OnePlus Nord N30 SE 5G में 50 MP प्राइमरी कैमरा और 2 MP डेप्थ लेंस है।
विशेषताएं: OnePlus Nord N30 SE 5G का 6.72 इंच का पंच-होल कट एलसीडी डिस्प्ले है।
OnePlus Nord N30 SE 5G में 5,000mAh की बैटरी है।
OnePlus ने अपना नवीनतम स्मार्टफोन OnePlus Nord N30 SE 5G चुपचाप लॉन्च किया है। यह स्मार्टफोन पूर्ववर्ती Nord N20 SE है, जो 2022 में पेश किया गया था। OnePlus Nord N30 SE 5G में 6.72 इंच का LCD डिस्प्ले और 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है। OnePlus Nord N30 SE 5G के सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस के बारे में यहां हम अधिक जानकारी देंगे।
One Plus वेबसाइट ने OnePlus Nord N30 SE 5G को सूचीबद्ध किया है। OnePlus Nord N30 SE 5G में FHD+ रेजॉल्यूशन और 6.72 इंच का पंच-होल कटआउट एलसीडी डिस्प्ले है। रेक्टेंगुलर कैमरा द्वीप फोन के पीछे है। फोन में 5,000mAh की बैटरी है, जो 33W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट करती है। OxygenOS 13.1 नामक एंड्रॉइड 14 पर आधारित यह स्मार्टफोन उपलब्ध है।One Plus Nord N30 एसई 5जी में दो मेगापिक्सल डेप्थ लेंस और 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा है। साथ ही फ्रंट में 8 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। मीडियाटेक डाइमेंशिटी 6020 प्रोसेसर इस फोन में है। इस स्मार्टफोन में 128GB इनबिल्ट स्टोरेज और 4GB रैम है। OnePlus Nord N30 SE 5G का प्राइमरी कैमरा 50 मेगापिक्सल है। Read more
High Court का फैसला: महिलाओं को भारतीय कानून में संपत्ति से जुड़े कई अधिकार दिए गए हैं। जब एक महिला अपने माता-पिता के घर छोड़कर ससुराल आती है, तो उसे ऑटोमेटिक रूप से कुछ अधिकार मिलते हैं। लेकिन उसके पति या सास ससुर की अनुमित पर ही उसे संपत्ति से जुड़े कुछ अधिकार मिलते हैं। अब सवाल उठता है कि क्या बहू सास-ससुर की संपत्ति पर दावा कर सकती है? हाई कोर्ट ने इस बारे में महत्वपूर्ण Decision दिया है।
HR Latest News, Digital Desk— कई बार देखा गया है कि सास-ससुर अपनी ही बहू से इतने परेशान होते हैं कि वे उसे साथ नहीं रखना चाहते या उसके साथ रहना नहीं चाहते। High Court इस मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। High Court ने झगड़ालू बहू से परेशान बुजुर्गों को बड़ी राहत दी है। अब बुजुर्ग को अपने बेटे और पत्नी के बीच होनेवाली दैनिक बहस सहनी नहीं होगी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्णय दिया है कि बुजुर्ग मां-बाप को बहू को घर से निकालने का अधिकार है, विशेष रूप से संपत्ति के अधिकार।
ये अधिकार सास-ससुर के पास हैं
High Court ने साफ कर दिया कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत किसी भी बहू को संयुक्त घर में रहने का अधिकार नहीं है। उसके ससुराल के बुजुर्गों, माता-पिता या पिता-पिता, उसे संपत्ति से बाहर कर सकते हैं। शांतिपूर्ण जीवन जीने के हकदार हैं सास-ससुर। उन्हें इससे कोई रोक नहीं सकता। ऐसी बहू को अपनी संपत्ति से बेदखल करने का अधिकार बुजुर्गों को है।
वैकल्पिक आवास अधिनियम
निचली अदालत के आदेश के खिलाफ एक बहू की अपील पर हाईकोर्ट के जस्टिस ने सुनवाई की। इसमें बहू ने कहा कि उसे ससुराल में रहने का अधिकार नहीं दिया गया है, अर्थात् पुत्री-भतीजा का अधिकार संपत्ति पर।
जस्टिस ने कहा कि संयुक्त परिवार के मामले में संपत्ति के मालिक बहू को संपत्ति से निकाल सकते हैं। हां, याचिकाकर्ता को शादी जारी रहने तक वैकल्पिक आवास मिलना उचित होगा।
सास-ससुर की स्वीकृति आवश्यक
