Monday, December 1, 2025

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Santro से Indica तक WagonR ने छोड़ा सबको पीछे

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में हर साल नई-नई कारें आती हैं, कई मॉडल छा जाते हैं और कई धीरे-धीरे भीड़ में गुम हो जाते हैं। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी कार है जिसने शुरुआत से लेकर आज तक अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है—WagonR। यह कार 1999 में भारतीय बाजार में आई थी और अपनी सरल डिजाइन, विशाल केबिन और भरोसेमंद प्रदर्शन की वजह से शुरुआती दिनों से ही लोगों की पसंद बन गई। समय के साथ कई कंपनियों ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक लॉन्च कीं, लेकिन WagonR ने जिस तरह परिवारों के दिलों में जगह बनाई, उस स्थान तक पहुंचना अन्य कारों के लिए आसान नहीं रहा।

वित्तीय वर्ष 2024–25 के आंकड़े बताते हैं कि WagonR देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही। इसकी लगभग 1.98 लाख यूनिट्स बिकना यह साबित करता है कि WagonR भारतीय सड़कों की सबसे भरोसेमंद और पसंदीदा फैमिली कार बन चुकी है। और यह अकेली सफलता नहीं है—WagonR पिछले चार सालों से लगातार नंबर एक कार बनी हुई है। आज जब ज्यादातर गाड़ी खरीदार एसयूवी या प्रीमियम सेडान में दिलचस्पी लेते हैं, तब भी WagonR का इतने बड़े स्तर पर बिकना इस कार की मजबूती और लोकप्रियता को साफ दिखाता है।

WagonR को खास बनाने वाली सबसे बड़ी चीज इसका ‘टॉल बॉय’ डिजाइन है। बाहर से यह कॉम्पैक्ट लगती है, लेकिन अंदर बैठते ही बड़ा और आरामदायक केबिन महसूस होता है। ऊंची सीटें, आसान एंट्री-एग्जिट और अच्छा लेगरूम इसे परिवारों के लिए और भी उपयोगी बनाते हैं। यही कारण है कि तीन जनरेशन में मिलाकर WagonR की 33.70 लाख से भी ज्यादा कारें भारत में बिक चुकी हैं। इस सफलता के पीछे सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि मारुति का भरोसा, बेहतर माइलेज और कम मेंटेनेंस की लागत भी एक बड़ी वजह है। अब आइए देखते हैं कि WagonR ने किन-किन कारों को पीछे छोड़कर अपने लिए मजबूत जगह बनाई।

Hyundai Santro – अच्छा प्रदर्शन लेकिन फिर भी पीछे

Hyundai Santro 1998 में लॉन्च हुई थी और उस समय यह एक बहुत चर्चित हैचबैक थी। Santro का डिजाइन आकर्षक था और इसकी बिल्ड क्वालिटी भी अच्छी मानी जाती थी। कई सालों तक भारतीय बाजार में Santro और WagonR के बीच कड़ी टक्कर रही। Santro को प्रीमियम फील और स्मूथ ड्राइव के लिए लोग पसंद करते थे, जबकि WagonR को किफायती कीमत, अच्छी माइलेज और मारुति के भरोसे की वजह से ज्यादा लोग खरीदते थे।

लगभग 17 साल तक Santro बाजार में बनी रही, लेकिन धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता कम होती गई। 2015 में Hyundai ने इसे बंद कर दिया और अपनी नई छोटी कारों Eon और i10 पर ज्यादा ध्यान दिया। हालांकि 2018 में Santro को नई डिजाइन के साथ फिर लॉन्च किया गया, लेकिन तब तक WagonR ने बाजार में अपना मजबूत स्थान हासिल कर लिया था। दोबारा लॉन्च होने के बावजूद Santro ज्यादा सेल नहीं कर पाई और 2022 में इसे फिर से बंद करना पड़ा। इस दौरान WagonR की पकड़ बाजार में और मजबूत हो चुकी थी।

