Monday, December 1, 2025

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दुनिया की पहली Formula-E थीम SUV लॉन्च – Mahindra BE 6 Formula-E Edition भारत में धमाका करने को तैयार

भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में इन दिनों तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है और इसी बीच महिंद्रा ने अपनी नई और बेहद खास इलेक्ट्रिक SUV पेश कर दी है। यह SUV दुनिया की पहली Formula-E थीम पर आधारित है, जिसे कंपनी ने Mahindra BE 6 Formula-E Edition नाम दिया है। इस खास एडिशन को इतनी सावधानी और रेसिंग-स्टाइल फिनिशिंग के साथ बनाया गया है कि यह पहली नजर में ही एक प्रीमियम और हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक SUV जैसा एहसास देती है। कंपनी ने इसे FE2 और FE3 नाम के दो अलग-अलग वेरिएंट में पेश किया है और इसकी शुरुआती कीमत 23.69 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है। बुकिंग 14 जनवरी 2026 से शुरू होगी और इसकी पहली डिलीवरी 14 फरवरी से ग्राहकों तक पहुंचना शुरू हो जाएगी।

Mahindra BE 6 Formula-E Edition का दमदार एक्सटीरियर

नई Mahindra BE 6 Formula-E Edition का डिजाइन इस SUV की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। कंपनी ने इसमें आगे और पीछे दोनों हिस्सों में खास बदलाव किए हैं ताकि इसे एक रेसिंग-स्टाइल लुक मिल सके। इसके फ्रंट में नए गोलाकार एलईडी प्रोजेक्टर हेडलैंप दिए गए हैं, जो इसे एक प्रीमियम और हाई-टेक अपील देते हैं। इसके अलावा नए फ्रंट और रियर बंपर को फॉक्स और सिल्वर बैश प्लेट के साथ तैयार किया गया है, जिससे यह SUV ज्यादा मजबूत और स्पोर्टी लगती है।

इसके साथ ही इस मॉडल में 20-इंच के स्पेशल एयरो डिजाइन वाले बड़े अलॉय व्हील लगाए गए हैं, जो सड़क पर इसकी पकड़ और स्टाइल दोनों को और भी ज्यादा आकर्षक बनाते हैं। बोनट और रूफ पर दिए गए 12-स्ट्राइप Formula-E इंस्पायर्ड ग्राफिक इसकी पहचान को बिल्कुल अलग बनाते हैं। फ्रंट क्वार्टर पैनल पर दिए गए एक्सक्लूसिव Formula-E डेकल्स और फिक्स्ड ग्लास रूफ के साथ ब्लैक बॉडी क्लैडिंग इसे एक यूनिक रेसिंग SUV का लुक देते हैं। यही वजह है कि Mahindra BE 6 Formula-E Edition सड़क पर निकलते ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है।

प्रीमियम इंटीरियर और रेसिंग-थीम वाला केबिन

बाहर से यह SUV जितनी आकर्षक है, अंदर से भी उतनी ही प्रीमियम है। Mahindra BE 6 Formula-E Edition का केबिन फायरस्टॉर्म ऑरेंज थीम पर आधारित है, जिसमें सीटों और डैशबोर्ड पर खास Formula-E लोगो बनाए गए हैं। सीट बेल्ट पर FIA ब्रांडिंग दी गई है, जिससे इसकी रेसिंग थीम और भी मजबूत होती है। कार के अंदर बैठते ही एक अलग तरह का रेसिंग-स्टाइल माहौल महसूस होता है।

इस एडिशन में Formula-E से प्रेरित स्टार्टअप एनिमेशन और सिंथेटिक इंजन साउंड भी जोड़े गए हैं, जो हर बार कार स्टार्ट करने पर एक अलग ही स्पोर्टी फील देते हैं। यह SUV महिंद्रा के टॉप-एंड पैक थ्री ट्रिम पर आधारित है, इसलिए इसके सभी प्रीमियम फीचर्स जैसे एडवांस्ड टचस्क्रीन, स्मार्ट कनेक्टिविटी, हाई-क्वालिटी साउंड सिस्टम, आरामदायक सीटिंग और एम्बियंट लाइटिंग जैसे फीचर्स इसमें उपलब्ध हैं। यह सब मिलकर Mahindra BE 6 Formula-E Edition को एक लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV का अनुभव देते हैं।

पावरफुल बैटरी, शानदार परफॉर्मेंस और लंबी रेंज

परफॉर्मेंस की बात करें तो यह SUV किसी भी तरह से पीछे नहीं रहती। Mahindra BE 6 Formula-E Edition में 79kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है, जो रियर-एक्सल माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर से जुड़ा है। यह मोटर 286bhp की पावर और 380Nm का टॉर्क पैदा करती है, जो इसे हाईवे और शहर दोनों जगह एक बेहद स्मूद और पावरफुल ड्राइविंग अनुभव देती है।

कंपनी के अनुसार, इसकी ARAI सर्टिफाइड रेंज 682 किलोमीटर प्रति चार्ज है, जो इसे लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी एक शानदार इलेक्ट्रिक SUV बनाती है। भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रेंज हमेशा से लोगों की चिंता का विषय रही है, लेकिन Mahindra BE 6 Formula-E Edition इस चिंता को काफी हद तक दूर करती है। एक बार फुल चार्ज होने पर यह SUV लंबी दूरी बिना रुकावट तय कर सकती है, जो इसे अपने सेगमेंट में और भी ज्यादा आकर्षक बनाता है।

Mahindra BE 6 Formula-E Edition क्यों है खास?

अगर इसे सिर्फ एक इलेक्ट्रिक SUV कहें तो यह बहुत कम होगा। यह एक ऐसी गाड़ी है जो डिजाइन, फीचर्स, रेंज, परफॉर्मेंस और रेसिंग थीम को मिलाकर बनाई गई है। इसकी कीमत भी अपनी कैटेगरी के हिसाब से काफी आकर्षक है। महिंद्रा ने इस मॉडल के जरिए यह दिखा दिया है कि भारतीय बाजार अब सिर्फ सामान्य इलेक्ट्रिक कारों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोग एक स्टाइलिश, स्पोर्टी और एडवांस इलेक्ट्रिक SUV भी पसंद कर सकते हैं।

नई Mahindra BE 6 Formula-E Edition आने वाले समय में भारत की इलेक्ट्रिक कार दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। यह उन लोगों के लिए खास तौर पर बनाई गई है जो एक अनोखी, हाई-टेक और स्पोर्टी इलेक्ट्रिक SUV का अनुभव चाहते हैं। इसके डिजाइन और फीचर्स इसे एक प्रीमियम श्रेणी में खड़ा करते हैं, लेकिन फिर भी इसकी कीमत प्रतियोगियों की तुलना में काफी बेहतर है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह SUV आने वाले समय में भारत के EV मार्केट में एक बड़ा गेम-चेंजर बन सकती है।https://www.timesnowhindi.com/auto/mahindra-be-6-formula-e-edition-launched-in-india-at-affordable-price-know-all-feature-article-153210172

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हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी पॉपुलर स्पोर्ट्स कम्यूटर बाइक Hero Xtreme 160R 4V Cruise Control का नया वेरिएंट भारत में पेश कर दिया है। इस वेरिएंट में अब एडवांस टेक्नोलॉजी और फीचर्स जोड़े गए हैं, जिससे यह 160cc सेगमेंट की अन्य बाइक्स से अलग और खास बन गई है। सबसे बड़ा बदलाव इसका क्रूज़ कंट्रोल फीचर है, जो पहली बार इस सेगमेंट में पेश किया गया है। कंपनी ने इस वेरिएंट को एक्स-शोरूम 1,34,100 रुपये में लॉन्च किया है, जो स्टैंडर्ड मॉडल से लगभग 4,500 रुपये ज्यादा है।

नए मॉडल में मैकेनिकल सेटअप लगभग वही है जो पुराने Xtreme 160R में था। इसमें 163.2cc का सिंगल-सिलिंडर, एयर/ऑयल-कूल्ड इंजन है, जो 8,500 RPM पर 16.9hp और 6,500 RPM पर 14.6 Nm टॉर्क पैदा करता है। इसका मतलब है कि परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन बाइक की टेक्नोलॉजी और फीचर्स इसे और भी प्रीमियम बनाते हैं।