न्यायमूर्ति ने कहा कि इस मामले में सास-ससुर लगभग 74 और 69 वर्ष के हैं। उन्हें खुशहाल जीवन जीने और बेटे-बहू के बीच वैवाहिक विवाद से बचने का अधिकार है। “मेरा मानना है कि चूंकि दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण संबंध हैं, ऐसे में जीवन के अंतिम पड़ाव पर बुजुर्ग सास-ससुर के लिए बहू के साथ रहना सही नहीं होगा,” उन्होंने कहा। घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम की धारा 19(1)(AF) के तहत याचिकाकर्ता को कोई वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। जस्टिस ने बहू को अलग रहने का आदेश दिया।
अदालत ने निर्णय दिया कि ससुर द्वारा स्वअर्जित संपत्ति पर बहू को कोई अधिकार नहीं है। पति की अनुमति होने तक पत्नी को संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं मिलेगा।इससे पता चला कि जब तक किसी महिला का पति किसी संपत्ति पर अधिकार रखता है, तब तक उस महिला का कोई अधिकार नहीं हो सकता। विशेष रूप से ससुराल की संपत्ति (in-laws property) में
माता पिता भी अपने बेटे को छोड़ सकते हैं—
दिल्ली High Court ने कुछ समय पहले एक फैसले में कहा था कि बेटा माता-पिता के घर में रह सकता है, जब तक उनकी अनुमति है। वह अपने पिता की संपत्ति में रहने के लिए अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकता है।
ये तब होता है जब पिता ने अपनी संपत्ति (पिता की संपत्ति) खुद खरीदी हो। लेकिन पिता या दादा ने संपत्ति खरीदी हो तो ये कानून लागू नहीं होंगे। ये भी महत्वपूर्ण है कि बेटी का माता-पिता की संपत्ति पर अधिकार समान हैhttps://navbharattimes.indiatimes.com/india/haq-ki-baat-rights-of-daughter-in-law-in-matrimonial-houses-laws-and-landmark-judgements/articleshow/92974967.cms
बहू का सास-ससुर की संपत्ति पर अधिकार
अब कानून सास-ससुर की संपत्ति में बहू के अधिकार पर क्या कहता है। बहू को सास-ससुर की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं है। महिला ना तो उनके जीवित रहते हैं और ना ही उनके देहांत के बाद संपत्ति का दावा कर सकती हैं। सास-ससुर की मृत्यु होने पर उनके पति को संपत्ति का अधिकार मिलता है। लेकिन पहले पति और फिर सास-ससुर मर गए। ऐसी स्थिति में महिला संपत्ति का स्वामित्व रखती है। इसके लिए यह आवश्यक है कि सास-ससुर ने वसीयत को किसी और व्यक्ति के नाम नहीं दिया हो। इतना ही नहीं, बेटा माता-पिता की अनुमति के बिना अपने घर में नहीं रह सकता। कानून का सहारा लेते हुए भी पुत्र उनके घर में रहने का दावा नहीं कर सकता
पति की मौत पर पत्नी का अधिकार
जब कोई व्यक्ति मर जाता है, तो संपत्ति की वसीयत लिखे बिना उसकी संपत्ति पर अधिकार के बारे में कानून स्पष्ट है। इस मामले में व्यक्ति की संपत्ति विधवा पत्नी और मां को मिलती है। लेकिन व्यक्ति ने वसीयत में किसी दूसरे को अधिकार नहीं दिया होना जरूरी है।
ज्यादातर लोगों का मानना है कि पत्नी का पति की संपत्ति पर पूरा हक होता है, लेकिन यह सच नहीं है। पत्नी के अलावा परिवार के सभी सदस्यों को इस संपत्ति पर अधिकार है। पति की कमाई से प्राप्त संपत्ति पर पत्नी, मां और बच्चों का भी अधिकार होता है। यदि किसी व्यक्ति ने अपनी वसीयत बनाई है, तो उसकी मौत के बाद उसकी संपत्ति उसके नॉमिनी को मिलती है। वह भी उसकी पत्नी हो सकती है, नॉमिनी। वहीं, अगर कोई व्यक्ति बिना वसीयत के मर जाता है, तो उसकी संपत्ति पत्नी, मां, बच्चे और अन्य लोगों में बराबर बाँट दी जाती है।
पत्नी का पति की पैतृक संपत्ति पर अधिकार
