उत्तर प्रदेश का बहराइच जिला इन दिनों भेड़ियों के आतंक से कांप रहा है।(बहराइच में भेड़ियों का कहर) लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में डर और बेचैनी का माहौल है। खासकर छोटे बच्चे और कमजोर लोग इन हमलों का शिकार बन रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि यदि भेड़िए पकड़ में नहीं आते तो उन्हें शूट करने से भी परहेज़ न किया जाए।
सीएम योगी ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर तरह से मदद करेगी। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, वहीं घायल लोगों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैसरगंज तहसील के मंझारा तौकली गांव पहुंचे। यहां आने से पहले उन्होंने हेलीकॉप्टर से करीब बीस मिनट तक हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने जंगलों और नदियों के किनारे बसे इलाकों को ध्यान से देखा और कहा कि उन्हें ऊपर से कुछ जंगली जीव दिखाई भी दिए, जो सियार या भेड़िए हो सकते हैं।
गांव में उतरने के बाद उन्होंने सीधे पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द सुना। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री योगी ने घोषणा की कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को भेड़िए के हमले में खो दिया है, उन्हें 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं घायलों को 50 हजार रुपए और बेहतर इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने सभी सांसदों और विधायकों से भी अपील की कि वे इन परिवारों की निजी स्तर पर मदद करें ताकि वे जल्दी से सामान्य जीवन जी सकें।
सीएम योगी ने कहा कि प्रभावित ग्रामीण परिवारों को केवल आर्थिक मदद ही नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाएं भी दी जाएंगी। जिनके पास पक्का मकान नहीं है उन्हें तत्काल आवास दिया जाएगा। जिन घरों में दरवाजे नहीं लगे हैं वहां जल्द से जल्द दरवाजे लगवाए जाएंगे। जिन परिवारों के घरों में शौचालय नहीं हैं वहां तुरंत शौचालय बनवाए जाएंगे।
इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया कि गांवों में लाइटिंग और बिजली व्यवस्था सुधारी जाए ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली जानवर लोगों पर हमला न कर सकें।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग की टीमों को आदेश दिया कि पूरे इलाके की गहन तलाशी ली जाए और भेड़ियों की तलाश में कोई कोना न छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यदि भेड़िए जिंदा पकड़ में आते हैं तो उन्हें सुरक्षित पकड़कर चिड़ियाघर भेजा जाए, लेकिन अगर ऐसा संभव न हो और वे लगातार लोगों पर हमला करते रहें तो उन्हें शूट करने में देर न की जाए।
पुलिस प्रशासन को भी आदेश दिए गए कि प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग और गश्त बढ़ाई जाए। खासकर रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरती जाए ताकि गांवों में रहने वाले लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।
सीएम योगी ने कहा कि भेड़िए आमतौर पर नदी किनारे मांद बनाकर रहते हैं। जब नदी का जलस्तर बढ़ता है तो वे वहां से निकलकर इंसानी बस्तियों की ओर आ जाते हैं। यही वजह है कि कैसरगंज और आसपास के गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है क्योंकि बच्चे और बुजुर्ग अक्सर इनके शिकार बन जाते हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस खतरे को खत्म करने के लिए पुख्ता और स्थायी उपाय किए जाएं।
सीएम ने याद दिलाया कि कुछ समय पहले महसी क्षेत्र में भी इसी तरह का संकट सामने आया था। उस वक्त छह भेड़िए पकड़े गए थे और उन्हें चिड़ियाघर भेजा गया था। इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है क्योंकि कैसरगंज और आसपास के कई गांव लगातार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बार भी सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है और ग्रामीणों को जल्द राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन से कहा कि सभी घायल लोगों को तुरंत एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भेड़िए के काटने से रैबीज फैलने का खतरा रहता है और समय पर टीका न लगने से जान भी जा सकती है। इसलिए किसी भी हालत में वैक्सीन की कमी नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने अस्पतालों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए और दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। चाहे आर्थिक सहायता हो, इलाज की सुविधा हो या फिर घर बनाने की मदद – हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा और राहत दोनों सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने वन विभाग, पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस खतरे को हर हाल में खत्म किया जाए।
बहराइच में भेड़ियों का बढ़ता खतरा ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। मासूम बच्चे और कमजोर लोग इसके शिकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह आदेश कि भेड़िए अगर पकड़ में न आएं तो उन्हें शूट कर दिया जाए, यह दिखाता है कि सरकार किसी भी कीमत पर ग्रामीणों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी।
सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद और बुनियादी सुविधाओं का भरोसा दिया है, लेकिन असली राहत तभी मिलेगी जब यह आतंक पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अब उम्मीद की जा रही है कि वन विभाग और प्रशासन मिलकर जल्द ही ग्रामीणों को इस भय से निजात दिलाएंगे।https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/bahraich/cm-yogi-adityanath-orders-killing-of-wolf-in-bahraich-news/articleshow/
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