अनुपम ने जया वर्मा सिन्हा को रेलवे बोर्ड के शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली महिला होने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं, जो बेरोज़गारी को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना चुकी हैं और देश भर के युवाओं में मजबूत पहचान बना चुकी हैं।
Railway Recruitment 2024: ‘संयुक्त युवा मोर्चा’ के संस्थापक अनुपम ने रेलवे बोर्ड अध्यक्षा से मुलाकात की है, जो भारतीय रेल में भारी संख्या में रिक्त पदों को लेकर चिंतित है। अनुपम ने राजधानी दिल्ली के रेल भवन में रिक्त पदों पर जल्दी भर्ती करने पर चर्चा की। ‘युवा हल्ला बोल’ आंदोलन के प्रमुखों में से एक सेवानिवृत आईपीएस यशोवर्धन झा आज़ाद भी बैठक में उपस्थित थे। भारत के सूचना आयुक्त रहे यशोवर्धन झा आज़ाद आईबी के निदेशक और सुरक्षा सचिव रहे हैं। रेलवे बोर्ड की पहली महिला चेयरपर्सन जया वर्मा सिन्हा ने अनुपम की शिकायतों को सुनकर आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही सकारात्मक विचार किया जाएगा।
अनुपम ने जया वर्मा सिन्हा को रेलवे बोर्ड के शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली महिला होने के लिए भी बधाई और शुभकामनाएं दी, जो बेरोज़गारी को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाने वाले और देश भर के युवाओं में मजबूत पहचान बना चुके हैं। अनुपम ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं को काम देने से शासन प्रशासन में भावना और समझ बढ़ती है। साथ ही युवा महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।
मुलाकात में युवा हल्ला बोल के अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि कुछ महीने पहले ओडिसा के बालासोर में सैकड़ों लोगों को मार डाला गया था। रेलवे की सुरक्षा पर प्रश्न उठने पर आपने बचाव और राहत कार्यों को बखूबी निभाया। लेकिन भारतीय रेल में सुरक्षा श्रेणी में 1.77 लाख रिक्त पदों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। Jun. 2023 में एक आरटीआई के जवाब में पता चला कि रेलवे में 2 लाख 74 हजार पद खाली हैं। दिसंबर 2022 में, रेलमंत्री ने सदन को बताया था कि 3.12 लाख पद खाली हैं। आज की तारीख में इन आंकड़ों में कुछ परिवर्तन हो सकता है।लेकिन फिर भी इतनी बड़ी संख्या में ज़िम्मेदार पदों पर रेलकर्मी का न होना गंभीर चिंता का विषय है।
मार्च 2019 से, सरकार ने रेलवे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इतनी अधिक रिक्तियों के बावजूद कोई नई भर्ती नहीं की। NPTC और Group D की भर्तियों को पिछले लोकसभा चुनाव से पहले पांच साल होने को हैं। उस समय के तत्कालीन रेलमंत्री ने चुनाव से पहले वादा किया था कि अगले दो साल में चार लाख नौकरियां बनाएंगे। लेकिन यह देखना दुखद है कि वादे के विपरीत नई सरकार में कोई भर्ती ही नहीं की गई। रेलवे की सुरक्षा और कार्यप्रणाली की गुणवत्ता पर भी इसका असर पड़ा है. बेरोजगार युवा भी। एक ओर, रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे युवा लोगों की उम्र बढ़ रही है।वहीं कर्मचारियों की कमी के कारण रेलवे कर्मचारियों को मानसिक तनाव और भारी दबाव में काम करना पड़ता है। जनता को मिल रही रेलवे सेवा और सुरक्षा पर भी इसका असर दिख रहा है।
अनुपम ने Railway Board की अध्यक्षा को रिक्त पदों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए अन्य मुद्दों पर भी जोर दिया। रेलवे भर्ती प्रक्रिया में ‘मॉडल एग्जाम कोड’ की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया। नए साल में नई भर्ती लाने की मांग करते हुए अनुपम ने समयबद्ध ढंग से प्रक्रिया पूरी करने का आसान तरीका भी बताया।
अनुपम ने Railwal Way अध्यक्षा को बताया कि यदि रेलवे अपनी भर्तियों में “मॉडल एग्जाम कोड” लागू करके 9 महीने में विज्ञापन से नियुक्ति तक की प्रक्रिया पूरी करता है, तो यह अन्य सभी विभागों के लिए भी लागू होगा। साथ ही, अनुपम ने अध्यक्ष को निम्नलिखित मांग पत्र भी भेजा:
1) जल्द से जल्द 2 लाख 74 हज़ार रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी करें
2) नियुक्ति से विज्ञापन तक के सभी चरणों को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में ‘मॉडल एग्जाम कोड’ लागू करें।
3) रेलवे में नियमित कार्यों से संबंधित नौकरियों को आउटसोर्स करना या ठेके पर देना बंद कर दें
4) इंजीनियरिंग छात्रों के लिए नौकरी में कमी नहीं होनी चाहिए; इसके बजाय, अभियंत्रण पदों पर तकनीकी छात्रों को ही अवसर मिले।
6) पांच वर्ष से अधिक समय से भर्ती न होने के कारण, अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके उम्मीदवारों को तीन वर्ष की छूट दी गई।
7) SSC UPSC IBPS की तरह रेलवे भी एक सख्त वार्षिक भर्ती कैलेंडर होगा।
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युवा नेता अनुपम ने उम्मीद जताई कि विभाग इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक विचार करेगा ताकि Railway भर्ती की तैयारी में जुटे करोड़ों युवा लोगों की निराशा दूर हो सके।
यशोवर्धन झा आज़ाद ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में Indian Railway सबसे बड़ी है। दशकों से हमारे देश की युवा पीढ़ी ने रेलवे सेवा के माध्यम से सुरक्षित भविष्य की आशा की है। ऐसे समय में जब देश का युवा भीषण बेरोजगारी से जूझ रहा है, रेलवे का एक सकारात्मक कदम देश को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. यह न सिर्फ युवाओं के भविष्य के लिए होगा। रेलवे में भर्ती का मुद्दा सिर्फ रोजगार नहीं है; यह भारत के करोड़ों लोगों के जीवन और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।https://www.amarujala.com/india-news/rrb-now-issue-employment-notifications-four-times-a-year-provide-opportunities-to-candidates-ashwini-vaishnaw-2024-02-06
अनुपम ने लंबे समय से ‘युवा हल्ला बोल’ के माध्यम से भारत के युवा लोगों को रोजगार के अवसर देने की कोशिश की है। उन्होंने पिछले साल रेलवे भर्ती में अनियमितताओं को लेकर हुए आंदोलन को भी प्रेरित किया, जिसके बाद सरकार को मांगों को मानना पड़ा। Railway Board की इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद उम्मीद है कि नए साल में रेलवे अभ्यर्थियों को नए विज्ञापन मिलेंगे।
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