किसी महिला को अपने पति की मौत पर पैतृक संपत्ति पर अधिकार नहीं है। पति की मृत्यु के बाद महिला को ससुराल से बाहर नहीं निकाला जा सकता। जबकि ससुराल वालों को महिला को सुरक्षा प्रदान करनी होती है कोर्ट ससुराल वालों की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। महिला के बच्चे पिता के हिस्से की पूरी संपत्ति पाते हैं। यदि एक विधवा महिला दूसरी शादी कर लेती है, तो उसे कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी।
Royal Enfield Bullet 350 ने मिलिट्री सिल्वर ब्लैक और मिलिट्री सिल्वर रेड नामक दो नए रंगों में अपनी सबसे लोकप्रिय बाइक बुलेट 350 को पेश किया है। दोनों संस्करणों में सिल्वर कलर के पिनस्ट्रिप्स और मैटल से बने बुलेट 350 बैज हैं।यह पिनस्ट्रिप हाथ से रंगा जाता है। रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 का दिखने वाला रूप इस नवीनतम अपडेट से अधिक आकर्षित होता है। मिलिट्री रेड, मिलिट्री ब्लैक, स्टैंडर्ड ब्लैक, स्टैंडर्ड मैरून और ब्लैक गोल्ड बाइक के रंग हैं।नई बुलेट 350 को जे-सीरीज प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, जो कंपनी के दूसरे 350cc मॉडल, जैसे क्लासिक रीबॉर्न, मेटियोर और हंटर के लिए उपलब्ध है। भारत में होंडा CB350 और जावा 42 जैसी बाइकों का मुकाबला होगा
नए पिनस्ट्रिप्स संस्करण के साथ बुलेट 350 का सबसे कम मूल्य
नए संस्करणों की कीमत 1.79 लाख रुपये है। पिनस्ट्रिप्स के साथ ये कंपनी का सबसे सस्ता उत्पाद है। 1.97 लाख रुपए में गोल्डन पिनस्ट्रिप्स के साथ स्टैंडर्ड वैरिएंट का मूल्य है।
शुरुआती बाइक की कीमत 1.73 लाख रुपए है, जबकि बेस्ट वैरिएंट 2.15 लाख रुपए है। सभी कीमतें एक्स शोरूम मूल्यों पर आधारित हैं। रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 में नई पेंट योजना के अलावा कोई बदलाव नहीं हुआ है।
New Royal Enfield Bullet 350: बनावट
New Generation बुलेट 350 में नई हैलोजन हेडलाइट और टेललाइट दी गई हैं, जो पुराने रूप को बरकरार रखते हैं। इसके बावजूद, बाइक में कुछ बदलाव दिखाई देते हैं। फ्रेम, इंजन, एक पीस सीट डिजाइन, आयताकार साइड बॉक्स और नए हैंडलबार इसमें शामिल हैं। रियर फेंडर थोड़ा छोटा है, जबकि फ्रंट फेंडर लंबा है। नई बुलेट में कॉपर की पिनस्ट्रिपिंग, क्रॉउन इनसिग्निया, मैट और ग्लास ब्लैक फ्यूल टैंक और गोल्ड और तांबे का 3D बैज है। पीशूटर एग्जॉस्ट मफलर में एक अतिरिक्त सुधार है।
New Royal Enfield Bullet 350: Performance
New Generation Bullet 350 में जे-सीरीज का 349cc वाला सिंगल-सिलेंडर, एयर/ऑयल-कूल्ड इंजन है, जो कंपनी की पुरानी 350 और हंटर 350 में भी है। ये इंजन 27.1 nm का अधिकतम टॉर्क और 20.17 hp की अधिकतम पावर उत्पन्न करता है। ट्रांसमिशन के लिए इंजन में पांच स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स लगाया गया है।
राजधानी बुलेट 350: कंफर्ट और ब्रैकिंग विशेषताएं
यह बाइक कंफर्ट राइड के लिए फ्रंट में दो डाउनट्यूब फ्रेम टेलीस्कोपिक फोर्क्स और दो रियर शॉक एब्जार्बर है। 19 इंच फ्रंट वायर-स्पोक व्हील्स और 18 इंच रियर वायर-स्पोक व्हील्स हैं, दोनों में ट्यूब वाले टायर लगे हैं। पुराने टायरों से अधिक मोटे हैं।
ब्रेकिंग सिस्टम के लिए, दो-चैनल ABS के साथ मिड और टॉप संस्करणों में 300 मिमी फ्रंट और 270 मिमी रियर डिस्क ब्रेक हैं। Base variant में सिंगल-चैनल ABS और रियर में ड्रम ब्रेक है।
फीचर्स में, नवीनतम संस्करण की बुलेट में USB चार्जिंग पोर्ट, एनालॉग स्पीडोमीटर, फ्यूल गेज और सेवा रिमाइंडर शामिल हैं। रॉयल एनफील्ड की नई बुलेट, अन्य मॉडलों की तरह, आपको सभी एक्सेसरीज और कस्टमाइजेशन विकल्प मिलेंगे।
