Friday, April 4, 2025

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छोटी चिड़िया का सपना(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

एक छोटी सी चिड़िया थी, नीलू (Neelu)। उसके पंख छोटे थे, लेकिन उसके सपने बड़े-बड़े। वह रोज़ अपने घर, एक पेड़ की खोखल में बैठकर आसमान को देखती और सोचती, “कब मैं भी उड़ूंगी उन ऊंची बुलंदियों तक? कब मैं भी अपने सपनों को सच कर पाऊंगी?” नीलू को उड़ने का बहुत शौक था, लेकिन उसके पंख इतने मजबूत नहीं थे कि वह ज़मीन से ज़्यादा ऊंचा उड़ सके। फिर भी, वह हर रोज़ कोशिश करती, अपने पंख फड़फड़ाती, और थोड़ी देर में ही थक कर बैठ जाती।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

उसी पेड़ के नीचे एक किसान रहता था, रमेश (Ramesh)। वह भी अपने सपनों में खोया रहता था। रमेश का सपना था कि वह अपने छोटे से खेत को एक बड़ी सी ऑर्गेनिक फ़ार्म (organic farm) में बदल दे, जहाँ लोग दूर-दूर से ताज़े फल और सब्ज़ियां लेने आएं। लेकिन उसके पास न तो पैसे थे, न ही संसाधन। उसके सपने भी नीलू की तरह अधूरे थे, पर वह भी हार नहीं मानता था।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

एक दिन, जब नीलू अपने सपनों में खोई हुई थी, रमेश ने उसे देखा। वह पेड़ के नीचे बैठा हुआ था और अपने खेत की प्लानिंग (planning) कर रहा था। नीलू की चहक सुनकर उसने ऊपर देखा और बोला, “अरे छोटी चिड़िया, तुम्हें भी सपने देखने का शौक है क्या?” नीलू ने हंसी भरे स्वर में जवाब दिया, “हाँ काका, मैं भी उड़ना चाहती हूँ, लेकिन मेरे पंख इतने मजबूत नहीं हैं।”

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रमेश ने उसे देखा और कहा, “सपने देखना कोई बुराई नहीं है, छोटी चिड़िया। अगर तुम अपने सपनों को सच करने की कोशिश करो, तो एक दिन ज़रूर कामयाब होगी।” नीलू ने उसकी बात सुनी और अपने दिल में एक नई उम्मीद जगाई।

दोस्ती का सफर (friendship journey)

नीलू और रमेश की दोस्ती हो गई। वह रोज़ मिलते, बातें करते, और एक दूसरे को अपने सपनों के बारे में बताते। नीलू को रमेश की मेहनत (hard work) और लगन पसंद आई, और रमेश को नीलू की चहक और जोश। दोनों ने एक दूसरे को समझना शुरू किया।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

एक दिन, रमेश ने नीलू से कहा, “तुम्हें पता है, छोटी चिड़िया, मैं तुम्हें उड़ना सिखा सकता हूँ।” नीलू ने हैरानी से पूछा, “कैसे?” रमेश ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम्हें बस अपने पंखों को मजबूत करना होगा। रोज़ प्रैक्टिस (practice) करो, और एक दिन तुम ज़रूर उड़ पाओगी।”

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नीलू ने रमेश की बात मानी और रोज़ प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया। वह थोड़ी देर उड़ती, फिर थक कर बैठ जाती, लेकिन हार नहीं मानती। रमेश भी उसे प्रोत्साहित (encourage) करता रहा।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

एक नई मुश्किल (A new challenge)

एक दिन, जब नीलू प्रैक्टिस कर रही थी, उसने देखा कि एक बड़ा सा बाज़ (baaz) आसमान में उड़ रहा है। वह डर गई और जल्दी से पेड़ की खोखल में छिप गई। बाज़ ने उसे देखा और पेड़ के पास आकर बोला, “क्या हुआ, छोटी चिड़िया? तुम्हें डर लग रहा है?”

नीलू ने डरते हुए जवाब दिया, “हाँ, मैं तुमसे डर रही हूँ।” बाज़ ने हंसी भरे स्वर में कहा, “डरने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हें कुछ नहीं करूँगा। मैं भी तुम्हारी तरह एक सपने देखने वाला हूँ। मेरा सपना है कि मैं दुनिया का सबसे तेज़ उड़ने वाला बाज़ बनूँ।”

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नीलू ने हैरानी से पूछा, “तुम्हें भी सपने हैं?” बाज़ ने कहा, “हाँ, हर किसी के सपने होते हैं, चाहे वह चिड़िया हो या बाज़।”

नीलू ने अपना डर भुला दिया और बाज़ से दोस्ती कर ली। अब उसके दो दोस्त थे – रमेश और बाज़। दोनों ने उसे अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

एक अनोखा ट्विस्ट (an unexpected twist)

एक दिन, रमेश ने नीलू से कहा, “छोटी चिड़िया, मैंने एक प्लान (plan) बनाया है। अगर तुम मेरी मदद करो, तो मैं अपने सपने को भी सच कर सकता हूँ।” नीलू ने पूछा, “कैसे?”

रमेश ने कहा, “तुम और बाज़ मिलकर मेरे खेत के लिए बीज इकट्ठा करो। मैं उन बीजों को अपने खेत में बोऊंगा, और जब वह उग कर फल और सब्ज़ियां देंगे, तो मैं उन्हें बेच कर अपनी ऑर्गेनिक फ़ार्म बनाने का सपना पूरा करूंगा।”

नीलू को यह आइडिया (idea) बहुत पसंद आया। उसने बाज़ को बताया, और दोनों ने मिलकर बीज इकट्ठा करने का फैसला किया। वह रोज़ दूर-दूर तक उड़ते और अलग-अलग पेड़ों से बीज इकट्ठा करते। रमेश ने उन बीजों को अपने खेत में बोया, और कुछ ही महीनों में उसका खेत हरा-भरा हो गया।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

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एक और मुश्किल (another challenge)

लेकिन एक दिन, जब सब कुछ ठीक चल रहा था, एक भयानक तूफ़ान (storm) आया। तूफ़ान इतना तेज़ था कि रमेश का खेत पूरी तरह तबाह हो गया। नीलू और बाज़ ने देखा कि उनकी मेहनत पर पानी फिर चुका है। वह दोनों बहुत उदास हो गए।

रमेश भी बहुत परेशान था। उसने सोचा कि उसका सपना अब पूरा नहीं हो पाएगा। लेकिन नीलू ने उसे प्रोत्साहित किया, “काका, हार मत मानो। हम फिर से कोशिश करेंगे।”

बाज़ ने भी कहा, “हाँ, हम मिलकर फिर से बीज इकट्ठा करेंगे। इस बार हम ज़्यादा मेहनत करेंगे।”

रमेश ने दोनों की बात सुनी और अपने आप को संभाला। उसने फिर से मेहनत करना शुरू कर दिया। नीलू और बाज़ ने भी अपनी पूरी कोशिश की, और कुछ ही महीनों में रमेश का खेत फिर से हरा-भरा हो गया।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

सपनों की कामयाबी (success of dreams)

एक दिन, जब रमेश अपने खेत में काम कर रहा था, उसने देखा कि एक कार उसके खेत के पास रुकी। कार से एक महिला उतरी, जो एक मशहूर फ़ूड ब्लॉगर (food blogger) थी। उसने रमेश से पूछा, “क्या यह ऑर्गेनिक फ़ार्म है?”

रमेश ने हाँ में जवाब दिया। महिला ने उसके खेत का टूर (tour) लिया और उसके फल और सब्ज़ियां खाकर बहुत खुश हुई। उसने रमेश से कहा, “आपके खेत के प्रोडक्ट्स (products) बहुत ही टेस्टी (tasty) हैं। मैं अपने ब्लॉग (blog) में इनके बारे में लिखूंगी, और लोगों को बताऊंगी कि यह ऑर्गेनिक फ़ार्म कहाँ है।”(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

कुछ ही दिनों में, रमेश का खेत मशहूर हो गया। लोग दूर-दूर से उसके खेत से फल और सब्ज़ियां लेने आने लगे। रमेश का सपना पूरा हो गया।

नीलू और बाज़ ने भी अपने सपनों को पूरा किया। नीलू की मेहनत रंग लाई, और वह अब बुलंद बुलंदियों तक उड़ने लगी। बाज़ भी दुनिया का सबसे तेज़ उड़ने वाला बाज़ बन गया।

एक नई शुरुआत (a new beginning)

एक दिन, जब सब खुश थे, नीलू ने रमेश से कहा, “काका, अब हमारा सपना पूरा हो गया है। लेकिन क्या हम एक नया सपना देख सकते हैं?”(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

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रमेश ने पूछा, “कौनसा सपना?”

नीलू ने कहा, “हम एक और ऑर्गेनिक फ़ार्म बनाएं, जहाँ और भी लोग अपने सपनों को पूरा कर सकें।”

रमेश ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ, यह एक बढ़िया आइडिया है। हम मिलकर एक नया सपना देखेंगे।”

और इस तरह, नीलू, रमेश, और बाज़ ने मिलकर एक नया सफर शुरू किया। उन्होंने एक और ऑर्गेनिक फ़ार्म बनाई, जहाँ लोग अपने सपनों को पूरा कर सकें।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

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अंतिम सच (final truth)

नीलू की कहानी हमें यह सिखाती है कि सपने देखना कोई बुराई नहीं है। अगर हम मेहनत करें और अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करें, तो एक दिन ज़रूर कामयाब होंगे। नीलू, रमेश, और बाज़ की दोस्ती हमें यह भी सिखाती है कि मिलकर काम करने से हम अपने सपनों को जल्दी पूरा कर सकते हैं।(Chhoti Chidiya Ka Sapna)(Moral Story)

तो दोस्तों, अगर आप भी अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं, तो नीलू की तरह मेहनत करना शुरू करें। याद रखिए, हर सपना पूरा हो सकता है, बस उसमें मेहनत और लगन होनी चाहिए।https://easyshiksha.com/online_courses/kids-learning/moral-stories/chidiya-ki-kahani

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