नया लुक और स्मार्ट फीचर्स

Hero Xtreme 160R 4V Cruise Control में सबसे पहले ध्यान आकर्षित करती है नई LED हेडलाइट, जो Xtreme 250R जैसी स्पोर्टी दिखती है। इसके साथ नया 4.2 इंच का कलर्ड LCD इंस्ट्रूमेंट कंसोल भी है, जिसमें राइड से जुड़ी सभी जानकारियाँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। कंपनी ने बाइक के ग्राफिक्स में बदलाव किया है और चार नए कलर ऑप्शन पेश किए हैं, जिससे बाइक की स्पोर्टी अपील और बढ़ गई है।

सबसे खास फीचर है क्रूज़ कंट्रोल और राइड-बाय-वायर थ्रॉटल। लंबे सफर पर यह फीचर राइडर के लिए आरामदायक साबित होता है। राइडर अब तय स्पीड पर बाइक चला सकता है, बिना बार-बार थ्रॉटल को पकड़े। इसके साथ बाइक में तीन राइडिंग मोड – रेन, रोड और स्पोर्ट – भी हैं। इन मोड्स के माध्यम से राइडर अलग-अलग रोड कंडीशन्स में आसानी से बाइक को नियंत्रित कर सकता है।

राइडिंग अनुभव और एडवांस टेक्नोलॉजी

इस वेरिएंट में हैंडलबार पर नया स्विचगियर भी दिया गया है, जिससे राइडिंग मोड बदलना और क्रूज़ कंट्रोल एक्टिव करना बेहद आसान हो जाता है। यह फीचर पहले ही Xtreme 125R और Glamour X जैसे मॉडलों में देखा गया था, लेकिन 160cc सेगमेंट में इसका आना एक बड़ा अपडेट माना जा रहा है। इससे लंबी दूरी की राइड्स में थकान कम होती है और राइडिंग अनुभव और भी आरामदायक बन जाता है।

Hero Xtreme 160R 4V Cruise Control का डिजाइन और लुक भी काफी आकर्षक है। नई हेडलाइट, कलर्ड LCD कंसोल और नए ग्राफिक्स इसे अन्य बाइक्स से अलग पहचान देते हैं। सीट और एर्गोनॉमिक्स भी लंबे सफर के लिए आरामदायक हैं। युवा राइडर्स और रोजमर्रा के उपयोग के लिए इसे आदर्श बाइक बनाया गया है।

सुरक्षा और परफॉर्मेंस

बाइक में राइड-बाय-वायर सिस्टम की वजह से थ्रॉटल रिस्पॉन्स तेज और सटीक होता है। क्रूज़ कंट्रोल की मदद से राइडर लंबी दूरी पर भी स्पीड बनाए रख सकता है और बार-बार हैंडलबार पर ध्यान देने की जरूरत नहीं होती। इसका मतलब है कि यह बाइक हाईवे और शहर दोनों में आरामदायक और सुरक्षित राइडिंग के लिए उपयुक्त है।

कुल मिलाकर, Hero Xtreme 160R 4V Cruise Control एक ऐसा मॉडल है जिसमें स्पोर्टी लुक, एडवांस फीचर्स और भरोसेमंद परफॉर्मेंस का बेहतरीन मिश्रण है। यह बाइक युवा राइडर्स के लिए आकर्षक है और रोजमर्रा की राइड में मॉडर्न फीचर्स चाहने वालों के लिए भी सही विकल्प है।

नया वेरिएंट न सिर्फ टेक्नोलॉजी और फीचर्स में आगे है, बल्कि यह 160cc सेगमेंट की बाइक्स में क्रूज़ कंट्रोल फीचर लाकर एक नया ट्रेंड सेट कर रहा है। यदि आप एक भरोसेमंद, स्टाइलिश और एडवांस फीचर्स वाली बाइक की तलाश में हैं, तो Hero Xtreme 160R 4V Cruise Control आपकी जरूरतों को पूरा कर सकती है।

इस नए वेरिएंट का फायदा यह है कि यह लंबी दूरी की राइड्स में आराम देता है, तकनीकी दृष्टि से एडवांस है और स्पोर्टी लुक के साथ प्रीमियम अनुभव देता है। युवा राइडर्स और एडवांस फीचर्स के शौकीनों के लिए यह बाइक एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है।https://hindi.news18.com/news/auto/bikes-hero-xtreme-160r-4v-cruise-control-launched-with-new-features-ws-ael-9896665.html

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आज इंटरनेट का इस्तेमाल इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि घर, ऑफिस, दुकान, होटल—हर जगह WiFi एक आम सुविधा बन चुका है। हम अक्सर सोचते हैं कि WiFi सिर्फ तेज इंटरनेट देने का एक साधन है, लेकिन एक नई रिसर्च ने इस भरोसे को हिला दिया है। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अब साधारण WiFi राउटर भी खामोशी से आपकी पहचान, चाल और गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं। यही वजह है कि WiFi spying को अब एक गंभीर प्राइवेसी खतरा माना जा रहा है।

WiFi कैसे बिना बताए आपकी पहचान और चाल-ढाल पकड़ लेता है

शोध में पाया गया है कि WiFi राउटर Beamforming नाम की तकनीक का उपयोग करते हैं, ताकि सिग्नल सीधा डिवाइस तक पहुंच सके। इसके लिए आपका फोन, लैपटॉप या टैबलेट राउटर को छोटे-छोटे फीडबैक भेजते रहते हैं। इसे Beamforming Feedback Information (BFI) कहा जाता है।
समस्या यह है कि यह BFI बिल्कुल अनएन्क्रिप्टेड रहता है, यानी इसे कोई भी नजदीकी डिवाइस आसानी से पकड़ सकता है।

रिसर्चर्स का दावा है कि इसी BFI के जरिए WiFi spying इतनी सटीक हो चुकी है कि कोई व्यक्ति कमरे में कैसे चल रहा है, कितनी तेजी से चल रहा है, और उसकी चाल कैसी है—यह सब पहचाना जा सकता है। जांच में पता चला कि यह पहचान 99.5% तक सटीक हो सकती है, जो कि किसी भी CCTV कैमरे की क्षमता से कहीं ज्यादा है।

स्टडी में किया गया प्रयोग और चौंकाने वाले नतीजे

रिसर्च टीम ने 6 GHz बैंड पर दो WiFi एक्सेस पॉइंट और चार लिसनिंग पॉइंट के साथ एक सेटअप बनाया। इस सेटअप में उन्होंने 197 लोगों को अलग-अलग तरह से चलते हुए रिकॉर्ड किया—जैसे:

  • धीमी चाल
  • तेज कदम
  • मुड़कर चलना
  • हाथ में बैग या वजन लेकर चलना

उन्होंने इन लोगों की मूवमेंट के दौरान BFI डेटा इकट्ठा किया और इसे एक साधारण न्यूरल नेटवर्क में डालकर विश्लेषण किया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि अकेले BFI की मदद से कंप्यूटर मॉडल 160 से ज्यादा लोगों को लगभग 100% सटीकता से पहचान रहा था।

यानी अगर आप किसी कमरे में बस चल भी रहे हैं, तो आपका WiFi राउटर आपकी चाल को याद कर सकता है। यही कारण है कि WiFi spying आज सबसे तेज़ी से उभरता प्राइवेसी खतरा साबित हो रहा है।

WiFi क्यों CCTV से भी ज्यादा खतरनाक निगरानी टूल बन सकता है

CCTV कैमरे कम से कम दिखते तो हैं, और लोग उन्हें देखकर सतर्क हो सकते हैं। लेकिन WiFi राउटर चुपचाप दीवार, छत या टेबल पर लगा रहता है। कोई नहीं सोचता कि यह भी निगरानी का साधन बन सकता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि CSI (Channel State Information) को पकड़ने के लिए खास हार्डवेयर की जरूरत होती है, लेकिन BFI हर साधारण राउटर से आसानी से मिल जाता है। इसका मतलब है कि बिना किसी पासवर्ड, हैकिंग या खास तकनीक के भी किसी की मूवमेंट ट्रैक की जा सकती है।

यही बात WiFi spying को भविष्य की एक अदृश्य निगरानी प्रणाली में बदल देती है।

पहचान होने के बाद कितना खतरा बढ़ जाता है

इस रिसर्च के मुताबिक, एक बार सिस्टम किसी व्यक्ति की चाल से उसे पहचान लेता है, तो उसके बाद वह व्यक्ति जहां-जहां चलता है, जितना भी घूमता है—यह सब उसी पहचान के साथ जुड़ने लगता है।
भले ही सिस्टम को आपका नाम न पता हो, लेकिन वह आपको आपकी चाल और मूवमेंट पैटर्न से पहचान लेता है।

