समाचार

Winter Kidney Stones: सर्दियों में 6 गलतियां जो किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ा देती हैं

सर्दियों का मौसम जितना आरामदायक और सुहावना लगता है, उतना ही यह शरीर को भीतर से परेशान भी कर सकता है, खासकर किडनी को। अक्सर लोग ठंड में पानी पीने की आदत को नजरअंदाज कर देते हैं और शरीर में धीरे-धीरे पानी की कमी बढ़ने लगती है। यही स्थिति Winter Kidney Stones बनने का सबसे बड़ा कारण बनती है। ठंडे मौसम में प्यास कम लगने के कारण लोग पानी नहीं पीते, लेकिन शरीर की जरूरत कम नहीं होती। नतीजा यह होता है कि पेशाब गाढ़ा होने लगता है, जिससे खनिज एक-दूसरे से चिपकने लगते हैं और पथरी बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसलिए डॉक्टर लगातार चेतावनी देते हैं कि ठंड में पानी पहले से ज्यादा जरूरी हो जाता है।

सर्दियों में पानी की कमी और पथरी का बढ़ता खतरा

ठंड में अक्सर शरीर हमें धोखा देता है। हवा शुष्क होने की वजह से पसीना कम निकलता है और हमें लगता है कि शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं है। लेकिन अंदर से शरीर लगातार पानी खो रहा होता है। जब लंबे समय तक हल्की डिहाइड्रेशन बनी रहती है, तो किडनी पर दबाव बढ़ जाता है और कैल्शियम, ऑक्जेलेट व यूरिक एसिड जैसे तत्व तेजी से इकट्ठा होने लगते हैं। धीरे-धीरे ये तत्व क्रिस्टल बनाकर पथरी का रूप ले लेते हैं। यही वजह है कि Kidney Stones के केस सर्दियों में अचानक बढ़ जाते हैं और लोग दर्द या जलन जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचते हैं।

ठंड में बदली खानपान आदतें भी बढ़ाती हैं खतरा

डॉक्टर बताते हैं कि सिर्फ पानी कम पीना ही नहीं, बल्कि सर्दियों में लोगों के खाने की गलत आदतें भी पथरी बनने का जोखिम बढ़ाती हैं। इस मौसम में गर्म, तले हुए और मसालेदार भोजन की मात्रा बढ़ जाती है। प्रोसेस्ड फूड, नमकीन और जंक फूड का सेवन ज्यादा होने पर किडनी पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। मुंबई के प्रसिद्ध यूरिनरोग विशेषज्ञ डॉ. भाविन पटेल के मुताबिक, जिन लोगों को मोटापा है, डायबिटीज है, यूरिक एसिड बढ़ा रहता है या पहले कभी पथरी हो चुकी है, उनमें Winter Kidney Stones का खतरा सामान्य लोगों से अधिक रहता है। ठंड में यह जोखिम दोगुना हो जाता है क्योंकि पानी कम पीने की आदत उनकी स्थिति को और खराब कर देती है।

रिसर्च भी देती है चेतावनी

वैज्ञानिक शोध भी बताते हैं कि ठंड का मौसम किडनी स्टोन बनने के लिए अधिक संवेदनशील होता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि सर्दियों में लोग औसतन 40 से 50 प्रतिशत कम पानी पीते हैं, जिसके कारण शरीर लंबे समय तक डिहाइड्रेशन की स्थिति में रहता है। 2014 में प्रकाशित एक रिसर्च में स्पष्ट रूप से बताया गया कि ठंड के महीनों में पथरी के मामलों में मौसमी पैटर्न के अनुसार बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी रिसर्च में बताया गया कि ज्यादा नमक और ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट किडनी स्टोन को तेजी से बढ़ाती है, खासकर तब जब पानी का सेवन कम हो।

किडनी स्टोन के लक्षण कैसे पहचानें

किडनी स्टोन का दर्द अक्सर अचानक और बहुत तेज शुरू होता है। पीठ के निचले हिस्से में चुभन जैसा दर्द, जो पेट या कमर तक फैल सकता है, इसका सबसे आम लक्षण है। इसके अलावा पेशाब में जलन, बदबूदार या गाढ़ा पेशाब, बार-बार पेशाब लगना, उलटी जैसा मन होना और कमजोरी महसूस होना भी संकेत हैं कि किडनी में कुछ गड़बड़ है। अगर पेशाब में खून दिखाई दे, तो यह स्थिति गंभीर मानी जाती है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह संकेत हो सकता है कि पथरी किसी नली को ब्लॉक कर रही है। छोटी पथरी ज्यादा पानी पीने से निकल सकती है, जबकि बड़ी पथरी के लिए शॉक वेव या लेजर जैसे आधुनिक इलाज की जरूरत पड़ती है। जल्दी जांच कराने से जटिलताएं कम होती हैं और इलाज भी आसान बनता है।

