आज के दौर में हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चे का भविष्य होता है। (SIP Investment for Child Future) बच्चे की पढ़ाई, करियर, सुरक्षा और बढ़ती महंगाई — इन सब बातों को सोचकर माता-पिता के मन में यह सवाल बार-बार आता है कि आखिर सही फाइनेंशियल प्लानिंग कैसे की जाए। इसी उद्देश्य से SBI Mutual Fund Nivesh Cafe में एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया, जहां बच्चों के भविष्य के लिए सही निवेश रणनीति पर विस्तार से बात हुई। इस चर्चा का मुख्य विषय था — SIP Investment for Child Future, जो आज के समय में बच्चों के सुरक्षित भविष्य की सबसे सरल और भरोसेमंद योजना मानी जा रही है।
कार्यक्रम में आए लगभग सभी माता-पिता की चिंता एक जैसी थी — आज पढ़ाई जितनी महंगी है, आने वाले 15–20 सालों में इसका खर्च और कितना बढ़ जाएगा, यह सोचकर ही डर लगने लगता है। इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, लॉ जैसी पढ़ाइयों का खर्च आज लाखों में है और भविष्य में यह करोड़ों तक पहुंच सकता है। ऐसे में बिना योजना के आगे बढ़ना बच्चों के सपनों के साथ बड़ा जोखिम है। यही कारण है कि आज हर समझदार माता-पिता SIP Investment for Child Future जैसी योजनाओं की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
निवेश कैफे में यह साफ देखने को मिला कि भारत में हर किसी के पास निवेश को लेकर अपनी-अपनी राय है। कोई सोने को सबसे सुरक्षित मानता है, कोई जमीन खरीदने की सलाह देता है, कोई एफडी और इंश्योरेंस पर भरोसा करता है, तो कई लोग म्यूचुअल फंड और SIP को सही रास्ता बताते हैं। इतनी सारी राय के बीच माता-पिता के लिए सही निर्णय लेना बहुत मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों ने समझाया कि भावनाओं से नहीं, बल्कि योजना और गणना से फैसला लेना चाहिए।
विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों के लिए निवेश की योजना “बैकवर्ड प्लानिंग” से बनानी चाहिए। इसका मतलब यह है कि पहले यह अनुमान लगाया जाए कि जब बच्चा कॉलेज जाएगा तब पढ़ाई का कुल खर्च कितना हो सकता है, फिर उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आज से निवेश की राशि तय की जाए। इसी प्रक्रिया में SIP Investment for Child Future सबसे उपयोगी साधन बनकर सामने आता है, क्योंकि इसमें छोटी-छोटी रकम से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि केवल पुराने रिटर्न देखकर निवेश करना गलत होता है। बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन लंबी अवधि में सही फंड अच्छा रिटर्न देता है। बच्चों के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड, हाइब्रिड फंड और विशेष रूप से चिल्ड्रन प्लान म्यूचुअल फंड उपयुक्त माने जाते हैं। ये फंड बच्चों की पढ़ाई जैसे लक्ष्यों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं और आमतौर पर इनमें 5 साल का लॉक-इन होता है, जिससे निवेश अनुशासित बना रहता है।
SIP Investment for Child Future की सबसे बड़ी खूबी इसका कंपाउंडिंग लाभ है। जब कोई व्यक्ति बच्चे के जन्म से ही SIP शुरू करता है, तो समय के साथ उसका पैसा कई गुना बढ़ जाता है। कंपाउंडिंग का मतलब है — आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी दोबारा निवेश होकर आगे और रिटर्न बनाता है। यही कारण है कि जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, उतना बड़ा फंड तैयार होता है।
विशेषज्ञों ने माता-पिता को स्टेप-अप SIP अपनाने की सलाह दी। मान लीजिए बच्चे के जन्म पर आपने 2000 रुपये की SIP शुरू की। जब बच्चा 6 साल का होता है, तो इसे 4000 रुपये कर दिया जाता है। फिर हर साल बच्चे के जन्मदिन पर SIP की रकम थोड़ी-थोड़ी बढ़ाई जाती है। इस तरह महंगाई का असर कम होता है और भविष्य के लिए मजबूत फंड बनता है। यही तरीका SIP Investment for Child Future को सबसे प्रभावी योजना बनाता है।
निवेश कैफे में यह भी समझाया गया कि केवल निवेश ही काफी नहीं है। टर्म इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस भी जरूरी हैं, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे। लेकिन पढ़ाई और करियर के सपनों को पूरा करने का सबसे मजबूत आधार फिर भी SIP Investment for Child Future ही बनता है।
आज की महंगाई को देखते हुए यह साफ है कि बिना योजना के बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं किया जा सकता। छोटी रकम से शुरू किया गया नियमित निवेश, समय और अनुशासन के साथ, एक बहुत बड़ा सहारा बन जाता है। यही SBI Mutual Fund Nivesh Cafe का संदेश है — आज सही फैसला लें, ताकि कल आपका बच्चा बिना किसी चिंता के अपने सपनों को साकार कर सके।
SIP Investment for Child Future सिर्फ एक निवेश योजना नहीं, बल्कि हर माता-पिता के प्यार और जिम्मेदारी की सबसे मजबूत अभिव्यक्ति है।https://www.zeebiz.com/hindi/personal-finance/sbi-jannivesh-sip-for-kids-250-investment-244373
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