इससे कई बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं—

  • आपकी घर के अंदर की गतिविधियों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है
  • कब कौन कमरे में आया और कब बाहर गया—यह जाना जा सकता है
  • आपकी दिनचर्या का प्रोफाइल तैयार किया जा सकता है
  • यहां तक कि आपके व्यवहार और आदतों की पहचान की जा सकती है

यही वजह है कि विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि WiFi spying आने वाले समय में लोगों की निजी जिंदगी में सबसे बड़ा दखल बन सकती है।

सबसे बड़ी चिंता – अभी तक कोई मजबूत सुरक्षा उपाय नहीं

रिसर्चर्स ने कहा कि वर्तमान में WiFi राउटर्स में BFI को सुरक्षित करने के लिए कोई पुख्ता तरीका मौजूद नहीं है।
आज जितनी भी सुरक्षा तकनीकें उपलब्ध हैं, वे CSI जैसे डेटा को सुरक्षित करने पर ध्यान देती हैं, जबकि वास्तविक खतरा BFI में छिपा हुआ है।

अगर जल्द ही इसे सुरक्षित नहीं किया गया, तो साधारण WiFi राउटर भी लोगों की गतिविधियों की निगरानी करने वाले उपकरण बन जाएंगे, और लोगों को पता भी नहीं चलेगा कि उनके घर या ऑफिस का WiFi ही उनकी जानकारी इकट्ठा कर रहा है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक WiFi टेक्नोलॉजी में नई सुरक्षा लेयर नहीं जोड़ी जाती, तब तक लोगों को सतर्क रहना होगा।

कुछ जरूरी बातें—

  • भरोसेमंद और सुरक्षित राउटर ब्रांड का उपयोग करें
  • अनजान नेटवर्क से कनेक्ट करने से बचें
  • राउटर के फर्मवेयर को हमेशा अपडेट रखें
  • घर के WiFi को ओवरशेयरिंग से बचाने के लिए मजबूत पासवर्ड लगाएं

हालाँकि ये कदम WiFi spying को पूरी तरह नहीं रोकते, पर जोखिम को थोड़ा कम अवश्य कर सकते हैं।

निष्कर्ष: WiFi spying नया प्राइवेसी खतरा बन चुका है

WiFi पर हमारी निर्भरता बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा अभी भी उतनी मजबूत नहीं है। इस स्टडी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में WiFi आपकी चाल-ढाल से आपकी पहचान बना सकता है और आपको बिना बताए लगातार ट्रैक कर सकता है।
अगर इस तकनीक को लेकर जल्द ही नियम नहीं बनाए गए, तो WiFi spying डिजिटल दुनिया का सबसे बड़ा छिपा हुआ खतरा साबित हो सकता है।

इसलिए जरूरी है कि आम लोग भी इस मुद्दे को समझें और सरकारें तथा टेक कंपनियां मिलकर WiFi की अगली पीढ़ी को ज्यादा सुरक्षित बनाएं।https://bharat24live.com/news/spying-on-you-without-telling-you-common-wifi-routers-are-becoming-invisible-surveillance-cameras

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हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी जिंदगी आगे चलकर सुरक्षित रहे और बुढ़ापे में पैसों की चिंता न करनी पड़े। लेकिन एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए सबसे जरूरी है सही समय पर निवेश की शुरुआत करना। अगर आप जल्दी निवेश शुरू कर देते हैं, तो 10 Crore Fund Investment Plan बनाना बिल्कुल आसान हो जाता है, क्योंकि चक्रवृद्धि ब्याज आपके पैसे को तेजी से बढ़ाता है। इस लेख में आप सरल भाषा में समझेंगे कि 25 साल की उम्र से शुरुआत करके 60 की उम्र तक कैसे आप लगभग 10 करोड़ रुपये का फंड बना सकते हैं। यही नहीं, सही रणनीति और समय पर निवेश करके आप अपने 10 Crore Fund Investment Plan को और भी मजबूत बना सकते हैं।

निवेश को लेकर आम लोगों की इच्छा होती है कि पैसा सुरक्षित जगह लगे, जहां जोखिम कम हो और बचत लगातार बढ़ती रहे। इसी वजह से SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आज की तारीख में सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक माना जाता है। SIP में हर महीने छोटी राशि डालकर आप अपने 10 Crore Fund Investment Plan को लंबे समय में आसानी से पूरा कर सकते हैं। SIP का फायदा यह है कि यह सहज, सुरक्षित और नियमित निवेश का विकल्प देता है।

जो लोग 25 या 30 साल की उम्र में निवेश शुरू कर देते हैं, उन्हें बाद में बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन 40 की उम्र में सोचने वाले लोगों के लिए स्थिति उलट होती है। उन्हें कम समय में ज्यादा पैसा निवेश करना पड़ता है। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि जितना जल्दी निवेश शुरू होगा, आपका 10 Crore Fund Investment Plan उतना ही आसानी से पूरा होगा।

जल्दी निवेश शुरू करने का असली फायदा

अगर आप 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो आपका पैसा 35 साल तक बढ़ने के लिए समय पाता है। इतने लंबे समय में कंपाउंडिंग का जादू आपके पैसे को कई गुना बढ़ा देता है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप हर महीने करीब 15,396 रुपये की SIP करते हैं और लगभग 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 60 की उम्र तक आपका फंड लगभग 10 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह 10 Crore Fund Investment Plan का सबसे आसान तरीका है।

लेकिन अगर यही लक्ष्य आप 40 की उम्र में सोचते हैं, तो सिर्फ 20 साल का समय मिलता है। ऐसे में आपको हर महीने लगभग 1,00,085 रुपये लगाने होंगे। यह स्पष्ट दिखाता है कि निवेश में समय कितना महत्वपूर्ण है। सिर्फ कुछ साल की देरी भी आपके 10 Crore Fund Investment Plan को कठिन बना सकती है।

अधिकतर लोग सोचते हैं कि जब कमाई ज्यादा होगी तब निवेश करेंगे। लेकिन निवेश की खासियत यह है कि छोटी रकम से भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। असली ताकत रकम में नहीं, समय में होती है। समय जितना लंबा होगा, आपका 10 Crore Fund Investment Plan उतना ही प्रभावी परिणाम देगा।

एकमुश्त निवेश का मजबूत प्रभाव

SIP के साथ-साथ एकमुश्त यानी लम्प सम निवेश भी आपके लंबे समय के फंड को काफी बढ़ा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति 20 की उम्र में 1 लाख रुपये निवेश करता है और औसतन 12% रिटर्न मिलता रहता है, तो 60 की उम्र तक वही रकम लगभग 93 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। यह भी आपके 10 Crore Fund Investment Plan को मजबूत करने का एक तरीका है।

लेकिन यही निवेश 40 की उम्र में किया जाए, तो 20 साल बाद शायद वह सिर्फ 9 लाख रुपये तक ही पहुंचेगा। इसका मतलब साफ है — पैसा तभी तेजी से बढ़ता है जब उसे बढ़ने का लंबा समय मिलता है। इसलिए छोटे-छोटे निवेश भी भविष्य में बड़ा योगदान देते हैं और आपके 10 Crore Fund Investment Plan को पूरा करने में मदद करते हैं।

विभिन्न उम्र में 10 करोड़ का फंड बनाने के लिए SIP गणना

  • 25 साल की उम्र से शुरुआत
    मासिक SIP: 15,396 रुपये
    अवधि: 35 साल
    कुल फंड: 10 करोड़ रुपये
  • 30 साल की उम्र में शुरुआत
    मासिक SIP: 28,329 रुपये
    अवधि: 30 साल
    कुल फंड: 10 करोड़ रुपये
  • 35 साल की उम्र में शुरुआत
    मासिक SIP: 52,697 रुपये
    अवधि: 25 साल
    कुल फंड: 10 करोड़ रुपये
  • 40 साल की उम्र में शुरुआत
    मासिक SIP: 1,00,085 रुपये
    अवधि: 20 साल
    कुल फंड: 10 करोड़ रुपये

इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि अगर आपका उद्देश्य एक मजबूत 10 Crore Fund Investment Plan बनाना है, तो उम्र जितनी कम होगी, निवेश उतना आसान होगा। जल्दी शुरू करने वाले लोग कम निवेश में ही बड़ा फंड तैयार कर लेते हैं।

