Monday, February 23, 2026

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35 के बाद महिलाओं की डाइट: बेहतर सेहत के लिए सही भोजन और समझदारी भरी जीवनशैली

35 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में धीरे-धीरे कई स्वाभाविक परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। इस समय हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होने लगता है, जिससे मेटाबॉलिज्म पहले की तुलना में धीमा हो सकता है। इसका असर वजन पर पड़ता है और थोड़ी-सी लापरवाही से वजन बढ़ने लगता है। इसी उम्र के आसपास थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं, खून की कमी, हड्डियों में कमजोरी, विटामिन डी और विटामिन बी12 की कमी, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जैसी परेशानियों की आशंका भी बढ़ जाती है। कई महिलाओं को पीसीओएस, मासिक धर्म की अनियमितता या प्री-मेनोपॉज के शुरुआती संकेत महसूस होने लगते हैं।

इन सभी कारणों से “35 के बाद महिलाओं की डाइट” पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। संतुलित और पोषक भोजन न केवल शरीर को जरूरी ऊर्जा देता है, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से भी बचाव करता है। सही खानपान से दिल की सेहत बेहतर रहती है, हड्डियां मजबूत बनती हैं और पाचन तंत्र सही तरह से काम करता है। अगर इस उम्र में भोजन को लेकर सही आदतें बना ली जाएं, तो आगे चलकर स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

35 के बाद महिलाओं की डाइट क्यों महत्वपूर्ण है?

इस उम्र के बाद शरीर में चर्बी जमा होने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है और कैलोरी खर्च होने की क्षमता कम हो जाती है। गलत खानपान की वजह से मोटापा, जोड़ों में दर्द, लगातार थकान, बालों का झड़ना और त्वचा की चमक कम होने जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। इसलिए 35 के बाद महिलाओं के लिए हेल्दी डाइट अपनाना केवल वजन नियंत्रित रखने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी है। संतुलित आहार हार्मोनल संतुलन को बेहतर बनाता है और रोगों से लड़ने की क्षमता को भी मजबूत करता है।

रोजाना की डाइट में क्या शामिल करें?

1) पर्याप्त प्रोटीन लें
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की मजबूती धीरे-धीरे कम हो सकती है। प्रोटीन मांसपेशियों को सहारा देता है और शरीर की मरम्मत प्रक्रिया में मदद करता है। दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, पनीर, दूध, दही और अंडा प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी महिलाएं दालों और सोया उत्पादों को नियमित रूप से शामिल कर सकती हैं।

2) कैल्शियम और विटामिन डी का ध्यान रखें
हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी पोषक तत्व है। दूध, दही, पनीर, रागी, तिल और बादाम को भोजन में शामिल करना फायदेमंद रहता है। विटामिन डी के लिए सुबह या शाम की हल्की धूप में कुछ देर बैठना लाभकारी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।

3) आयरन और फोलिक एसिड का सेवन बढ़ाएं
महिलाओं में खून की कमी आम समस्या मानी जाती है। आयरन की कमी से थकावट और चक्कर जैसी परेशानियां हो सकती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और मेथी, साथ ही अनार, चुकंदर, गुड़, खजूर और किशमिश आयरन प्रदान करते हैं। आयरन के साथ विटामिन सी लेने से उसका अवशोषण बेहतर होता है, इसलिए नींबू और आंवला भी डाइट में शामिल करें।

4) फाइबर युक्त भोजन अपनाएं
फाइबर पाचन तंत्र को सुचारू रखने में मदद करता है और वजन नियंत्रण में सहायक होता है। साबुत अनाज, दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस, मौसमी फल और हरी सब्जियां रोजाना खाने से पेट की समस्याएं कम होती हैं और ब्लड शुगर संतुलित रहती है।

5) हेल्दी फैट को न भूलें
सही प्रकार का फैट दिल की सेहत के लिए आवश्यक होता है। अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और सरसों का तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड देते हैं, जो सूजन को कम करने और कोलेस्ट्रॉल को संतुलन में रखने में सहायक होते हैं।

6) पानी की मात्रा पर्याप्त रखें
दिनभर पर्याप्त पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है, त्वचा स्वस्थ रहती है और शरीर से हानिकारक तत्व बाहर निकलते हैं। पर्याप्त पानी पीने से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर तरीके से काम करता है।

किन चीजों से परहेज करें?

35 के बाद बहुत ज्यादा तले-भुने, पैकेट वाले और जंक फूड का सेवन नुकसानदेह हो सकता है। मीठे ड्रिंक्स, बेकरी उत्पाद और अत्यधिक नमक वाले स्नैक्स वजन बढ़ाने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या को बढ़ा सकते हैं। बार-बार बाहर का खाना खाने की आदत छोड़कर घर का ताजा और हल्का भोजन अपनाना ज्यादा फायदेमंद रहता है।

डाइट के साथ जीवनशैली में सुधार जरूरी

सिर्फ सही भोजन ही काफी नहीं है, बल्कि सक्रिय जीवनशैली अपनाना भी उतना ही जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलना, योग या हल्की कसरत करने से शरीर सक्रिय रहता है। पूरी नींद लेने से हार्मोन संतुलित रहते हैं। तनाव कम करने के लिए ध्यान, गहरी सांस लेने की तकनीक या अपनी पसंद के शौक अपनाएं। समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने से किसी भी समस्या का पता समय रहते चल जाता है।

निष्कर्ष

यदि “35 के बाद महिलाओं की डाइट” संतुलित, ताजा और पोषण से भरपूर रखी जाए, तो उम्र के साथ आने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फाइबर और हेल्दी फैट को नियमित भोजन में शामिल करें और जंक फूड से दूरी बनाएं। सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर महिलाएं लंबे समय तक खुद को फिट, ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रख सकती हैं।

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