Tata Indica – दमदार कार लेकिन WagonR जैसा जुड़ाव नहीं बना पाई

Tata Indica भी WagonR की एक महत्वपूर्ण प्रतिद्वंद्वी थी। इंडिका के बड़े केबिन, चौड़े डिजाइन और दमदार इंजन ने कई ग्राहकों को शुरुआत में अपनी ओर आकर्षित किया। इसकी कीमत भी WagonR से कम थी, इसलिए कई लोग इसे एक किफायती विकल्प मानते थे। लेकिन समय के साथ WagonR की विश्वसनीयता और मारुति के मजबूत नेटवर्क ने इंडिका को पीछे छोड़ दिया।

टाटा ने इंडिका में कई बदलाव किए, फेसलिफ्ट लाए और डीज़ल इंजन विकल्प भी दिया, लेकिन WagonR जैसी लोकप्रियता उसे नहीं मिल पाई। धीरे-धीरे इंडिका की सेल घटती गई और 20 साल के उत्पादन के बाद 2018 में इसे बंद कर दिया गया। जहां इंडिका ग्राहकों को स्पेस और ताकत देती थी, वहीं WagonR लोगों के लिए सरल, भरोसेमंद और लंबे समय तक टिकने वाला विकल्प बन गई।

Fiat Uno – अंतरराष्ट्रीय पहचान लेकिन भारतीय बाजार में असफल

Fiat Uno एक ऐसी कार थी जिसने दुनिया के कई बाजारों में पहचान बनाई थी। जब इसे भारत में लॉन्च किया गया तो उम्मीद थी कि यह यहां भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। लेकिन भारतीय बाजार की जरूरतें और व्यवहार विदेशी बाजारों से काफी अलग थे। Uno को इंडियन फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन की कई समस्याएं झेलनी पड़ीं। इसके अलावा सर्विस नेटवर्क सीमित होने की वजह से भी ग्राहकों में भरोसा पैदा नहीं हो पाया।

Uno में फीचर्स और डिजाइन अच्छा था, लेकिन WagonR जैसी उपयोगिता और किफायत उसमें नहीं थी। भारतीय ग्राहकों को ऐसी कार चाहिए थी जो कम खर्च में ज्यादा सुविधा दे सके, और WagonR ने वही किया। कुछ ही वर्षों बाद Uno की बिक्री गिरती गई और Fiat ने इसे भारत में बंद कर दिया।

Daewoo Matiz – सुंदर डिजाइन लेकिन कम उम्र

Daewoo Matiz 1998 में बाजार में आई थी और अपने समय की सबसे स्टाइलिश हैचबैक में मानी जाती थी। इसका डिजाइन आकर्षक था और यह शहर में चलाने के लिए एक हल्की और आसान कार थी। लेकिन सिर्फ एक साल बाद ही WagonR लॉन्च हो गई, जिसने ग्राहकों को ज्यादा स्पेस, बेहतर सीटिंग और भरोसेमंद प्रदर्शन जैसे फायदे दिए।

दूसरी ओर Daewoo कंपनी की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई और आखिरकार 2002 में कंपनी दिवालिया हो गई। इसके बाद Matiz भी बाजार से गायब हो गई। WagonR अपनी विश्वसनीयता और प्रैक्टिकल डिजाइन की वजह से लगातार ऊपर चढ़ती रही और Matiz जैसी कारें धीरे-धीरे खत्म हो गईं।

WagonR क्यों बनी भारत की सबसे भरोसेमंद फैमिली कार?

WagonR की सफलता का राज सिर्फ इसका डिजाइन नहीं है। यह कार शहर और हाईवे दोनों पर आराम से चलती है। माइलेज अच्छा देती है और मेंटेनेंस भी कम लगता है। परिवारों के लिए इसका बड़ा केबिन, आसान ड्राइविंग और सस्ती सर्विसिंग इसे परफेक्ट फैमिली कार बनाते हैं। यही वजह है कि WagonR पिछले कई सालों से भारतीय परिवारों की पहली पसंद है और आने वाले वर्षों में भी यह अपनी जगह आसानी से बनाए रखेगी।https://www.indiatoday.in/auto/cars/story/hyundai-santro-the-car-that-challenged-marutis-supremacy-2707683-2025-04-12

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