निष्कर्ष: SIP रिटायरमेंट के लिए सबसे आसान विकल्प

अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट में कभी पैसों की परेशानी न हो और हर महीने के खर्च आराम से निकल जाएं, तो SIP आपके लिए सबसे सरल और सुरक्षित विकल्प है। यह आपके 10 Crore Fund Investment Plan को पूरा करने का बेहतरीन तरीका है।
चाहे आय कम हो, लेकिन शुरुआत करना बेहद जरूरी है। जैसा कि निवेश विशेषज्ञ कहते हैं — निवेश में सबसे बड़ा फायदा समय देता है। आज किया गया छोटा निवेश आने वाले वर्षों में करोड़ों में बदल सकता है। इसलिए बिना देर किए अपना 10 Crore Fund Investment Plan शुरू करें।https://www.zeebiz.com/hindi/personal-finance/mutual-fund/retirement-10-crore-sip-calculation-invest-at-25-30-35-40-long-term-investment-planning-240805

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हरी-भरी पहाड़ियों और रंग-बिरंगे फूलों से घिरे एक सुंदर जंगल के बीच एक प्यारी सी परी रहती थी, (Short Love Story in Hindi)जिसका नाम था रूही। रूही बहुत ही छोटी, चमकदार और दिल से मासूम थी। उसके पंख सूरज की रोशनी में ऐसे चमकते थे जैसे किसी ने आसमान में चांदी की पट्टी टांग दी हो। जंगल के सारे पंछी, तितलियाँ और जानवर उससे बहुत प्यार करते थे, क्योंकि रूही हमेशा मुस्कुराती रहती थी और सभी की मदद करती थी।

एक दिन सुबह-सुबह रूही अपनी टोकरी लेकर फूल इकठ्ठा करने निकली। वह पेड़ों पर खिले नीले, गुलाबी और पीले फूल देखकर बहुत खुश हो रही थी। वह एक-एक फूल को प्यार से छूकर अपनी टोकरी में रखती जाती। लेकिन फूलों को देखते-देखते वह जंगल के बहुत भीतर चली गई। उसे पता ही नहीं चला कि वह अपने घर से कितनी दूर आ चुकी थी। तभी अचानक तेज हवा चली और उसके छोटे पंख थक गए। हवा के कारण वह दिशा पहचान न पाई और जंगल के एक अंजान हिस्से में जाकर रुक गई।

रूही ने इधर-उधर देखा तो वहां सब कुछ अलग था — पेड़ ज्यादा ऊँचे, पत्ते ज्यादा घने और माहौल थोड़ा गहरा। वह थोड़ी डर गई। उसने हवा से कहा, “अरे हवा दीदी, क्या आप मुझे मेरे घर तक छोड़ सकती हैं?” लेकिन हवा आगे चल चुकी थी। उसने आसमान से भी कहा, “अरे सूरज दादा, क्या आप मेरी राह दिखा सकते हैं?” सूरज भी बादलों में छुप गया था।

अब रूही बिलकुल अकेली थी। उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। वह रोने ही वाली थी कि तभी एक मधुर सी आवाज आई— “कौन हो तुम? इतनी देर में जंगल के इस हिस्से में क्या कर रही हो?”

रूही ने आवाज की तरफ देखा तो वहाँ एक छोटा, सुंदर और भोला सा वन-परी लड़का खड़ा था, जिसके पंख नीले पानी जैसे चमक रहे थे। उसका नाम था आरव। आरव जंगल का रक्षक था। वह हमेशा इस बात का ध्यान रखता था कि कोई भी जानवर या जीव जंगल में भूला-भटका न रह जाए।

रूही ने धीरे से कहा, “मेरा नाम रूही है… मैं फूल लेने आई थी और रास्ता भटक गई। अब मुझे घर जाने का रास्ता नहीं मिल रहा।”

आरव ने मुस्कुराते हुए कहा, “डरो मत, तुम अब अकेली नहीं हो। मैं तुम्हें घर पहुँचाने में मदद करूँगा।”

रूही की आँखों में उम्मीद की चमक आ गई। उसने धीरे से कहा, “सच में? तुम मेरी मदद करोगे?”

आरव ने सिर हिलाया और बोला, “हाँ, क्योंकि जंगल का हर जीव एक-दूसरे की मदद करता है। और तुम तो खुद एक छोटी सी परी हो। तुम्हें डरना नहीं चाहिए।”

इस तरह रूही और आरव की दोस्ती की शुरुआत हुई। दोनों धीरे-धीरे पेड़ों और झाड़ियों के बीच से रास्ता ढूँढ़ते हुए आगे चलने लगे। चलते-चलते रूही ने देखा कि आरव हर थोड़ी देर में रुककर पेड़ों को छूता, पत्तों की हरकतें देखता और हवा की दिशा को महसूस करता। जैसे वह किसी अदृश्य शक्ति से बात कर रहा हो। रूही ने पूछा, “तुम पेड़ों से क्या बात करते हो?”

आरव ने मुस्कुराकर जवाब दिया, “पेड़ हमारी भाषा समझते हैं। अगर हम दिल से पूछें, तो वे हमें रास्ता दिखा देते हैं। पेड़ हमेशा बताते हैं कि कौन सा रास्ता सुरक्षित है और किस तरफ खतरा है।”

रूही यह सुनकर हैरान रह गई। उसने भी एक पेड़ को छूकर पूछा, “क्या आप मुझे घर का रास्ता बताएँगे?”
पेड़ की पत्तियाँ धीरे-धीरे हिलने लगीं जैसे वह ‘हाँ’ कह रहा हो। रूही खुशी से खिल उठी।

दोनों आगे बढ़ते रहे। रास्ते में एक छोटी सी नदी आई। पानी बिलकुल साफ और ठंडा था। नदी के किनारे बहुत सारी चमकीली तितलियाँ उड़ रही थीं। उनमें से एक तितली रूही की उंगली पर बैठ गई। तितली ने ऐसे पंख फड़फड़ाए जैसे वह उसका हाथ थाम रही हो। रूही बोली, “देखो आरव! यह तितली मुझे पहचानती है।”

आरव बोला, “तुम्हारा दिल इतना अच्छा है कि हर जीव तुम्हें पहचान लेगा।”

धीरे-धीरे सूरज ढलने लगा। आसमान सुनहरी और गुलाबी रोशनी से भर गया। पर रूही अभी भी अपने घर से दूर थी। अब उसे डर लगने लगा। उसने धीमे स्वर में कहा, “आरव, अगर रात हो गई तो?”

आरव ने धीरे से उसका हाथ पकड़ा और बोला, “जब तक मैं हूँ, तुम्हें डरने की जरूरत नहीं।”

रूही ने पहली बार अपने दिल में एक अजीब सी गर्माहट महसूस की—जैसे कोई उसकी देखभाल कर रहा हो, जैसे कोई उसे सुरक्षित रख रहा हो। छोटी परी रूही को यह एहसास बहुत प्यारा लगा।

रास्ते में अचानक झाड़ियों के पीछे से एक बड़ा सा काला साया निकला। रूही डर गई और पीछे हट गई। लेकिन आरव तुरंत उसके सामने खड़ा हो गया। वह बोला, “डरो मत, यह हमारा जंगल का पुराना बाघ है। यह हमें नुकसान नहीं पहुँचाएगा।”
बाघ पास आया, उसने रूही को देखा और आरव से बोला, “यह छोटी परी कौन है?”
आरव ने बताया कि वह रास्ता भटक गई है और उसे घर जाना है। बाघ ने अपने भारी कदमों के साथ सिर हिलाया, “जंगल में खो जाना सामान्य बात है, लेकिन डरना नहीं चाहिए। मैं तुम्हें पास वाले खुले मैदान तक पहुँचा दूँगा।”

रूही थोड़ा घबराई, लेकिन जब आरव उसके साथ था, तो उसका डर कम हो गया। दोनों बाघ के पीछे-पीछे चलने लगे। मैदान में पहुँचते ही रूही की आँखें चमक उठीं, क्योंकि वहाँ से उसके घर की रोशनी दिखाई दे रही थी। छोटे-छोटे जुगनू घर की ओर जाने वाला रास्ता रोशन कर रहे थे।

रूही की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह बोली, “आरव! मुझे मेरा घर दिख रहा है!”
आरव मुस्कुराया, “हाँ, अब तुम बिल्कुल सुरक्षित हो। तुम्हारे परिवार के लोग भी तुम्हें ढूँढ़ रहे होंगे।”

रूही ने अचानक महसूस किया कि अब इस यात्रा का अंत आ रहा है… लेकिन वह आरव से अलग होने के बारे में सोचकर उदास होने लगी। उसने धीरे से पूछा, “क्या तुम… दोबारा मुझसे मिलने आओगे?”

