Tuesday, February 3, 2026

TRENDING POSTS

latest posts

Homeहिंदी कहानियाँBest Story in Hindi: चतुर खरगोश और लोभी भेड़िये की मज़ेदार कहानी

Best Story in Hindi: चतुर खरगोश और लोभी भेड़िये की मज़ेदार कहानी

हरे-भरे पहाड़ों के बीच फैले एक शांत जंगल में एक छोटा-सा खरगोश रहता था। उसका नाम था चंदू। चंदू अपने मज़ाकिया स्वभाव, तेज़ दौड़ने की क्षमता और प्यारे दिल के कारण पूरे जंगल में मशहूर था। उसकी मुलायम सफेद फर हवा में लहराती थी और उसकी आँखों में हमेशा चमक रहती थी, जैसे आसमान में टिमटिमाते सितारे। जंगल के बच्चे उसे बहुत पसंद करते थे, क्योंकि वह कभी किसी से झगड़ा नहीं करता और हमेशा हँसते-खेलते समय बिताता।

जंगल की सुबह भी बड़ी प्यारी होती थी। सूरज की किरणें जब पेड़ों के बीच से छनकर चमकती थीं, तो ऐसा लगता था मानो जंगल सोने की चादर ओढ़ चुका हो। चंदू उसी रोशनी में कूदता-फाँदता, फूलों को सूँघता और तितलियों के पीछे भागता। उसके लिए हर सुबह एक नया रोमांच होती थी।

लेकिन उसी जंगल में एक और जीव रहता था—जिसका नाम सुनते ही जंगल के जानवर काँप जाते थे। वह था भेड़िया, जिसे सब लोभी भेड़िया कहकर पुकारते थे। इसका कारण था उसकी कभी ना खत्म होने वाली भूख। भेड़िया हमेशा चाहता था कि उसे बिना मेहनत किए खाना मिल जाए। कभी वह हिरण को डराता, कभी बंदरों को धमकाता, और कभी छोटे जानवरों को अपने सामने घुटने टेकने पर मजबूर करता। उसकी आँखों में लालच का अजीब-सा चमक रहता था, जो किसी को भी असहज कर देती थी।

एक दिन सुबह चंदू अपनी फुर्ती में मग्न था। वह बड़े-बड़े पेड़ों के बीच छलाँग लगाता हुआ आगे बढ़ रहा था कि अचानक उसने पीछे से पत्तों पर किसी भारी कदमों की आवाज़ सुनी। उसने मुड़कर देखा—लोभी भेड़िया उसे घूर रहा था। उसकी आँखें चमक रही थीं और दाँत बाहर निकले हुए थे।

चंदू समझ गया कि मामला गंभीर है।
भेड़िया धीमे स्वरों में बोला—
“खरगोश, आज मैं किसी को नहीं छोड़ूँगा। तुम छोटे हो, लेकिन मुझे भूख बहुत ज़्यादा है।”

चंदू ने गहरी साँस ली, लेकिन अपनी फुर्तीली बुद्धि खोई नहीं। उसने शांत स्वर में कहा—
“भेड़िया भाई, आपकी भूख तो सचमुच भारी लग रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं, मैं आपके काम आ सकता हूँ?”

भेड़िया हैरान हुआ—
“काम? तुम? कैसे?”

चंदू ने अपनी चाल शुरू की।
“यह जंगल बहुत बड़ा है। यहाँ एक ऐसा प्राणी छिपा है, जिसे आपने कभी देखा भी नहीं होगा। वह इतना बड़ा और स्वादिष्ट है कि उसे खाकर आपकी भूख हमेशा के लिए मिट जाएगी। अगर आप मुझे छोड़ देंगे, तो मैं आपको उसी तक ले चलूँगा।”

भेड़िया उलझ गया। उसका लोभ अब और बढ़ चुका था।
“इतना बड़ा जानवर? कहाँ है वो?”

चंदू बोला—
“जंगल के आख़िरी छोर पर एक पुराना कुआँ है। उसके अंदर वही रहता है। लेकिन वह बहुत चतुर है। केवल समझदार जानवर ही उसे पकड़ सकते हैं।”

भेड़िया अहंकार से हँसा—
“चतुर? मैं उससे ज्यादा चतुर हूँ। चलो, दिखाओ मुझे!”