सर्दियों में किडनी स्टोन से कैसे बचें

डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में किडनी स्टोन से बचने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है–पानी ज्यादा पीना। भले ही प्यास न लगे, लेकिन दिन में 10 से 12 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। गुनगुना पानी इस मौसम में शरीर को आराम भी देता है और किडनी को साफ रखने में मदद करता है। नमक की मात्रा कम रखना भी जरूरी है, क्योंकि ज्यादा नमक पेशाब को गाढ़ा करता है और पथरी बनने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। पैकेट वाले स्नैक्स, प्रोसेस्ड फूड और तली हुई चीजें कम खाएं, क्योंकि इनमें प्रिज़रवेटिव और नमक काफी ज्यादा होता है। नींबू, संतरा और मौसमी जैसे फलों में मौजूद प्राकृतिक साइट्रेट किडनी में क्रिस्टल बनने से रोकते हैं, इसलिए रोज इनका सेवन फायदेमंद है। हल्की शारीरिक गतिविधि जैसे टहलना, योग या स्ट्रेचिंग भी किडनी के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे शरीर का पानी संतुलित रहता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।

निष्कर्ष: सर्दियों में सतर्कता जरूरी

सर्दियों का मौसम जितना सुखद होता है, उतना ही यह किडनी के लिए चुनौती भी लाता है। पानी कम पीना, नमक और तैलीय चीजें ज्यादा खाना, और शरीर का कम सक्रिय रहना–ये तीन आदतें मिलकर Kidney Stones बनने के लिए बिल्कुल सही वातावरण तैयार कर देती हैं। अच्छी बात यह है कि थोड़ी जागरूकता रखकर इस समस्या से पूरी तरह बचा जा सकता है। अगर आप पानी नियमित रूप से पीते हैं, नमक कम रखते हैं, साइट्रेट वाले फल खाते हैं और हल्की शारीरिक गतिविधि करते हैं, तो सर्दियों में किडनी स्टोन का खतरा काफी हद तक खत्म हो जाता है। सही आदतें आपकी किडनी को स्वस्थ रखती हैं और आपको लंबे समय तक गंभीर समस्याओं से दूर रखती हैं।https://kidneystonesclinic-in.translate.goog/how-does-the-winter-season-raise-the-risk-of-kidney-stones

ये भी पढ़े

Rabbit and Tortoise Story in Hindi: खरगोश और कछुए की मज़ेदार कहानी बच्चों के लिए

Yamaha FZ Series का नया मॉडल — अब ज्यादा हल्का, ज्यादा स्टाइलिश और ज्यादा माइलेज वाला

CJI Suryakant: अनुच्छेद 370 से पेगासस तक — देश के नए मुख्य न्यायाधीश के 5 बड़े और चर्चित फैसले

Jiya lal verma

Recent Posts

Unified Entrance Exam: क्या अब NEET और JEE की जगह होगी एक ही राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा?

शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की चर्चा देश में NEET पेपर लीक मामले के बाद…

1 month ago

SEBI Work From Home: क्या अब घर से कंट्रोल होगा भारत का शेयर बाजार?

भारत में लगातार बदलते आर्थिक और वैश्विक माहौल के बीच अब बाजार नियामक Securities and…

1 month ago

8th Pay Commission: लखनऊ में होगी बड़ी बैठक, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में हो सकता है बड़ा बदलाव

देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा 8th…

1 month ago

Heat and Heart Attack Risk: क्या बढ़ती गर्मी हार्ट अटैक के खतरे को तेजी से बढ़ा रही है?

Heat and Heart Attack Risk: देशभर में इस समय भीषण गर्मी लोगों के लिए बड़ी…

1 month ago

8th Pay Commission Salary Increase: क्या 6% इंक्रीमेंट से बेसिक पे और इन-हैंड सैलरी में आएगा बड़ा बदलाव?

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच इन दिनों 8th Pay Commission Salary Increase को लेकर…

2 months ago