आरव ने उसकी आँखों में देखकर कहा, “अगर तुम चाहो, तो मैं रोज मिल सकता हूँ। तुम मेरी दोस्त हो।”

रूही का छोटा सा दिल खुशी से धड़क उठा। वह बोली, “तुम सिर्फ मेरे दोस्त ही नहीं… तुम मेरे सबसे प्यारे दोस्त हो।”

दोनों ने जुगनुओं की रोशनी के बीच एक-दूसरे को देखकर मासूम मुस्कान साझा की। यह एक short love story in hindi थी—दो मासूम दिलों के बीच की एक प्यारी सी प्रेम भावना, जो किसी बड़े इज़हार की नहीं बल्कि प्यारे से भरोसे, देखभाल और साथ की थी।

जब रूही अपने घर पहुँची, तो उसकी माँ उसे देखकर गले लगा लिया। रूही ने पीछे मुड़कर देखा—आरव अब भी वहाँ खड़ा था। वह बोली, “मैं फिर मिलूँगी!”
आरव ने सिर हिलाया, “मैं इंतज़ार करूँगा।”

उस दिन के बाद से रूही रोज शाम को जंगल के उस हिस्से में जाती जहाँ आरव रहता था। दोनों साथ बैठकर बातें करते, फूल चुनते, तितलियों का पीछा करते और हँसते रहते। रूही को अब जंगल से डर नहीं लगता था, क्योंकि उसके पास आरव जैसा सच्चा दोस्त था।

धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि वे एक-दूसरे बिना नहीं रह सकते थे। रूही हर दिन आरव का रास्ता देखते-देखते बेचैन हो जाती। आरव भी रूही की एक झलक के लिए हर सुबह जल्दी उठकर तैयार हो जाता था। दोनों की यह मासूम सी मोहब्बत पूरे जंगल में फैल गई। पंछी एक साथ गाते, हवाएँ धीमी हो जातीं और फूल दोनों के लिए अपनी खुशबू बिखेरते।

एक दिन बारिश बहुत तेज होने लगी। हवा तेज चल रही थी। रूही अपने घर में थी, लेकिन उसका दिल बेचैन था। उसे लगा कि आरव कहीं बारिश में अकेला तो नहीं… कहीं उसे चोट तो नहीं लग गई?

वह अपने छोटे-छोटे पंख फैलाकर बारिश में उड़ पड़ी। पानी की बूंदों ने उसे बार-बार नीचे गिराने की कोशिश की, लेकिन वह रुकी नहीं। वह तभी रुकी जब उसे एक पेड़ के नीचे भीगा हुआ आरव मिला।

रूही ने उसे गले लगा लिया और रोते हुए कहा, “तुम ठीक हो ना? मैं बहुत डर गई थी!”
आरव ने उसकी पीठ पर हाथ फेरा और मुस्कुराकर कहा, “जब तुम मेरे साथ हो, मैं हमेशा ठीक हूँ।”

यह बात सुनकर रूही पूरी तरह शांत हो गई। उसने कभी किसी के लिए इतनी चिंता महसूस नहीं की थी। उसे समझ आ गया कि आरव उसके लिए कितना खास है। और आरव भी यह जान चुका था कि रूही उसके दिल के बहुत करीब है।

उनकी यह मासूम और सच्ची भावना ही जंगल की सबसे खूबसूरत बात बन गई। कई सालों तक उनकी दोस्ती बढ़ती गई और जंगल में हर जीव उनके प्यार की मिठास को महसूस करता रहा।

रूही और आरव ने साथ मिलकर कई जीवों की मदद की, कई पेड़ों को बचाया, कई जानवरों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। वे सिर्फ दो दोस्त नहीं रहे—वे जंगल की जान बन गए।

उनकी इस कहानी में न कोई डर था, न कोई झगड़ा, न कोई बिछड़ना… सिर्फ प्यारी, भावुक, दिल को छूने वाली short love story in hindi थी, जिसमें दो छोटे दिलों की मासूम भावना ने पूरे जंगल को रोशन कर दिया था।

और यही सच है—प्यार हमेशा बड़ा नहीं होता, वह दिलों की सच्चाई में बसता है।

कहानी की नैतिक शिक्षा (Moral of the Story)

सच्चा प्यार और सच्ची दोस्ती डर को मिटा देते हैं। अगर दिल साफ और नीयत अच्छी हो, तो दुनिया की हर मुश्किल आसान लगने लगती है।https://storyworld.in/fairy-tales-in-hindi/

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BSSC Inter Level Bharti 2025: आवेदन की बढ़ी अंतिम तिथि, उम्मीदवारों के लिए बड़ा मौका

BSSC Inter Level Bharti 2025 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) ने इंटर लेवल भर्ती के आवेदन और फीस भुगतान की अंतिम तिथियों में बदलाव कर दिया है। पहले जो युवा समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे, अब उनके पास एक बार फिर इस भर्ती में शामिल होने का सुनहरा अवसर उपलब्ध है। आयोग के इस फैसले से लाखों उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि यह भर्ती लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं के लिए स्थायी सरकारी नौकरी पाने का महत्वपूर्ण मौका है।

आवेदन तिथि में बढ़ोतरी: अब कब कर सकते हैं आवेदन?

पहले आवेदन की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2025 तय की गई थी और परीक्षा फीस जमा करने की अंतिम तारीख 25 नवंबर 2025 थी। लेकिन उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब नई तिथियाँ निर्धारित की गई हैं। आयोग ने फीस भुगतान की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 दिसंबर 2025 कर दी है। वहीं आवेदन फॉर्म जमा करने की नई अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 रखी गई है। इस बदलाव से उन सभी अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा जो तकनीकी दिक्कतों या अन्य कारणों से पहले आवेदन नहीं कर पाए थे।

आयोग ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे आखिरी समय तक इंतजार न करें और उपलब्ध समय में बिना किसी जल्दबाज़ी के फॉर्म भर लें। इससे उन्हें किसी प्रकार की सर्वर समस्या या ऑनलाइन त्रुटि का सामना नहीं करना पड़ेगा।

भर्ती का बड़ा पैमाना: कितने पदों पर होगी नियुक्ति?

BSSC Inter Level Bharti 2025 के तहत इस बार बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 23,175 पदों पर नियुक्तियाँ की जानी हैं। यह हाल के वर्षों में सबसे बड़ा इंटर लेवल भर्ती अभियान माना जा रहा है, इसलिए इसमें शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी काफी अधिक होने की संभावना है। इस भर्ती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें सिर्फ इंटरमीडिएट पास युवाओं को मौका मिलता है, जिससे बड़े पैमाने पर युवा इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।

सरकार की ओर से इतने बड़े स्तर पर भर्ती का आयोजन युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलता है। खासकर उन छात्रों के लिए यह एक शानदार अवसर है, जो 12वीं के बाद स्थायी सरकारी नौकरी की तलाश में हैं।

योग्यता, आयु सीमा और आवेदन फीस

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना जरूरी है। आवेदन फीस बहुत ही कम रखी गई है ताकि कोई भी युवा आर्थिक समस्या के कारण आवेदन से वंचित न रह जाए। सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क सिर्फ 100 रुपये निर्धारित किया गया है।

आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रखी गई है—

  • सामान्य वर्ग: 37 वर्ष
  • पिछड़ा वर्ग व अत्यंत पिछड़ा वर्ग: 40 वर्ष
  • अनुसूचित जाति/जनजाति: 42 वर्ष

आयु की गणना 1 अगस्त 2025 को आधार मानकर की जाएगी। इसलिए आवेदन से पहले उम्मीदवारों को अपनी आयु पात्रता का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

वेतनमान और चयन प्रक्रिया

BSSC Inter Level Bharti 2025 में चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल 4 के अंतर्गत वेतन दिया जाएगा। इसमें 1,900 से 2,400 रुपये तक ग्रेड पे के साथ अन्य सरकारी भत्ते भी शामिल हैं। यह वेतनमान युवाओं को एक सुरक्षित और स्थायी करियर प्रदान करता है। सरकारी नौकरी के साथ मिलने वाली सुविधाएँ—जैसे पेंशन, नौकरी की सुरक्षा और भविष्य में प्रमोशन—इसे और अधिक आकर्षक बनाती हैं।

चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी—

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  2. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  3. मेडिकल टेस्ट