Nationl Voters Day 2024: 25 जनवरी को देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस विशिष्ट दिन पर लोगों को मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने और वोट देने का आह्वान किया जाता है। 2011 में राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्घाटन हुआ था। भारत के चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी, और 2011 से इसे एक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। 25 जनवरी को 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पहली बार राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया। 25 जनवरी को इसके बाद से हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। यदि आप अभी तक अपना वोटर कार्ड नहीं बनाया है, तो यह खबर आपके लिए है। हम इस लेख में आपको बहुत आसान तरीके से ऑनलाइन वोटर कार्ड बनाने की जानकारी देंगे।
https://voters.eci.gov.in/ पर अपने फोन या लैपटॉप से वोटर कार्ड डाउनलोड करें। अब फोन नंबर का उपयोग करके अपनी आईडी बनाएं। उसके बाद, उसी आईडी का उपयोग करके लॉगिन करें। आपको लेफ्ट साइड में सबसे ऊपर नए मतदाता के रूप में पंजीकृत करना होगा, जहां आप फॉर्म 6 भरें का विकल्प देखेंगे। इस विकल्प पर क्लिक करें। अब आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा, जहां आप अपना नाम और पता भरेंगे। अपनी फोटो अपलोड करें और अपने घर मेंबर का वोटर कार्ड नंबर दें। अब एड्रेस के तौर पर आधार कार्ड अपलोड करें।
आपको लेफ्ट साइड में सबसे ऊपर नए मतदाता के रूप में पंजीकृत करना होगा, जहां आप फॉर्म 6 भरें का विकल्प देखेंगे। इस विकल्प पर क्लिक करें। अब आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा, जहां आप अपना नाम और पता भरेंगे। अपनी फोटो अपलोड करें और अपने घर मेंबर का वोटर कार्ड नंबर दें। इसके बाद एड्रेस के तौर पर आधार कार्ड अपलोड करें।
सभी विवरण भरने के बाद चेक करके सबमिट करें। बाद में आपको एप्लिकेशन आईडी मिलेगा, जिसे सुरक्षित रखें। आप करीब एक हफ्ते बाद इसी वेबसाइट पर जाकर अपने एप्लिकेशन को देख सकते हैं। वोटर कार्ड बनने के बाद आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं। वोटर कार्ड आपके घर भी कुछ दिनों बाद पहुंचेंगे। यदि आपको अंग्रेजी बोलने में परेशानी होती है, तो आप वेबसाइट को हिंदी में अनुवाद कर सकते हैं। भाषा बदलने का विकल्प राइट साइड के सबसे ऊपर कोने में है।
2028 में, टेक कंपनी एपल अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करेगी। उसने पहले कहा था कि वह 2026 में बिना स्टीयरिंग व्हील वाली फुली ऑटोमोटिव ड्राइव कार को मार्केट में लाने वाली है।
ब्लूमबर्ग ने कहा कि कंपनी ने अपनी लॉन्चिंग रणनीति में परिवर्तन किया है। अब एपल अपनी पहली EV में सेमी-ऑटोमेटिक ड्राइव विकल्प को पेश करेगा। अब एपल कार को लेवल 2 ऑटोमोटिव ड्राइव सिस्टम के साथ बना रहा है, जैसे टेस्ला और अन्य इलेक्ट्रिक व्हीकल।
वाइस प्रेसिडेंट केविन लिंच ने परियोजना का नेतृत्व किया/Apple’s first electric car
2021 से, एपल के वाइस प्रेसिडेंट केविन लिंच इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। लिंच के गाइडेंस में ही कम्पनी ने पुरानी रणनीति बदल दी है। इसमें ऑटोपायलट सिस्टम के बावजूद ड्राइवरों को कार को नियंत्रित करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यह पहले लेवल 4+ ऑटोमेशन के साथ विकसित किया जाना था।
क्या लेवल 2 और 4 ऑटोमोटिव ड्राइविंग हैं?
