सीतापुर नाम के एक छोटे से गाँव में अमन नाम का लड़का रहता था।(Ghost Stories in Hindi) वह बचपन से बहुत डरपोक माना जाता था। लोग कहते थे कि वह रात में अकेले बाहर तक नहीं निकलता। गाँव के बीचों-बीच एक पुराना खंडहर था जिसे सब लोग “भूत वाला घर” कहते थे। कहते हैं, वहाँ रात में किसी औरत की सिसकियाँ सुनाई देती थीं। बच्चे उस रास्ते से दूर रहते थे, और बड़े भी वहाँ जाने से डरते थे।
अमन को भी हमेशा उस जगह से डर लगता था। लेकिन जिंदगी हमेशा डरपोक लोगों को एक न एक दिन परीक्षा में डालती ही है। एक रात अमन के पिता अचानक बीमार पड़ गए। डॉक्टर ने कहा कि उन्हें तुरंत शहर के अस्पताल ले जाना होगा। मगर अस्पताल जाने वाला रास्ता उसी खंडहर के पास से होकर जाता था जहाँ के बारे में ghost stories in hindi में कई किस्से सुनाए जाते थे।
रात के दस बज चुके थे। गाँव में सन्नाटा था। ठंडी हवा पेड़ों को झकझोर रही थी। आसमान पर बादल थे और बिजली की चमक से जंगल के पेड़ अजीब साए बना रहे थे। अमन की माँ ने काँपते हाथों से उसका सिर सहलाया और कहा, “बेटा, तुम्हारे पिता की हालत बहुत खराब है। किसी तरह उन्हें शहर पहुँचा दे।”
अमन के पास कोई और रास्ता नहीं था। उसके मन में डर की लहर उठी लेकिन उसने पिता की तरफ देखा — उनका चेहरा पीला पड़ गया था। अमन ने अपने डर पर काबू पाया और बोला, “मैं ले जाऊँगा माँ, चाहे भूत ही क्यों न मिल जाए।”
उसने अपने पिता को साइकिल पर बैठाया और अंधेरे में निकल पड़ा। हवा में मिट्टी की गंध थी, दूर कुत्तों के भौंकने की आवाज़ें आ रही थीं। जब वह उस पुराने खंडहर के पास पहुँचा, तभी साइकिल की चेन फँस गई।
अमन नीचे झुका, हाथ काँप रहे थे। तभी पीछे से धीमी सी आवाज़ आई — “कौन है वहाँ…?”
वह आवाज़ किसी औरत की थी। अमन का दिल जैसे रुक गया। उसने धीरे-धीरे सिर घुमाया और देखा — एक सफेद साड़ी में औरत खड़ी थी। उसके बाल बिखरे हुए थे, चेहरा आधा छिपा हुआ, और आँखें चमक रही थीं।
अमन का शरीर काँप उठा। उसकी साँसें तेज़ हो गईं। यही वह पल था जहाँ से ghost stories in hindi शुरू होती हैं — डर, सन्नाटा और एक अनजान परछाई।
वह औरत बोली — “डर मत… मैं तुझे कुछ नहीं कहूँगी…”
उसकी आवाज़ में अजीब सी उदासी थी। अमन ने हिम्मत करके पूछा, “आप… आप कौन हैं?”
औरत ने कहा, “मैं इसी गाँव की थी। कई साल पहले मेरे पति ने मुझे इसी खंडहर में जिंदा जला दिया था। तब से मैं यहाँ भटक रही हूँ। कोई मेरी बात नहीं सुनता। मेरी आत्मा को शांति नहीं मिलती।”
अमन के शरीर में सिहरन दौड़ गई, पर अब उसे औरत पर दया आ रही थी। उसने डर को किनारे रखकर पूछा, “आपको शांति कैसे मिलेगी?”
औरत बोली, “मेरी अस्थियाँ अब भी इसी खंडहर में हैं। अगर कोई उन्हें गंगा में बहा दे तो मैं मुक्त हो जाऊँगी। लेकिन कोई यहाँ आता ही नहीं।”
अमन के दिल में साहस की चिंगारी जल उठी। उसने कहा, “मैं आपकी मदद करूँगा, लेकिन पहले अपने पिता को अस्पताल ले जाना है।”
औरत मुस्कुराई और बोली, “जा बेटा, भगवान तेरा भला करे।”
अमन ने साइकिल उठाई और पूरी ताकत से पैडल चलाने लगा। रात का अंधेरा उसे घेर रहा था, पर उसके दिल में अब रोशनी थी। उसके पीछे बैठे पिता बेहोश थे, लेकिन अमन का साहस अब किसी ghost stories in hindi के हीरो से कम नहीं था।
शहर पहुँचते ही डॉक्टरों ने पिता को भर्ती किया। डॉक्टर बोले, “थोड़ी देर और होती तो मुश्किल हो जाती।” अमन की आँखों से आँसू निकल आए — यह आँसू डर पर जीत के थे।
सुबह होते ही अमन वापस गाँव लौटा। सब लोग हैरान थे कि वह रात में उस रास्ते से गया और ज़िंदा लौट आया। किसी ने कहा, “अरे, तूने भूत को देखा?”