हर चरण में उम्मीदवारों को पूरी तैयारी के साथ शामिल होना होगा। विशेष रूप से प्रारंभिक परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना आगे की प्रक्रिया के लिए बेहद आवश्यक है।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक अभ्यर्थियों को BSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करना, फोटो और हस्ताक्षर का सही फॉर्मेट चुनना और फीस भुगतान की रसीद सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे वेबसाइट पर नियमित रूप से जाएँ, ताकि किसी महत्वपूर्ण अपडेट या सूचना को मिस न किया जाए।

ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह सरल है, लेकिन अंतिम दिनों में वेबसाइट पर भीड़ बढ़ जाती है, इसलिए बेहतर होगा कि उम्मीदवार जल्द से जल्द अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, BSSC Inter Level Bharti 2025 बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। तिथि बढ़ने के बाद अब उम्मीदवारों के पास आवेदन करने का पर्याप्त समय है। 12वीं पास युवाओं के लिए यह भर्ती स्थायी सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। इतने बड़े पैमाने पर पदों की उपलब्धता और कम आवेदन फीस के साथ यह भर्ती निश्चित रूप से युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगी।https://firstbihar.com/career/bssc-inter-level-2025-last-date-extended-23175-posts-big-recruitment-342756

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TVS Jupiter CNG: दुनिया का पहला CNG स्कूटर जो बदल देगा रोज़ाना की यात्रा का तरीका

आज के समय में जब पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ज्यादा लोग ऐसे स्कूटर की तलाश कर रहे हैं जो कम खर्च में लंबी दूरी तय कर सके। इसी जरूरत को समझते हुए TVS ने अपना नया मॉडल TVS Jupiter CNG भारतीय बाजार में उतारा है। यह दुनिया का पहला स्कूटर है जिसे फैक्ट्री से ही CNG सिस्टम के साथ तैयार किया गया है। इस वजह से इसे लॉन्च होते ही देशभर में बहुत चर्चा मिली। TVS ने इस स्कूटर को खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया है जो रोज़ाना स्कूटर से सफर करते हैं और चाहते हैं कि माइलेज ज्यादा मिले और खर्च कम हो। साथ ही यह स्कूटर पर्यावरण के लिए भी बेहतर है, क्योंकि CNG पेट्रोल के मुकाबले कम धुआँ और कम प्रदूषण फैलाती है।

TVS Jupiter CNG को पूरी तरह आधुनिक शहरों की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसका लक्ष्य राइडर्स को ऐसा स्कूटर देना है जो संभालने में आसान हो, स्टाइलिश दिखे और ईंधन में बेहद किफायती साबित हो। कंपनी ने इसमें डुअल-मोड CNG सिस्टम दिया है, जिससे राइडिंग अनुभव और भी अच्छा हो जाता है। चाहे स्कूटर ट्रैफिक में चलाया जाए या लंबी सड़क पर, यह हर जगह संतुलित महसूस होता है। इसे एक ऐसा मॉडल बनाया गया है जो आराम, परफॉर्मेंस और बचत – तीनों गुणों को साथ लेकर चलता है।

इंजन और CNG सिस्टम की खासियत

TVS ने Jupiter CNG के लिए 110cc का नया इंजन विकसित किया है। यह इंजन खास तौर पर CNG पर चलने के लिए ट्यून किया गया है, इसलिए यह पेट्रोल इंजन की तुलना में अधिक स्मूथ और शांत महसूस होता है। इंजन का थ्रॉटल रिस्पॉन्स हल्का और आरामदायक है, जिससे स्कूटर को शहर के ट्रैफिक में आसानी से चलाया जा सकता है। CNG इस्तेमाल होने की वजह से स्कूटर कम प्रदूषण फैलाता है, जिससे यह पर्यावरण के लिए भी एक अच्छा विकल्प बन जाता है।

इस इंजन की सबसे खास बात इसका इंटेलिजेंट फ्यूल मैपिंग फीचर है। इसका मतलब है कि स्कूटर खुद यह समझ लेता है कि उस पर कितना वजन है या किस गति पर चल रहा है और उसी अनुसार ईंधन की सप्लाई एडजस्ट करता है। इससे परफॉर्मेंस स्थिर रहती है और राइडिंग अनुभव बेहद सहज हो जाता है।

माइलेज और रनिंग कॉस्ट में भारी बचत

जो लोग रोजाना स्कूटर से काम पर जाते हैं, उनके लिए माइलेज सबसे बड़ा मुद्दा होता है। TVS Jupiter CNG इस मामले में नया मानक स्थापित कर सकता है। यह स्कूटर CNG पर चलने की वजह से पेट्रोल स्कूटरों की तुलना में बहुत कम खर्च में चलता है। हर बार CNG भरवाने के बाद यह लंबी दूरी तय कर लेता है, जिससे राइडर को बार-बार फिलिंग स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ती। डुअल-मोड CNG तकनीक इसकी दक्षता को और बढ़ा देती है। हल्का वजन और इसका हवा को चीरता डिजाइन भी माइलेज बढ़ाने में मदद करता है।

शहरों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्कूटर इसलिए भी सही है क्योंकि यह लंबे समय तक खर्च बचाता है। आज के समय में कम ईंधन खर्च का मतलब है ज्यादा बचत, और यही चीज इस स्कूटर को सबसे अलग बनाती है।

प्रीमियम डिजाइन और आकर्षक लुक

TVS ने Jupiter CNG को प्रीमियम और आधुनिक डिजाइन दिया है, जो पहली ही नजर में आकर्षित करता है। इसकी बॉडी को खास तरह से तैयार किया गया है ताकि यह देखने में स्लीक और स्टाइलिश लगे। इसके फ्रंट में दिया गया हेडलैंप क्रोम फिनिश के साथ आता है जो इसके लुक में चमक जोड़ता है।

स्कूटर में डुअल-टोन सीट का इस्तेमाल किया गया है, जो लंबी राइड के दौरान भी आराम देती है। साथ ही, इसके बॉडी के कुछ हिस्सों पर मेटालिक टच दिया गया है, जिससे इसका प्रीमियम लुक और भी बेहतर नज़र आता है। इसका डिजाइन हर उम्र के लोगों को पसंद आ सकता है, क्योंकि यह एक साथ क्लासिक और मॉडर्न दोनों फील देता है।

सस्पेंशन और राइड क्वालिटी

भारत की सड़कों पर स्कूटर तभी सफल हो सकता है जब उसका सस्पेंशन मजबूत हो। Jupiter CNG में आगे टेलीस्कोपिक सस्पेंशन और पीछे गैस-चार्ज्ड मोनोशॉक दिया गया है। दोनों मिलकर खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी राइड को स्मूथ बनाते हैं। TVS ने सस्पेंशन को खास तौर पर इस तरह सेट किया है कि CNG टैंक का अतिरिक्त वजन स्कूटर की बैलेंसिंग को प्रभावित न करे।

तेज़ रफ्तार पर भी यह स्कूटर स्थिर और नियंत्रित महसूस होता है। चाहे सड़क पर गड्ढे हों या स्पीड ब्रेकर, स्कूटर आरामदायक बना रहता है।

ब्रेकिंग, टायर और स्थिरता

TVS Jupiter CNG में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें आगे डिस्क ब्रेक और पीछे ड्रम ब्रेक दिया गया है, जो मिलकर मजबूत ब्रेकिंग देते हैं। स्कूटर में सिंक्रोनाइज़्ड ब्रेकिंग सिस्टम भी दिया गया है जो दोनों पहियों पर बराबर ताकत से ब्रेक लगाता है। इससे अचानक ब्रेक लगाने पर भी स्कूटर फिसलता नहीं है।

टायर ट्यूबलेस हैं और सड़क पर बेहतरीन पकड़ देते हैं। बारिश के मौसम में या मोड़ पर स्कूटर संतुलित बना रहता है। अलॉय व्हील्स इसे मजबूती देते हैं और राइड को और स्थिर बनाते हैं।

स्पेस, आराम और दैनिक उपयोग की सुविधाएँ

इस स्कूटर में जगह का अच्छा इस्तेमाल किया गया है। CNG टैंक होने के बावजूद सीट के नीचे उपयोगी स्टोरेज स्पेस मौजूद है। इसके साथ आगे एक छोटा स्टोरेज पॉकेट और बैग टांगने के लिए हुक भी दिया गया है। रोजाना के सफर में ये सुविधाएँ काफी काम आती हैं।