दोनों जंगल की घुमावदार पगडंडियों से गुजरते हुए कुएँ तक पहुँचे। काई से ढंका, बिल्कुल शांत और साफ पानी से भरा यह कुआँ किसी रहस्य जैसा लगता था। चंदू ने उँगली से इशारा किया—
“भेड़िया भाई, नीचे झाँककर देखें। लेकिन ध्यान रखना, वह बहुत डरावना दिखता है।”

भेड़िया जैसे ही नीचे झाँका, उसे पानी में अपनी ही परछाईं दिखाई दी। लेकिन पानी की हलचल के कारण उसकी परछाईं और बड़ी, डरावनी और भयानक दिख रही थी। भेड़िए ने सोचा कि कुएँ में सचमुच कोई विशाल जानवर है।

वह थोड़ा पीछे हटा और बोला—
“ये तो मुझसे भी बड़ा दिख रहा है!”

चंदू ने मुस्कुराकर कहा—
“अगर डर गए तो रहने दीजिए। शायद आप इतने ताकतवर नहीं हैं कि उसे हरा सकें।”

यह सुनते ही भेड़िए का अहंकार जाग उठा।
“मैं किसी से नहीं डरता! अभी बताता हूँ उसे!”

भेड़िए ने जोर से दहाड़ लगाई।
कुएँ में उसकी प्रतिध्वनि वापस गूँज उठी—और बिल्कुल वैसी ही दहाड़ सुनाई दी।

भेड़िया सोचने लगा कि नीचे का जानवर उसे चुनौती दे रहा है। गुस्से में भरकर उसने छलाँग लगा दी।

“धड़ाम!”
वह सीधे पानी में जा गिरा।

पानी ठंडा था और गहरा भी। भेड़िया तैरना भी ठीक से नहीं जानता था। वह घबराकर चिल्लाने लगा—
“बचाओ! बचाओ!”

चंदू ने ऊपर से कहा—
“भेड़िया भाई, यह वही होता है जब कोई लालच में अंधा हो जाता है!”

काफी मशक्कत के बाद भेड़िया किसी तरह बाहर आया। उसका शरीर थरथरा रहा था। वह शर्म में डूबा हुआ था।
धीरे से बोला—
“खरगोश… मैंने कभी सोचा नहीं था कि लालच ऐसी मुसीबत में डाल सकता है…”

चंदू पास आकर बोला—
“गलती हर किसी से होती है। लेकिन सुधारना सबसे बड़ी बात होती है। अगर आप चाहे तो मैं आपकी मदद कर सकता हूँ।”

भेड़िए ने झुककर कहा—
“मैं बदलना चाहता हूँ। आज के बाद किसी को नहीं डराऊँगा।”

उस दिन से भेड़िया पूरी तरह बदल गया। वह शिकार खुद करता, दूसरों को परेशान नहीं करता, और जंगल में शांति वापस लौट आई। चंदू और भेड़िया अच्छे दोस्त बन गए।

यह कहानी पूरे जंगल में फैल गई। छोटे-बड़े सभी जानवर इसे सुनकर समझते कि चतुराई का इस्तेमाल बुराई के खिलाफ होना चाहिए, और लालच इंसान—या जानवर—दोनों को बर्बादी की राह पर ले जाता है।

इस तरह यह नई, मज़ेदार और ज्ञान से भरी Best Story in Hindi खत्म होती है, जो बच्चों में अच्छाई, बुद्धिमानी और दयालुता की भावना जगाती है।

✨ नैतिक शिक्षा

  • लालच का अंत हमेशा बुरा होता है।
  • समझदारी से काम लेने वाला ही असली विजेता बनता है।
  • दूसरों को डराकर नहीं, बल्कि अपनी मेहनत से सम्मान कमाया जाता है।https://hindikahani.in/badhdhiman-khargos-ki-kahani/

ये भी पढ़े

मन की ताकत: संघर्ष से सफलता तक की कहानी (motivational story in hindi for students)

छोटा कदम, बड़ी सफलता: विद्यार्थियों के लिए प्रेरक कहानी

bedtime stories in hindi मां की आखिरी सीख – एक अनसुनी रात की सच्ची कहानी

Hindi Kids Stories: जादुई जंगल और बहादुर पप्पू की दोस्ती

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments