भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हाल ही में घोषित हुई बड़ी व्यापारिक समझौता डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। इस घोषणा के बाद न सिर्फ वैश्विक शेयर बाजारों में हलचल तेज हुई, बल्कि कमोडिटी मार्केट में भी इसका सीधा असर देखने को मिला। खासतौर पर चांदी की कीमतों में जो तेजी आई, उसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों दोनों को चौंका दिया। कुछ ही घंटों के भीतर चांदी ने ऐसे स्तर छू लिए, जिनकी उम्मीद बहुत कम लोगों ने की थी। मौजूदा समय में Silver Price Surge देश और दुनिया के बाजारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुका है।
देश के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की चाल बेहद आक्रामक नजर आई। कारोबारी सत्र के दौरान चांदी की कीमतों में लगभग 250 मिनट के भीतर करीब 30 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी सामान्य उतार-चढ़ाव से बिल्कुल अलग थी। हर गुजरते मिनट के साथ दाम ऊपर जाते दिखे और बाजार में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। जानकारों का कहना है कि इतनी कम अवधि में इस तरह की बढ़त बहुत ही दुर्लभ होती है। यही वजह है कि Silver Price Surge को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी तेजी माना जा रहा है।
इस तेजी की जड़ें केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहीं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चांदी के दाम पहले ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुके थे। हाल ही में विदेशी बाजार में चांदी 110 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई थी। खास बात यह रही कि 100 डॉलर से 110 डॉलर तक पहुंचने में चांदी को 24 घंटे से भी कम समय लगा। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मजबूत संकेत मिले, भारतीय बाजार में भी चांदी की कीमतों ने रफ्तार पकड़ ली। इस तरह वैश्विक माहौल ने Silver Price Surge को और मजबूती दी।
मंगलवार को MCX पर चांदी की शुरुआत ही ऊंचे भाव से हुई। सुबह के कारोबार में चांदी करीब 3.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास खुली। इसके बाद पूरे दिन कीमतों में तेजी का सिलसिला बना रहा। दोपहर के समय हालात ऐसे हो गए कि चांदी ने 3.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब का स्तर छू लिया। कुछ समय के लिए दाम 3,64,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास भी पहुंच गए, जो अब तक का रिकॉर्ड माना जा रहा है। पिछले सप्ताह जहां चांदी 3.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, वहीं कुछ ही दिनों में इतना बड़ा उछाल बाजार के लिए हैरान करने वाला रहा। यह साफ दिखाता है कि Silver Price Surge कितनी तेजी से बाजार की दिशा बदल रहा है।
अगर पूरे महीने के आंकड़ों पर नजर डालें, तो साफ होता है कि चांदी की कीमतें जनवरी से लगातार मजबूत बनी हुई हैं। साल की शुरुआत से अब तक MCX पर चांदी करीब 1.29 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो चुकी है। लंबे समय से निवेश कर रहे लोगों के लिए यह तेजी किसी तोहफे से कम नहीं रही। कई निवेशकों का कहना है कि चांदी ने उम्मीद से कहीं बेहतर रिटर्न दिया है। यही कारण है कि अब नए निवेशक भी इस बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं और Silver Price Surge को अवसर के रूप में देख रहे हैं।
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जबरदस्त मजबूती देखने को मिली है। MCX पर सोने के दामों ने भी नए रिकॉर्ड बनाए। कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों में करीब 3,700 रुपये की बढ़त दर्ज की गई और भाव 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गए। दिन के दौरान सोना अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर कारोबार करता नजर आया। जनवरी महीने में ही सोने की कीमतों में 24 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। इससे यह साफ हो जाता है कि निवेशक मौजूदा अनिश्चित आर्थिक माहौल में सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका असर Silver Price Surge के रूप में भी दिख रहा है।
अमेरिकी कमोडिटी बाजारों में भी सोना और चांदी ऊंचे स्तरों के आसपास बने हुए हैं। कॉमेक्स मार्केट में सोने की कीमतें 5,100 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करती देखी गईं। वहीं चांदी भी 110 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बनी रही। बीच-बीच में हल्की मुनाफावसूली जरूर देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर रुझान अभी भी तेजी का ही रहा। वैश्विक निवेशक फिलहाल कीमती धातुओं को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, जिससे Silver Price Surge को लगातार समर्थन मिल रहा है।
यूरोपीय और ब्रिटिश बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। यूरोप में सोना 4,200 यूरो प्रति औंस के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी करीब 95 यूरो प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। ब्रिटेन में भी सोने और चांदी दोनों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। इससे साफ होता है कि यह उछाल केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में कीमती धातुओं की मांग बढ़ी हुई है। वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं और Silver Price Surge लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। डॉलर में कमजोरी, अमेरिका की टैरिफ नीतियां, वैश्विक आर्थिक तनाव और बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील्स जैसे फैक्टर बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुई बड़ी डील ने जहां उम्मीदें बढ़ाई हैं, वहीं निवेशकों को सतर्क भी किया है। इसी वजह से लोग सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। कई जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतें 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक भी पहुंच सकती हैं। कुल मिलाकर, मौजूदा दौर में जिस तरह से चांदी ने रफ्तार पकड़ी है, उसने Silver Price Surge को इस समय की सबसे बड़ी बाजार खबर बना दिया है।
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