इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली एशेज सीरीज़ हमेशा ध्यान का केंद्र रहती है,(England vs Australia Ashes 2025 ) लेकिन 2025-26 के पहले टेस्ट मैच की शुरुआत जिस तरह हुई, उसने सभी क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया। सालों से इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर संघर्ष करना पड़ा है, लेकिन इस बार शुरुआत ही ऐसी रही कि लगा जैसे इंग्लैंड ने पुरानी कमजोरियों को पीछे छोड़ दिया है। पिछली 14 सालों में इंग्लैंड को कई बार एकतरफा हार मिली, लेकिन इस मुकाबले का पहला ही दिन इंग्लैंड के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास पूरी दुनिया के सामने लेकर आया।
पर्थ में पहला दिन—मैदान के बाहर खुशी, अंदर तेज़ तूफान
मुकाबले से पहले का माहौल बेहद खुशनुमा था। स्वान नदी के किनारे रंग-बिरंगे झूले, फेरिस व्हील, क्रिकेट थीम वाले inflatable खिलौने और दूर-दूर से पहुंचे इंग्लैंड के प्रशंसक तस्वीरें लेते दिख रहे थे। यह नज़ारा किसी छोटे से त्योहार जैसा लग रहा था। लेकिन मैदान में उतरते ही माहौल एकदम बदल गया। पिच पर उछाल था, हवा में गति थी और दोनों टीमों पर दबाव भी साफ दिखाई दे रहा था।
इंग्लैंड ने पहली पारी में केवल 172 रन बनाए। यह स्कोर ऑस्ट्रेलिया में उनकी एशेज यात्रा का 123 साल में सबसे छोटा पहला स्कोर है। कई लोगों ने इसे इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाज़ी रणनीति यानी बाज़बॉल का गलत असर बताया, लेकिन इंग्लैंड ने इस चुनौती को स्वीकारते हुए तेज़ रन बनाने की कोशिश जारी रखी। मिचेल स्टार्क की आक्रमक गेंदों के सामने बल्लेबाज़ टिक तो नहीं पाए, लेकिन टीम ने स्कोरबोर्ड को रोकने नहीं दिया।
इंग्लैंड की तेज़ गेंदबाज़ी – इस एशेज की सबसे बड़ी ताकत/England vs Australia Ashes 2025
इंग्लैंड पिछले कुछ सालों से एक ही योजना पर काम कर रहा था—ऑस्ट्रेलिया में तेज रफ्तार गेंदबाज़ी ही जीत की चाबी है। टीम प्रबंधन ने 2023 की घरेलू एशेज के बाद ही फैसला कर लिया था कि भविष्य में उन्हें तेज़ गेंदबाज़ों की एक मजबूत फौज चाहिए होगी। इसी योजना के तहत 2024 में दिग्गज जेम्स एंडरसन को टीम से बाहर किया गया। उनके बदले टीम ने ऐसे गेंदबाज़ तैयार किए जिनकी रफ्तार और फिटनेस किसी भी मुकाबले का रुख पलट सकती है।
पहले दिन इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने औसत 87.6 मील प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदें डालीं, जो इंग्लैंड की टेस्ट इतिहास की सबसे तेज़ गेंदबाज़ी का दिन बना। जॉफ्रा आर्चर, मार्क वुड, गस एटकिंसन, ब्राइडन कार्स और बेन स्टोक्स—इन पांचों ने मिलकर ऐसा दवाब बनाया कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों की लय पूरी तरह बिगड़ गई। बल्लेबाज़ों को हर दूसरी गेंद पर अपने बैकफुट पर जाना पड़ा। यह पिछले 20 सालों के रिकॉर्ड में सबसे ज़्यादा था।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों पर लगातार दबाव/England vs Australia Ashes 2025
कई विकेट ऐसे गिरे जो खुद बताते हैं कि इंग्लैंड की गेंदबाज़ी कितनी खतरनाक थी। जॉफ्रा आर्चर की तेज गेंद से जेक वेदरॉल्ड LBW हुए और गेंद लगते ही वह लगभग गिरते-गिरते बचे। ब्राइडन कार्स की उस्मान ख्वाजा को लगी बाउंसर ऐसी लगी कि उनकी प्रतिक्रिया देखकर दर्शक शांत हो गए। वहीं मार्क वुड की तेज़ बाउंसर कैमरन ग्रीन की ग्रिल पर सीधे लगी और वह लगभग अपने स्टंप्स पर गिर गए।
सबसे दिलचस्प मुकाबला था स्टीव स्मिथ और इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों के बीच। स्मिथ, जो एशेज इतिहास के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं, इस बार पूरी तरह दबाव में नज़र आए। उन्होंने 49 गेंदों पर सिर्फ 17 रन बनाए और अपने करियर का सबसे अधिक 49% फॉल्स शॉट प्रतिशत दर्ज किया। इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की रफ्तार और लगातार सही लाइन-लेंथ ने उन्हें खुलकर खेलने ही नहीं दिया।
हर गेंदबाज़ की अपनी कहानी, एक ही लक्ष्य—एशेज जीतना
इस इंग्लैंड तेज गेंदबाज़ी समूह की सबसे खास बात यह है कि हर खिलाड़ी की अपनी भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानी है।
जॉफ्रा आर्चर ने चार साल चोटों से लड़ाई की और कई लोगों ने मान लिया था कि वे कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। लेकिन जिस मजबूती से उन्होंने वापसी की है, उसने सभी विशेषज्ञों को चौंका दिया है।
मार्क वुड 36 के करीब हैं, लेकिन उनकी रफ्तार आज भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज़ी में शामिल है।
ब्राइडन कार्स एक साल पहले तक पुराने बेटिंग मामलों की वजह से क्रिकेट से दूर थे।
गस एटकिंसन अपनी माँ की दुखद मृत्यु के बाद मानसिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुज़रे।
और बेन स्टोक्स—इसी पर्थ में 2013 में उन्होंने अपनी पहली यादगार पारी खेली थी, और इस बार उन्होंने गेंद से लगातार दूसरा पांच विकेट haul अपने नाम किया।
अभी लड़ाई बाकी है, लेकिन इंग्लैंड का इरादा साफ है
हालांकि इंग्लैंड ने इस मुकाबले में शानदार शुरुआत की है, लेकिन यह भी सच है कि मैच अभी खुला हुआ है। इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को दूसरी पारी में बड़ी भूमिका निभानी होगी। अगर वे पर्याप्त रन नहीं बना पाए, तो गेंदबाज़ों की यह मेहनत बेकार जा सकती है। साथ ही, अगले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस भी लौटेंगे, जिससे इंग्लैंड की चुनौती और कठिन होगी।
लेकिन जो बात साफ दिखाई देती है, वह यह कि England vs Australia Ashes 2025 में इंग्लैंड इस बार सिर्फ मुकाबला करना नहीं, बल्कि जीतना चाहता है। पर्थ में पहले दिन जिस तरह उन्होंने एशेज की शुरुआत की है, वह आने वाले मुकाबलों के लिए एक बड़ा संकेत है। यह सिर्फ एक दिन था, लेकिन ऐसा दिन जिसने इस सीरीज़ की दिशा बदलने की पूरी क्षमता दिखा दी।https://www.livehindustan.com/cricket/australia-vs-england-the-ashes-series-first-test-at-perth-preview-201763625391264.html
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