अमन बस मुस्कुरा दिया। उसने कुछ गाँववालों को साथ लिया और खंडहर में खुदाई शुरू की। मिट्टी के नीचे हड्डियाँ और एक टूटी हुई चूड़ी मिली। सब लोग हैरान थे। अमन ने कहा, “यही वो आत्मा है जो मदद माँग रही थी।”
वह सबको लेकर गंगा गया और उन अस्थियों का विसर्जन किया। गंगा के किनारे हवा में एक मीठी सी खुशबू फैल गई। ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके कंधे पर हाथ रखा हो। उसने पीछे मुड़कर देखा, कोई नहीं था। लेकिन हवा में हल्की सी आवाज़ आई —
“धन्यवाद बेटा… अब मैं मुक्त हूँ…”
अमन की आँखें नम हो गईं। उसने हाथ जोड़कर कहा, “आपकी आत्मा को शांति मिले, माँ।”
उस दिन के बाद उस खंडहर में कभी कोई अजीब आवाज़ नहीं सुनी गई। गाँव वाले अब उस रास्ते से बेख़ौफ़ होकर गुजरने लगे। अमन अब गाँव का सबसे बहादुर लड़का कहलाने लगा। Ghost stories in hindi का वह डरावना खंडहर अब एक सीख देने वाली जगह बन गया था।
समय बीतता गया। अमन शहर में नौकरी करने लगा। वह जब भी किसी को देखता जो डर के कारण रुक जाता, तो मुस्कुरा कर कहता —
“डर सिर्फ मन में होता है। अगर उसे पहचान लो तो वो डर नहीं रहता।”
कुछ साल बाद वह गाँव लौटा। उसने बच्चों के लिए एक छोटी सी लाइब्रेरी खोली। वह बच्चों को पढ़ाता और कहता, “भूत वो नहीं जो दिखते हैं, भूत वो हैं जो हमें हमारे डर में बाँध कर रखते हैं।”
गाँव के लोग अब उसे इज़्ज़त से देखते। प्रधान ने एक दिन कहा, “अमन बेटा, तूने साबित कर दिया कि इंसान का असली भूत उसका डर होता है।”
अमन ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ चाचा, डर को हराने वाला ही असली इंसान है।”
रात का समय था। अमन अपनी छत पर बैठा था। आसमान में चाँद था, हवा में वही पुरानी खुशबू थी। उसे लगा जैसे कोई पास से गुजर गया। उसने आसमान की ओर देखा और धीमे से कहा, “माँ, अब आप शांति में हैं न?”
हवा ने धीरे से उसके बालों को छुआ और एक हल्की सी आवाज़ आई — “हाँ बेटा।”
अमन मुस्कुरा दिया। अब उसके दिल में कोई डर नहीं था। उसे एहसास हुआ कि ghost stories in hindi सिर्फ डराने के लिए नहीं होतीं, बल्कि सिखाने के लिए होती हैं — कि डर से भागना नहीं, उसका सामना करना चाहिए।
उसने आँखें बंद कीं और खुद से कहा, “डर खत्म नहीं होता, उसे हराना पड़ता है। तभी ज़िंदगी जीने लायक बनती है।”
कहानी से सीख:
डर केवल हमारे मन में होता है। जब हम उससे भागते हैं तो वह बड़ा लगता है, लेकिन जब सामना करते हैं तो वो गायब हो जाता है। यही ghost stories in hindi की असली सच्चाई है — भूत नहीं डराते, हमारा डर हमें डराता है।https://bhootkikahaniya.com/
ये भी पढ़े
Short Stories for Kids in Hindi: बच्चों के लिए मजेदार और शिक्षाप्रद कहानियों का खज़ाना
Moral Stories for Kids in Hindi: जानवरों और पक्षियों की मजेदार कहानियाँ बच्चों के लिए
Funny Story in Hindi: बच्चों के लिए हँसी से भरपूर मज़ेदार कहानियाँ
Short Stories for Kids in Hindi: छोटी कहानियाँ जो बच्चों की सोच बदल दें