पार्शियल सेल्फ ड्राइविंग (FSD) सिस्टम लेवल 2 ड्राइविंग सिस्टम है। इस कार में एडवांस्ड ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) प्राइमरी ड्राइविंग फंक्शन को नियंत्रित करता है। लेकिन लेवल 4 ऑटोनोमस ड्राइविंग तकनीक में कार पूरी तरह से ऑटो ड्राइव मोड में चलती है। इसमें ड्राइवर का पद चुनावीय है।
Apple’sElectri Car में स्टीयरिंग, गियर, क्लच और ब्रेकिंग सिस्टम स्वचालित हैं। यद्यपि, दोनों ड्राइविंग लेवल में चालक आवश्यकतानुसार कार को स्वचालित रूप से नियंत्रित कर सकता है। लेवल 6 में ऑटोमेटिक ड्राइव मोड उपलब्ध है। लेवल 6 पूरी तरह से स्वचालित है।
2015 से काम कर रही कंपनी अभी तक कोई प्रोटोटाइप नहीं जारी किया है
2015 से पहले, टीम ने अंडर रिसर्च प्रोजेक्ट टाइटन में अभी तक कोई विजिवल प्रोटोटाइप नहीं बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की बोर्ड इस बात को लेकर सीईओ टीम कुक पर प्रोजेक्ट पर जल्द ही ठोस योजना बनाने या इसे बंद करने का दबाव भी डाल रहा है।
Hero Mavrick 440 में बल्बनुमा फ्यूल टैंक एलईडी डीआरएल, श्राउड, डिटेल्ड हैंडलबार और गोल हेडलैंप है। स्टब्बी टेल सेक्शन और स्कूप-आउट एक-पीस सीट मॉडल का मजबूत अहसास Mavric 440 में ट्यूनिंग फोर्क-स्टाइल वाले अलॉय व्हील और स्टब्बी एग्जॉस्ट भी हैं।नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Hero Motocorp ने अपना नवीनतम वाहन Mavrick 440 पेश किया है। इसे Hero World 2024 में पेश किया गया है। आपको बता दें कि ये हीरो-हार्ले का दूसरा उत्पाद है। इस रोडस्टर बाइक का निर्माण पिछले वर्ष की Harley-Davidson X440 से मिलता-जुलता है।
बनावट
Hero Mavrick 440 को पूरी तरह से अलग स्टाइल और फ्लेवर मिलता है, जो इसे अलग बनाता है। आपको बता दें कि मावरिक फरवरी में बुकिंग करना शुरू होगा और अप्रैल में ग्राहकों को देना शुरू होगा। इसे पांच अलग-अलग कलर योजनाओं में पेश करना होगा। Hero Mavrick 440 में श्राउड, बल्बनुमा फ्यूल टैंक, एलईडी डीआरएल, गोल हेडलैंप और डिटेल्ड हैंडलबार हैं।
स्टब्बी टेल सेक्शन और स्कूप-आउट एक-पीस सीट मॉडल का मजबूत अहसास Mavric 440 में ट्यूनिंग फोर्क-स्टाइल वाले अलॉय व्हील और स्टब्बी एग्जॉस्ट भी हैं।
Hero Mavric इंस्ट्रूमेंट कंसोल में एक भारी भरकम एलसीडी स्क्रीन है। यह ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, कॉल और एसएमएस अलर्ट, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और म्यूजिक प्लेबैक के साथ आता है।
ये Harley-Davidson X440 फ्लैगशिप प्रस्ताव 440 सीसी सिंगल-सिलेंडर एयर/ऑयल-कूल्ड इंजन से चलता है। 6-स्पीड गियरबॉक्स मोटर का हिस्सा है। लॉन्ग-स्ट्रोक इंजन 2,000 आरपीएम पर 90 प्रतिशत टॉर्क उत्पन्न करते हैं, इसलिए इन्हें टॉर्क के लिए ट्यून किया गया है। हालाँकि, हार्ले के विपरीत, हीरो ने 43 मिमी टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और पीछे मोनोशॉक का विकल्प चुना है, जबकि दोनों छोर पर डिस्क ब्रेक से दो चैनल एबीएस ब्रेकिंग परफॉरमेंस मिलता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्राण प्रतिष्ठा का समारोह संपन्न हुआ। राम को पूरा देश मानता है। 500 साल बाद राम मंदिर मिलने पर पाकिस्तानी मीडिया का क्या जवाब है, आइए देखें।
विस्तृत
लंबे बरसे के बाद आखिरकार Ramlala अयोध्या में विराजमान हो गए। रामजन्मभूमि पर मस्जिद बनाने से वापस भव्य रामलला मंदिर बनने तक लगभग पांच शताब्दी बीत गईं। भक्तों ने कठिन परिस्थितियों और संघर्षों के बाद अपना राम मंदिर पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्राण प्रतिष्ठा का समारोह संपन्न हुआ। राम को पूरा देश मानता है। 500 साल बाद राम मंदिर मिलने पर पाकिस्तानी मीडिया का क्या जवाब है, आइए देखें।
वेटिकन सिटी की तरह एक शहर बनने की इच्छा
भारत के अलावा विदेशों में भी Ramlala की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी अखबारों ने इसे लेकर लिखा है कि प्रधानमंत्री Ramlala आज बाबरी मस्जिद को गिराकर बनाए गए राम मंदिर में अपनी प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। पाकिस्तान का सबसे बड़ा अखबार द डॉन ने एक ऑपिनियन लेख प्रकाशित किया है, जिसमें लेखक परवेज हुदभोय ने कहा कि जहां पहले पांच शताब्दी पुरानी बाबरी मस्जिद हुआ करती थी, अब राम मंदिर बन रहा है। राम मंदिर के आसपास वेटिकन सिटी की तरह एक शहर बनने को तैयार है।
भारत के मुसलमान इस बात को याद रखें
फिर उन्होंने लिखा, ‘नए भारत में धार्मिक साम्प्रदायिकता अब घृणा की तरह नहीं मानी जाती।परवेज ने कहा कि हिंदुत्व का संदेश दो वर्गों को लक्षित करता है। पहले, भारत में रहने वाले मुसलमान को याद रखना चाहिए कि जैसे पाकिस्तान अपनी हिंदू आबादी को कम अधिकारों वाले दोयम दर्जे के नागरिकों के रूप में देखता है, उसी तरह भारत में रहने वाले मुसलमान को याद रखना चाहिए कि वे उन आक्रमणकारियों की अनचाही संतान हैं, जिन्होंने एक प्राचीन देश को बर्बाद कर दिया और उसकी महिमा को लूट लिया।’
जैसे को जैसे मिल गया
पाकिस्तानी अखबार ने आगे कहा कि मार्च 2023 में एक भीड़ ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर एक सदी पुराने मदरसे और प्राचीन पुस्तकालय को जला दिया था। 12वीं सदी में बख्तियार खिलजी नामक मुस्लिम आक्रमणकारी ने नालंदा विश्वविद्यालय को आग लगा दी, जिससे उसकी बड़ी लाइब्रेरी जलकर खाक हो गई। हिंदुत्ववादियों ने मदरसे और पुस्तकालयों को नष्ट करना जैसे को तैसा था।
हिंदुविरोधी के रूप में..।
लेख में हिंदुत्व को एक और लक्ष्य बताते हुए कहा गया, “दूसरा संदेश भाजपा के विपक्ष, कांग्रेस के लिए है कि वह धर्मनिरपेक्षता छोड़कर धार्मिक पिच पर आ गई और भाजपा के साथ खेलती दिखी।” वह ऐसा नहीं करती तो उसे हिंदू विरोधी समझा जाएगा।’
पाकिस्तान टुडे ने बताया कि सोमवार को उस स्थान पर, जिसे लाखों भारतीय राम का जन्मस्थान मानते हैं, एक विशाल मंदिर का उद्घाटन किया गया। मंदिर पिछले 35 वर्षों से बन रहा है। मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी ने मंदिर बनाने का वादा किया था. यह हमेशा से उनके लिए एक राजनीतिक मुद्दा रहा है, जिसने पार्टी को सत्ता में आने और बने रहने में सहायता दी है। समाचार पत्र ने लिखा, ‘हिंदू समूह अयोध्या में उद्घाटन समारोह को सदियों से मुस्लिम और औपनिवेशिक शक्तियों के अधीन रहने के बाद हिंदू जागृति के रूप में चित्रित कर रहा है। साथ ही, समारोह को पीएम मोदी के चुनावी अभियान की आभासी शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो मई में होने वाले आम चुनावों में होगा।’ अखबार ने कहा कि मंदिर स्थल दशकों तक विवाद का विषय रहा क्योंकि इस पर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने दावा किया है। 1992 में हिंदुओं की भीड़ ने 16वीं शताब्दी की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया। भारत में बहुत से हिंदू लोगों का मानना है कि भगवान राम यहाँ पैदा हुए थे. 