सीट नरम है और लंबे सफर में भी आराम देती है। बड़ा फ्लोरबोर्ड पैरों को फैलाकर बैठने की सुविधा देता है। राइडिंग पोजीशन नैचुरल रखी गई है ताकि लंबे समय तक स्कूटर चलाने पर थकान महसूस न हो।

सेमी-डिजिटल मीटर और जरूरी जानकारी

Jupiter CNG में एक साफ और पढ़ने में आसान सेमी-डिजिटल मीटर दिया गया है। इसमें स्पीड, फ्यूल लेवल, ट्रिप मीटर और सर्विस रिमाइंडर जैसी जरूरी जानकारी देखी जा सकती है। CNG लेवल दिखाने के लिए एक अलग इंडिकेटर भी दिया गया है, जो इसे और सुविधाजनक बनाता है।

सुरक्षा फीचर्स और मजबूती

TVS ने इस स्कूटर की सुरक्षा पर काफी ध्यान दिया है। इसका फ्रेम CNG टैंक के वजन को संभालने के लिए मजबूत बनाया गया है। CNG सिस्टम में कई सेफ्टी वाल्व और प्रेशर चेक फीचर्स मौजूद हैं ताकि किसी भी खतरे की स्थिति न बने। इसके अलावा साइड-स्टैंड कट ऑफ, इंजन किल स्विच और हैजर्ड लाइट जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

कीमत और वेरिएंट्स

कंपनी ने TVS Jupiter CNG को किफायती कीमत पर पेश किया है ताकि ज्यादा लोग इसे खरीद सकें। अलग-अलग फीचर्स के साथ इसे कई वेरिएंट्स में उपलब्ध कराया गया है। हर वेरिएंट अपनी कीमत के हिसाब से अच्छा पैकेज देता है और कम रनिंग कॉस्ट के कारण लंबे समय तक पैसा बचाता है।

निष्कर्ष: आने वाले समय का किफायती और पर्यावरण-अनुकूल स्कूटर

अंत में कहा जाए तो TVS Jupiter CNG भारतीय दोपहिया उद्योग में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। दुनिया का पहला CNG स्कूटर होने के साथ यह माइलेज, परफॉर्मेंस, डिजाइन और सुरक्षा के मामले में बेहतरीन है। जो लोग रोजाना स्कूटर से सफर करते हैं और बजट में बचत चाहते हैं, उनके लिए यह एक समझदारी भरा विकल्प है। आने वाले समय में यह स्कूटर भारतीय शहरों में काफी लोकप्रिय हो सकता है, क्योंकि यह किफायती होने के साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर है।https://hindi.moneycontrol.com/auto/tvs-will-soon-launch-the-world-first-cng-scooter

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दुनिया में इनकम टैक्स रेट: दुबई से लंदन तक किस देश में लगता है कितना टैक्स

दुनिया में टैक्स क्यों बना बड़ा सवाल

हर नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि उसकी कमाई में से कितना पैसा उसके पास बचेगा और कितना हिस्सा सरकार ले जाएगी। सैलरी आने की खुशी तभी तक रहती है, जब तक पेस्लिप में टैक्स कटौती की लाइन दिखाई नहीं देती। भारत में अक्सर लोग मानते हैं कि यहां टैक्स बहुत ज्यादा है, लेकिन जब दुनिया में इनकम टैक्स रेट की तुलना की जाती है, तो पता चलता है कि कुछ देश ऐसे हैं जहां आपको इनकम टैक्स बिल्कुल नहीं देना होता, जबकि कुछ देशों में आपकी कमाई का आधे से भी ज्यादा हिस्सा टैक्स के रूप में चला जाता है। यही कारण है कि दुनियाभर के टैक्स सिस्टम की जानकारी आज एक बड़ी जरूरत बन गई है।

वे देश जहां आपकी सैलरी पर नहीं लगता एक भी रुपया टैक्स

दुनिया में इनकम टैक्स रेट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि कुछ देश ऐसे हैं जिन्हें “टैक्स-फ्री स्वर्ग” कहा जाता है। इस सूची में सबसे पहले नाम आता है संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE का। दुबई और अबू धाबी न केवल अपने आधुनिक जीवनशैली और रोजगार अवसरों के लिए मशहूर हैं, बल्कि इस वजह से भी लोकप्रिय हैं कि यहां आपकी सैलरी का पूरा पैसा आपकी जेब में जाता है। यहां सरकार इनकम टैक्स नहीं लेती, इसलिए दुनियाभर के लाखों प्रोफेशनल्स हर साल UAE की ओर रुख करते हैं।

UAE के अलावा सऊदी अरब भी टैक्स-फ्री देशों में शामिल है। यहां न इनकम टैक्स देना पड़ता है, न कैपिटल गेन टैक्स। इस कारण यहां काम करने वाले लोगों को अपनी पूरी कमाई सुरक्षित रहती है। कुवैत का टैक्स सिस्टम भी बेहद आकर्षक माना जाता है। यहां न इनकम टैक्स है, न गिफ्ट टैक्स और न ही इनहेरिटेंस टैक्स। लंबे समय तक विदेश में बसने वालों के लिए यह एक आदर्श विकल्प माना जाता है।

बहरीन और कतर भी टैक्स-फ्री देशों की श्रेणी में आते हैं। बहरीन में सरकार अप्रत्यक्ष करों के जरिए अपनी आय बढ़ाती है, जिससे नौकरीपेशा लोगों पर कोई बोझ नहीं पड़ता। बहामास में भी इनकम टैक्स, गिफ्ट टैक्स और कैपिटल गेन टैक्स जैसी कोई परेशानी नहीं होती। यहां सरकार वैट (VAT) और स्टांप ड्यूटी के जरिए राजस्व जुटाती है।

ओमान इस लिस्ट में एक अपवाद बन सकता है। अभी यह टैक्स-फ्री है, लेकिन 2028 से उच्च आय वालों पर 5% टैक्स लगाने की संभावना है। फिर भी यह दर दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बेहद कम है।

वे देश जहां आधी से ज्यादा कमाई सरकार ले जाती है

अगर यूरोपीय देशों की बात करें, तो यहां टैक्स का ढांचा काफी भारी है। दुनिया में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स रेट वाला देश फिनलैंड माना जाता है, जहां अधिकतम टैक्स दर लगभग 57.65% तक पहुंचती है। इसका मतलब यह है कि अगर आप 100 रुपये कमाते हैं, तो 57 रुपये से ज्यादा टैक्स में चले जाते हैं।

जापान भी इस मामले में पीछे नहीं है। यहां अधिकतम टैक्स दर करीब 55.95% है। डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और स्वीडन जैसे देशों में भी टैक्स दर 50% से ज्यादा रहती है। इन देशों में लोग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा सरकार को देते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा मिलती है।

बेल्जियम, इजरायल, नीदरलैंड और पुर्तगाल में भी टैक्स दरें 48% से 52% के बीच रहती हैं। वहीं, लंदन यानी यूनाइटेड किंगडम की बात करें, तो यहां इनकम टैक्स 20% से शुरू होकर 45% तक जाता है। इसके अलावा हर प्रोडक्ट और सर्विस पर 20% वैट (VAT) अलग से देना पड़ता है। इसलिए लंदन में रहना, कमाना और खर्च करना काफी महंगा साबित होता है। जर्मनी, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में भी इनकम टैक्स दर लगभग 45% है, जो दुनिया में ऊंची श्रेणी में आती है।

अमेरिका, चीन और एशियाई देशों की टैक्स स्थिति

अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यहां अधिकतम इनकम टैक्स रेट 37% है। यह यूरोप के मुकाबले कम है, लेकिन भारतीय टैक्स दरों की तुलना में ज्यादा माना जाता है। चीन में इनकम टैक्स रेट 45% तक पहुंच जाता है, जो वहां के कामगारों पर भारी बोझ डालता है।

भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मैक्सिको में अधिकतम टैक्स दर 35% है। बांग्लादेश सबसे कम टैक्स वाले देशों में आता है, जहां अधिकतम दर सिर्फ 25% है। दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां टैक्स का बोझ बेहद कम है। जैसे—ग्वाटेमाला में मात्र 7% टैक्स लगता है। कजाकिस्तान, रोमानिया और सर्बिया में यह दर 10% है और रूस में यह 13% तय है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है।

दुनिया में टैक्स रेट क्यों अलग-अलग होते हैं?

