टेक्नोलॉजी

Innovation in AI Space: सरकार का ध्यान कानून नहीं, अभी इनोवेशन को बढ़ावा देने पर

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर बहस तेज़ है, लेकिन सरकार का स्पष्ट तौर पर कहना है कि इस समय किसी नए AI कानून (AI Regulation) की बजाय पूरा जोर Innovation in AI Space पर रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस कृष्णन ने बताया कि सरकार चाहती है कि एआई का इस्तेमाल लोगों के भले के लिए किया जाए, इसलिए फिलहाल इसका विकास रोका नहीं जाएगा। अगर भविष्य में जरूरत महसूस हुई, तब ही कानून या रेगुलेशन लाया जाएगा।

एस कृष्णन ने कहा कि एआई समाज के लिए बड़ा अवसर है और वर्तमान समय को AI Innovation का दौर मानते हुए सभी को आगे बढ़ने देना जरूरी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कभी एआई गलत दिशा में जाने लगे या समाज के लिए खतरा बने तो सरकार कानून बनाने से पीछे नहीं हटेगी। पर अभी लक्ष्य है कि एआई से ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले और भारत इस क्षेत्र में आगे बढ़े।

Human-Centric Approach और Innovation को बढ़ावा

इंडियाएआई गवर्नेंस गाइडलाइंस की शुरुआत करते हुए एस कृष्णन ने कहा कि भारत की रणनीति पूरी तरह ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच पर आधारित है। इसका मतलब है कि एआई तकनीक इंसानों के हित में रहे, लोगों के जीवन को आसान बनाए और समाज को आगे बढ़ाए। सरकार चाहती है कि AI Innovation को खुले माहौल में बढ़ने दिया जाए, लेकिन साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि इसका दुरुपयोग न हो।

इस गाइडलाइन में भरोसा (Trust), पारदर्शिता, निष्पक्षता, सुरक्षा, जवाबदेही और Innovation Over Regulation जैसे सिद्धांतों को जगह दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई तकनीक भरोसेमंद और मानव-केंद्रित रहे।

AI के लिए सुझाए गए 7 मुख्य सिद्धांत

पैनल ने एआई गवर्नेंस को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने के लिए 7 महत्वपूर्ण सिद्धांत सुझाए हैं:

  • एआई सिस्टम में भरोसा और पारदर्शिता
  • लोगों को केंद्र में रखकर काम करने की सोच (People-First)
  • कानून से पहले इनोवेशन को बढ़ावा देना
  • निष्पक्षता और सभी के साथ समान व्यवहार
  • एआई डेवलपर्स की जवाबदेही तय होना
  • उपयोगकर्ताओं और रेगुलेटर्स को स्पष्ट जानकारी देना
  • एआई सिस्टम को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद बनाना

ये सिद्धांत बताते हैं कि भारत एआई को रोकना नहीं चाहता बल्कि उसे सही दिशा में आगे बढ़ाना चाहता है।

शॉर्ट-टर्म उपाय: एआई सुरक्षा के लिए तुरंत किए जाने वाले कदम

आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर बी रविंद्रन की अध्यक्षता में बने पैनल ने कुछ ऐसे कदम सुझाए हैं, जिन्हें तुरंत अपनाया जा सकता है ताकि AI Innovation और AI सुरक्षा दोनों साथ चल सकें:

  • AI गवर्नेंस संस्थान बनाना
  • भारत के लिए खास Indian AI Framework तैयार करना
  • मौजूदा कानूनों में जरूरी बदलाव (Legal Amendments)
  • एआई के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा नियमों की पहुंच बढ़ाना
  • AI Incident Reporting System लागू करना, जिससे एआई से जुड़े नुकसान की तुरंत जानकारी दी जा सके
  • Regulatory Sandbox बनाना ताकि नई AI तकनीक को सुरक्षित माहौल में टेस्ट किया जा सके
  • कॉमन स्टैंडर्ड्स और एआई नीतियां सार्वजनिक करना

इन उपायों का उद्देश्य है कि देश में Innovation in AI Space जारी रहे और साथ ही लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज न किया जाए।

सरकार की सोच: नियम बाद में, जिम्मेदार इनोवेशन पहले

सरकार का मानना है कि अगर अभी सख्त AI कानून बना दिए गए, तो नए स्टार्टअप्स, रिसर्च सेंटर और डेवलपर्स के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाएगा। भारत में एआई को लेकर युवा प्रतिभा, डेटा और टेक्नोलॉजी की कोई कमी नहीं है। इसलिए इस समय नियम नहीं, इनोवेशन और विकास पर ध्यान देना सही रणनीति है।

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद का कहना है कि एआई सुरक्षित भी रहे और आगे भी बढ़े, इसके लिए उद्योग, सरकार, रिसर्च सेंटर और शिक्षण संस्थान मिलकर काम करें। वहीं आईटी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि यह गाइडलाइन 650 से ज्यादा पब्लिक कमेंट्स और सुझावों को पढ़ने के बाद तैयार की गई है, जिससे यह और भी संतुलित हो गई है।

निष्कर्ष: AI का भविष्य इनोवेशन और जिम्मेदारी के साथ

कुल मिलाकर सरकार ने साफ कर दिया है कि अभी भारत में Innovation in AI Space सबसे बड़ा लक्ष्य है। AI कानून या रेगुलेशन तभी लागू होगा जब इसकी आवश्यकता वाकई में महसूस होगी। इस समय भारत का प्रयास है कि एआई से शिक्षा, हेल्थ, कृषि, ट्रांसपोर्ट और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में सुधार लाया जाए।

अगर भारत इसी तरह जिम्मेदार तरीके से AI Innovation को आगे बढ़ाता रहा, तो आने वाले समय में देश न केवल एआई का उपयोग करने वाला बल्कि एआई तकनीक विकसित करने वाला वैश्विक नेता बन सकता है।https://www.techuk.org/resource/ai-regulation-a-framework-for-responsible-artificial-intelligence.html

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Jiya lal verma

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