1528 में मुस्लिम मुगलों ने एक मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाई। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुओं को जमीन दी और मुसलमानों को अलग-अलग प्लॉट मिले।https://www.aajtak.in/world/story/ram-mandir-inauguration-in-ayodhya-pakistan-qatar-media-on-pm-modi-attending-pran-pratishta-in-ayodhya-ram-mandir-tlifwr-1864313-2024-01-22
मंदिर 2025 तक पूरा हो जाएगा।
पाकिस्तानी अखबार ने राम मंदिर की विशालता का उल्लेख करते हुए कहा, ‘मंदिर 2.67 एकड़ में बनाया जा रहा है जिसका परिसर 70 एकड़ में फैला है.’ मंदिर दिसंबर 2025 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। मंदिर बनाने में अनुमानित 15 अरब रुपये खर्च होंगे।’
धर्मनिरपेक्षता को भगवा राजनीति ने धक्का लगाया
अलजजीरा ने एक ऑपिनियन लेख में कहा कि ‘भारत की धर्मनिरपेक्षता भगवा राजनीति के पहाड़ तले दब गई है।भारत की एक राजनीतिक टिप्पणीकार इंसिया वाहन्वति ने एक लेख में कहा कि धर्मनिरपेक्ष भारत के किसी प्रधानमंत्री का मंदिर खोला जाना अनुचित है। लेख में कहा गया, ‘आज भी मुसलमानों को बाबरी मंदिर का विध्वंस दुखदायी है। विध्वंस के बाद हुए दंगों में मारे गए लोगों को आज भी याद है। राजनीतिक वादे किए गए थे कि मस्जिद फिर से बनाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’
White Hair Treatment: धीरे-धीरे बाल सफेद होने लगते हैं। आजकल, उम्र से पहले ही सफेद बालों की समस्या का सामना करना आम है। बालों को काला करने के लिए लोग कलर और डाई का इस्तेमाल करते हैं। इनसे बालों को काला कलर कर सकते हैं। आप नेचुरली काले बाल चाहते हैं तो आंवला का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बालों को काला करता है,और उन्हें मजबूत बनाता है। तो चलिए बालों को काला करने के लिए आंवला का उपयोग करते हैं।
आंवला का इस्तेमाल बालों को काला करने के लिए(Use of Amla for Blackening Hair)
आप आंवला को बालों में प्राकृतिक डाई के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। 100 ग्राम आंवला लें और इसके बीजों को निकाल लें
बीज निकालने के बाद आंवला को लोहे की कड़ाही में एक कप पानी के साथ गर्म कर लें। पानी उबलने पर आंच कम करें।
आंवला का पानी उबालें जब तक वह काला नहीं हो जाता। इस आंवले को काला होने में आधे घंटे लगेंगे। इसके बाद इसे पूरी रात कड़ाही में रख दें।
रात को आंवला को मिक्सी में पीस लें; अच्छे से पीसने के बाद इसका पेस्ट बनाकर बालों पर लगा लें। करीब दो घंटे बाद सादा पानी से बाल धोने से बाल काले होंगे और अधिक मजबूत होंगे।
Weight Loss Tea: सुबह उठते ही इस चीज से बनी चाय पीकर अपने पेट और कमर की चर्बी को हर समय दूर करना है। छरहरी काया मिलेगी।
Weight Loss Drink : क्या आप भी बढ़े हुए वजन को कम करने की कोशिश कर रहे हैं? आप वजन कम करने के लिए कई प्रकार की डाइटिंग और एक्सरसाइज कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बावजूद भी आपको आवश्यक परिणाम नहीं मिल रहा है? अगर आप ऐसा करते हैं, तो आज हम आपको एक ड्रिंक बताएंगे जो आपको वजन कम करने के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी दे सकता है। हम मेथी के बीजों की बात कर रहे हैं, जो आपके घर में आम हैं। मेथी के बीजों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का प्राकृतिक उपचार माना जाता है,उन्हें चाय में मिलाकर खाना भी आपके ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और पीरियड्स की समस्या को भी कम कर सकता है। मेथी की चाय में एंटीऑक्सिडेंट और सूजन-रोधी गुण हैं, जो दिल को स्वस्थ रखते हैं और सूजन को कम करते हैं। वसा कम करने के साथ ही इस चाय पीने के लाभों को जानें।
मेथी दानों की चाय (Weight Loss Drink Methi Tea) पीने के लाभ
वजन घटाना
क्या आप जानते हैं कि मेथी के बीज का अर्क स्वस्थ लोगों में फैट को जमा होने से रोक सकता है और फैट की खपत को कम कर सकता है? इस चाय को सुबह खाली पेट पीना भी आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जो आपके वजन कम करने में बहुत अच्छा काम करता है।
Methi में प्रचुर मात्रा में ट्राइगोनेलिन नामक एक केमिकल पाया जाता है, जो शायद ब्रेन के लिए फायदेमंद हो। ये भी बढ़ती उम्र के साथ कम होती याददाश्त को स्लो करने में मदद कर सकते हैं। यह भी पार्किंसंस और अल्जाइमर की संभावना को कम कर सकता है।
हेल्दी यकृत
Methi के एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक, एंटीऑक्सिडेंट और हेपेटोप्रोटेक्टिव गुणों के कारण नॉनअल्कोहलिक फैटी लीवर रोगों का उपचार कर सकती है।
आज की दुनिया में शानदार और महंगी दिखने वाले शानदार कैमरा क्वालिटी वाले मोबाइल फोन की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ी है। यही कारण है कि सभी कंपनियां एक दूसरे से बेहतरीन उत्पादों को मार्केट में लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें Vivo भी शामिल है।
Vivo स्मार्टफोन निर्माता कंपनी अपने महंगे कैमरे और सुंदर दिखने वाले स्मार्टफोन के लिए जानी जाती है। Vivo जल्द ही एक 5G स्मार्टफोन लॉन्च करने वाली है, जो लग्जरी स्मार्टफोन की दुनिया में एक महान बादशाह बन जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, Vivo का नवीनतम स्मार्टफोन Vivo V26 5G Smartphone होगा। तो चलो जानते हैं कि इस स्मार्टफोन में क्या हैं जो इसे बाकी सभी मोबाइल फोन से अलग बनाते हैं –
Vivo V26 5G स्मार्टफोन की सर्वश्रेष्ठ विशेषताएं
Vivo V26 5G स्मार्टफोन में कई बेहतरीन फीचर्स होने की उम्मीद है। दरअसल, जानकारी के अनुसार, कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास प्रोटेक्शन वाले इस स्मार्टफोन में 6.7 इंच का सुपर सुपर AMOLED डिस्पले हो सकता है। शानदार परफॉर्मेंस के साथ ये स्मार्टफोन Android 12 ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑक्टाकोर Qualcomm Snapdragon 730 प्रोसेसर के साथ
लॉन्च होंगे। अब तक इस फोन की रिलीज़ डेट को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है।
Vivo स्मार्टफोन हमेशा से ही अपने उत्कृष्ट कैमरा के लिए जाना जाता है। ऐसे में सूत्रों के अनुसार, Vivo V26 5G स्मार्टफोन में 200MP का प्राइमरी कैमरा होगा, जो 8 MP का Ultra-Wide सेंसर कैमरा और 2 MP का माइक्रो कैमरा भी होगा। इस स्मार्टफोन में 32 MP का फ्रंट कैमरा भी है, जो सुंदर सेल्फी ले सकता है और वीडियो कॉलिंग कर सकता हैhttps://www.gadgetsnow.com/mobile-phones/Vivo-V26-Pro
Vivo V26 5G फोन की बैटरी
फीचर्स को देखकर स्पष्ट है कि ये स्मार्टफोन कम लागत का नहीं होगा। समाचार पत्रों के अनुसार,
Vivo V26 Pro 5G स्मार्टफोन की संभावित कीमत 40000 रुपये से कम हो सकती है। लेकिन इसके बारे में