दुनिया में इनकम टैक्स रेट एक जैसा नहीं है, क्योंकि हर देश की आर्थिक नीति, विकास का स्तर, सामाजिक सुरक्षा प्रणाली और सार्वजनिक सुविधाओं की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। कुछ देश नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और मजबूत सुरक्षा प्रदान करते हैं, इसलिए उन्हें अधिक टैक्स वसूलना पड़ता है। वहीं, कुछ देश राजस्व के लिए तेल, व्यापार और पर्यटन जैसे अन्य स्रोतों पर निर्भर रहते हैं, इसलिए वहां इनकम टैक्स की जरूरत नहीं पड़ती।

जो लोग विदेश जाने का प्लान बनाते हैं, उनके लिए दुनिया में इनकम टैक्स रेट को समझना बेहद जरूरी है। इससे यह पता चलता है कि किसी देश में रहने पर आपकी नेट इनकम कितनी होगी और आपकी जीवनशैली पर इसका क्या असर पड़ेगा। टैक्स-फ्री देश भले ही कमाई बचाने के लिहाज से आकर्षक हों, लेकिन हर देश का जीवन खर्च, नियम, अवसर और सुविधाएं अलग होती हैं। इसलिए सिर्फ टैक्स देखकर किसी देश का चुनाव नहीं किया जा सकता।https://www.zeebiz.com/hindi/personal-finance/income-tax/photo-gallery-10-countries

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हैदराबाद जमीन कीमत नया रिकॉर्ड: कोकापेट में एक एकड़ 137 करोड़ में बिका, रियल एस्टेट में इतिहास रचा

हैदराबाद जमीन कीमत नया रिकॉर्ड: कोकापेट में एक एकड़ 137 करोड़ में बिका, रियल एस्टेट में इतिहास रचा

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाला रियल एस्टेट बाजार कौन-सा है। पिछले कुछ सालों में यहां जिस गति से जमीनों की कीमत बढ़ी है, वह भारत के किसी भी बड़े शहर से कम नहीं है। पहले लोग सुनते थे कि मुंबई या दिल्ली जैसे शहरों में जमीन सोने के भाव बिकती है, लेकिन अब हैदराबाद जमीन कीमत ने उन सभी रेकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। इसका बड़ा उदाहरण हाल ही में हुई HMDA की नीलामी है, जिसमें कोकापेट नियोपोलिस लेआउट में एक एकड़ जमीन 137.25 करोड़ रुपये में बिकी। यह कीमत इतनी अधिक है कि सुनने वाले भी हैरान रह जाते हैं, लेकिन यही आज की वास्तविकता है कि हैदराबाद तेजी से देश का नया निवेश केंद्र बन चुका है।

कोकापेट में जमीन की नीलामी ने तोड़ा हर पिछला रिकॉर्ड

HMDA ने 22 नवंबर को कोकापेट के नियोपोलिस इलाके में सर्वे नंबर 17 और 18 की जमीनों की नीलामी आयोजित की। शुरू में इन प्लॉटों की न्यूनतम कीमत प्रति एकड़ 99 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन नीलामी शुरू होते ही बोली इतनी तेज़ी से बढ़ी कि कीमत सीधे 137.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह न सिर्फ हैदराबाद, बल्कि पूरे भारत की सबसे बड़ी जमीन नीलामियों में से एक मानी जा रही है। यह भी देखने वाली बात है कि पिछली नीलामी में यहां एक एकड़ जमीन 100 करोड़ रुपये में बिकी थी, लेकिन अब हैदराबाद जमीन कीमत ने 137 करोड़ का आंकड़ा पार कर दिया, जो आने वाले समय में और भी बढ़ सकता है।

सर्वे नंबर 18 के 5.31 एकड़ वाले प्लॉट को एमएसएन अर्बन वेंचर्स LLP ने झील के किनारे की प्राइम लोकेशन के कारण 137.25 करोड़ प्रति एकड़ की दर से खरीदा। वहीं प्लॉट नंबर 17, जिसका आकार 4.59 एकड़ है, वज्र हाउसिंग प्रोजेक्ट्स LLP ने 136.50 करोड़ प्रति एकड़ में खरीदा। इन दोनों प्लॉटों की बिक्री से HMDA को कुल 1,355.33 करोड़ रुपये का भारी राजस्व मिला, जो हैदराबाद के रियल एस्टेट इतिहास में एक नया माइलस्टोन है।

क्यों आसमान छू रही है हैदराबाद जमीन कीमत?

हैदराबाद की जमीन इतनी कीमती क्यों हो रही है, इसका जवाब इस शहर के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक-फ्रेंडली माहौल में छिपा है। रायदुर्गम नॉलेज सिटी, कोकापेट, गाचीबावली और हाइटेक सिटी जैसे इलाकों में आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स, मल्टीनेशनल कॉर्पोरेट्स और बड़े-बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह सभी इलाके आउटर रिंग रोड और एयरपोर्ट से सीधे कनेक्टेड हैं, जिससे यहां बिजनेस के लिए बेहतरीन माहौल बनता है। इसी वजह से हैदराबाद जमीन कीमत हर साल नई ऊँचाइयों को छू रही है।

रायदुर्गम नॉलेज सिटी प्रोजेक्ट ने इस पूरे क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया है। आज यह हैदराबाद की सबसे प्रीमियम और आधुनिक जगहों में से एक है। यहां रोज नई इमारतें खड़ी हो रही हैं—आईटी टावर्स, कॉर्पोरेट ऑफिस, रेजिडेंशियल हाईराइज़, और बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स। इतने विशाल विकास के बीच जमीन की कीमत तेजी से बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि मांग बहुत अधिक है और उपलब्ध जमीन बेहद सीमित।

निवेशकों और कंपनियों के लिए सबसे पसंदीदा लोकेशन

कोकापेट नियोपोलिस को आज भारत के सबसे प्रीमियम रियल एस्टेट लोकेशंस में गिना जाता है। बड़ी कंपनियां यहां ऑफिस स्पेस खरीदने या बनाने में दिलचस्पी ले रही हैं। स्टार्टअप्स और टेक कंपनियां भी रायदुर्गम नॉलेज सिटी जैसे इलाकों में तेजी से विस्तार कर रही हैं। इससे न केवल रोजगार बढ़ रहा है, बल्कि जमीन की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि नीलामी में 99 करोड़ की आधार कीमत 137 करोड़ तक पहुंच गई।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले कुछ सालों में कोकापेट और रायदुर्गम में जमीन की कीमत प्रति एकड़ 150–175 करोड़ तक पहुंच सकती है। क्योंकि यह इलाके न सिर्फ आज, बल्कि भविष्य में भी हैदराबाद का सबसे बड़ा कमर्शियल हब बनने की क्षमता रखते हैं।

नीलामी से मिले राजस्व ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड

HMDA की इस नीलामी ने सरकार को 1,355.33 करोड़ रुपये का राजस्व दिया। यह रकम यह साबित करती है कि हैदराबाद की जमीन केवल महंगी ही नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद भी है। यहां किए गए निवेश पर रिटर्न की संभावना बहुत अधिक है। यही कारण है कि बड़े डेवलपर्स और रियल एस्टेट कंपनियां किसी भी कीमत पर कोकापेट और रायदुर्गम जैसे इलाकों में जमीन खरीदना चाहती हैं।

पहले जहां जमीनों की इतनी ऊंची कीमतें केवल मुंबई या दिल्ली-NCR में देखने को मिलती थीं, वहीं अब हैदराबाद जमीन कीमत उन सभी बाजारों को टक्कर दे रही है। इसका सीधा मतलब है कि हैदराबाद न केवल दक्षिण भारत का, बल्कि पूरे देश का प्रमुख रियल एस्टेट निवेश केंद्र बन चुका है।

हैदराबाद का भविष्य क्यों उज्ज्वल माना जा रहा है?

हैदराबाद पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, उद्योग और रोजगार के मामले में तेजी से आगे बढ़ा है। यहां सरकार की नीतियां स्थिर और व्यवसायों के लिए अनुकूल हैं। शहर का कानून-व्यवस्था भी मजबूत है और यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट और रोड नेटवर्क अन्य महानगरों की तुलना में काफी बेहतर है। यही कारण है कि यहां रहने वाले लोगों और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

रायदुर्गम नॉलेज सिटी आने वाले वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का केंद्र बनेगी। यहां मल्टीनेशनल कंपनियों के नए कैंपस, आधुनिक कमर्शियल केंद्र, और बड़े आवासीय प्रोजेक्ट बनने की तैयारी चल रही है। इसका सीधा प्रभाव हैदराबाद जमीन कीमत पर पड़ रहा है, और उम्मीद है कि यह कीमत आगे भी लगातार बढ़ती रहेगी।

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