में नए देशों के साथ तेजी से साझेदारी बढ़ा रहा है।

संकट के समय भारत की गैस सप्लाई कैसे रही सुरक्षित

जब मिडिल ईस्ट में कोई बड़ा विवाद होता है, तो तेल और गैस की सप्लाई पर तुरंत असर पड़ता है। भारत लंबे समय से खाड़ी देशों पर निर्भर रहा है, इसलिए ऐसे हालात में जोखिम बढ़ जाता है। लेकिन इस बार अर्जेंटीना LPG सप्लाई भारत के लिए सुरक्षा की ढाल बन गई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2026 के पहले तीन महीनों में अर्जेंटीना ने भारत को करीब 50,000 टन एलपीजी भेजी है। वहीं, पिछले साल इसी अवधि में यह मात्रा लगभग 22,000 टन थी। यानी इस बार आपूर्ति में काफी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

जानकारों का मानना है कि हालात बिगड़ने से पहले ही अर्जेंटीना से बड़ी मात्रा में गैस भारत के लिए रवाना कर दी गई थी। इसके बाद भी मार्च महीने में एक नई खेप भेजी गई, जिससे घरेलू स्तर पर किसी तरह की कमी महसूस नहीं हुई।

कुछ ही वर्षों में बना अहम सप्लायर

कुछ साल पहले तक अर्जेंटीना भारत के लिए एलपीजी का प्रमुख स्रोत नहीं था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और यह देश तेजी से भारत के ऊर्जा नेटवर्क में अपनी जगह बना रहा है।

जनवरी 2026 में अर्जेंटीना का एलपीजी उत्पादन लगभग 2,59,000 टन दर्ज किया गया। वहीं, 2024 में कुल उत्पादन 2.6 मिलियन टन था, जो 2025 में बढ़कर 2.63 मिलियन टन हो गया। यह वृद्धि दर्शाती है कि आने वाले समय में अर्जेंटीना और अधिक गैस उपलब्ध करा सकता है।

इसके अलावा बाहिया ब्लांका में एक नई गैस प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इससे उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी और भारत को लंबे समय तक स्थिर सप्लाई मिलती रहेगी।

व्यापारिक रिश्तों में भी आई मजबूती

अब अर्जेंटीना केवल गैस सप्लायर नहीं है, बल्कि भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार भी बनता जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है और नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

2025 के दौरान भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापार में लगभग 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 6 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया। भारत अब अर्जेंटीना के प्रमुख निर्यात बाजारों में शामिल हो चुका है।

भारत में इस्तेमाल होने वाला सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा अर्जेंटीना से आता है। इसके अलावा दालें, अनाज, चमड़ा और कई तरह के जरूरी रसायन भी वहीं से आयात किए जाते हैं। इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत हो रहे हैं।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बढ़ रहा सहयोग

भारत और अर्जेंटीना अब केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं पर भी ध्यान दे रहे हैं। खासकर हाइड्रोकार्बन और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में तेजी से सहयोग बढ़ रहा है।

हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच तेल और गैस के क्षेत्र में समझौते हुए हैं, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं खुली हैं। इसके अलावा भारत ने अर्जेंटीना में लिथियम संसाधनों में निवेश करके भविष्य की तकनीकों के लिए भी मजबूत आधार तैयार किया है। यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी उद्योग के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

निष्कर्ष

मौजूदा वैश्विक संकट के बीच अर्जेंटीना LPG सप्लाई भारत के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इससे देश में रसोई गैस की सप्लाई सुचारु बनी हुई है और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

भारत की यह रणनीति दिखाती है कि समय रहते सही फैसले लेकर बड़े से बड़े संकट को भी संभाला जा सकता है। आने वाले समय में अर्जेंटीना के साथ यह साझेदारी और गहरी होने की संभावना है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।

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Jiya lal verma

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