Wednesday, February 4, 2026

TRENDING POSTS

latest posts

HomeऑटोमोबाइलDelhi में आने वाली है नई EV Policy 2.0: क्या वाकई आधी...

Delhi में आने वाली है नई EV Policy 2.0: क्या वाकई आधी हो जाएँगी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतें?

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेज़ी से अपनाने के लिए सरकार एक बार फिर बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मौजूदा EV पॉलिसी 31 दिसंबर को खत्म होने जा रही है और इसी वजह से नई EV Policy 2.0 को लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नई पॉलिसी आने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें लगभग आधी हो जाएँगी? क्योंकि इस बार सरकार पहले से कहीं अधिक लाभ देने पर विचार कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल से हटकर EV को अपनाएँ। पहली EV पॉलिसी 2020 में लागू हुई थी, लेकिन अपेक्षा के अनुसार बिक्री में बहुत बड़ी बढ़ोतरी नहीं हो सकी। इसी कारण अब एक और अधिक प्रभावी और मजबूत पॉलिसी लाने की तैयारी तेज है, जो आने वाले वर्षों में दिल्ली को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में अग्रणी शहर बना सकती है।

बैटरी रीसाइक्लिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ज़ोर

नई EV Policy 2.0 का एक बड़ा फोकस बैटरी रीसाइक्लिंग पर रखा गया है। चूँकि एक EV बैटरी की औसत लाइफ लगभग 8 साल होती है, इसलिए आने वाले समय में हजारों पुरानी बैटरियों का सुरक्षित निपटान एक चुनौती बन सकता है। इसीलिए सरकार अब पहली बार एक संगठित रीसाइक्लिंग चेन बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिसमें पुरानी बैटरियों को इकट्ठा करना, उन्हें रीसाइक्लिंग के लिए भेजना और अंत में पर्यावरण के अनुकूल तरीके से उनका निपटान करना शामिल होगा। यह पहल न सिर्फ पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे बैटरी सेक्टर में नए रोजगार भी बढ़ेंगे। सरकार चाहती है कि नई EV Policy 2.0 में बैटरी प्रबंधन को विशेष महत्व दिया जाए ताकि भविष्य में कोई पर्यावरणीय समस्या पैदा न हो।

2030 तक चार्जिंग नेटवर्क को बड़ा विस्तार

इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग के लिए चार्जिंग स्टेशन सबसे ज़रूरी सुविधा है। इसलिए नई EV Policy 2.0 में 2030 तक दिल्ली में 5,000 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। हर स्टेशन पर लगभग 4 से 5 चार्जिंग पॉइंट होंगे ताकि उपयोगकर्ताओं को चार्जिंग के लिए लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े। सरकार चाहती है कि किसी भी व्यक्ति को EV चलाने के दौरान चार्जिंग की समस्या कभी न आए, इसलिए चार्जिंग स्टेशन मल्टी-लेवल पार्किंग में, सोसाइटी परिसर में, सरकारी भवनों में और बड़ी सड़कों के किनारे लगाए जाएंगे। अगर यह लक्ष्य पूरा होता है, तो दिल्ली में चार्जिंग नेटवर्क बेहद आसान और सुविधाजनक बन जाएगा और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की गति तेजी से बढ़ेगी।

लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में इलेक्ट्रिक वैन और E-रिक्शा की बड़ी भूमिका

नई EV Policy 2.0 में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रिक वैन को शामिल किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इन इलेक्ट्रिक वैन में 7 यात्रियों के साथ एक ड्राइवर की सीट होगी और इन्हें खासतौर पर संकरी कॉलोनियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और मेट्रो स्टेशन के आसपास चलाया जाएगा। इससे स्थानीय यात्राएँ अधिक आसान होंगी और प्रदूषण भी कम होगा। इसके अलावा, E-रिक्शा के संचालन को एक संगठित तरीके से चलाने की योजना भी बनाई गई है ताकि शहर में उनका संचालन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो। सरकार का मानना है कि अगर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाए, तो प्रदूषण में काफी कमी आएगी और दिल्ली की सड़कों पर धुआं छोड़ने वाले वाहनों की संख्या कम होगी।

नए साल से लागू हो सकती है नई पॉलिसी

अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा EV पॉलिसी खत्म होते ही नई EV Policy 2.0 लागू होने की पूरी तैयारी है। मसौदा तैयार हो चुका है और CM रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में इस पर अंतिम चर्चा होगी। इसके बाद इसे लोगों और विशेषज्ञों के सुझावों के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। पहली EV पॉलिसी 2020 में लागू हुई थी, लेकिन EV बाज़ार में जितनी तेजी की उम्मीद थी, वह देखने को नहीं मिली। इसी कारण नई पॉलिसी को पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बनाया जा रहा है ताकि लोग EV खरीदने के लिए प्रेरित हों।

क्या सच में 50% तक कम हो जाएगी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत?

नई EV Policy 2.0 का सबसे चर्चित बिंदु वह छूट है जो सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए देने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार वाहन की मार्केट वैल्यू के आधार पर 50% तक की छूट देने की संभावना पर चर्चा कर रही है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है, तो दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले से कहीं अधिक आसान और किफायती हो जाएगा। यह छूट EV बाजार में भारी उछाल ला सकती है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही होगा। लेकिन अगर यह लागू होता है, तो आने वाले साल में दिल्ली की सड़कों पर EV की संख्या तेज़ी से बढ़ेगी।

नई पॉलिसी से प्रदूषण और ट्रैफिक में बड़ी राहत की उम्मीद

नई EV Policy 2.0 से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली में प्रदूषण कम होगा। पेट्रोल और डीजल वाहनों से निकलने वाला धुआं स्मॉग की स्थिति को और खराब करता है, जबकि EV बिल्कुल धुआँ नहीं छोड़ते। साथ ही चार्जिंग स्टेशन और बैटरी रीसाइक्लिंग उद्योग के बढ़ने से रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे। सार्वजनिक परिवहन ज्यादा सुलभ होगा और ट्रैफिक के दबाव में धीरे-धीरे कमी आएगी। सरकार चाहती है कि लोग EV को सिर्फ विकल्प न समझें बल्कि अपनी पहली पसंद बनाएँ।

नई EV Policy 2.0 के लागू होते ही दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों का सबसे तेजी से बढ़ने वाला केंद्र बन सकता है। गाड़ियाँ सस्ती होंगी, चार्जिंग आसान होगा, बैटरी रीसाइक्लिंग मजबूत होगी और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी भी इलेक्ट्रिक होगी। अगर यह पॉलिसी पूरी तरह लागू हो जाती है, तो आने वाले कुछ वर्षों में दिल्ली की सड़कों पर बदलाव साफ दिखाई देगा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी वास्तव में आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन जाएगी।https://www.dnaindia.com/hindi/india/report-delhi-ev-policy-cm-rekha-gupta-draft-new-electric-vehicles-policy-2-0

ये भी पढ़े

Samsung Galaxy S26 Camera Upgrade: क्यों नहीं बदल रहा कैमरा? जानिए पूरी सच्चाई

Pakistan Google Trends 2025: पाकिस्तान में लोग Google पर क्या सबसे ज्यादा ढूंढ रहे हैं?

YouTube Shorts Monetization: YouTube Shorts से कितने सब्सक्राइबर पर मिलती है कमाई? नए अपडेट जानें

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments