भारत के किसान देश की रीढ़ माने जाते हैं। उनकी मेहनत और परिश्रम से ही खाद्यान्न उत्पादन होता है और देश आत्मनिर्भर बनता है। लेकिन सच्चाई यह भी है कि अधिकांश किसान वृद्धावस्था में आर्थिक तंगी झेलते हैं। छोटे और सीमांत किसानों के पास आमतौर पर पर्याप्त बचत या आय का स्रोत नहीं होता। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शुरू की हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है PM Kisan Maandhan Yojana, जो किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM Kisan Maandhan Yojana) साल 2019 में लागू की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देना है। योजना में शामिल होने के लिए किसान की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए।
इस योजना में पंजीकरण कराने वाले किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद जीवनभर हर महीने 3000 रुपये पेंशन की गारंटी मिलती है। यह एक अंशदायी और स्वैच्छिक योजना है, यानी इसमें किसान और केंद्र सरकार दोनों बराबर-बराबर योगदान करते हैं।
भारत के छोटे और सीमांत किसान आमतौर पर 2 हेक्टेयर से कम भूमि पर खेती करते हैं। सीमित संसाधनों और आय की वजह से उनके पास वृद्धावस्था में जीवन-यापन के लिए बचत नहीं हो पाती। ऐसे हालात में सरकार की यह योजना किसानों को न केवल आर्थिक सुरक्षा देती है बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करती है।
PM Kisan Maandhan Yojana का उद्देश्य है कि किसानों को बुढ़ापे में भी निश्चित आय का सहारा मिले और उन्हें दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े।
इस योजना में हर किसान शामिल नहीं हो सकता। सरकार ने पात्रता के लिए कुछ नियम बनाए हैं:
किसान की आयु के हिसाब से मासिक योगदान तय होता है। जैसे-जैसे किसान की उम्र बढ़ेगी, उतना ज्यादा योगदान देना होगा।
इस योजना की खासियत है कि जितनी राशि किसान देगा, उतनी ही रकम केंद्र सरकार भी योगदान के रूप में जमा करेगी।
PM Kisan Maandhan Yojana में आवेदन करना बेहद सरल है।
ऑनलाइन जानकारी और आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर भी जाया जा सकता है:
https://nfwpis.da.gov.in/Home/PMKisanMaandhanYojana
किसानों के लिए यह योजना एक बड़ा सहारा है। वृद्धावस्था में आर्थिक संकट की स्थिति में PM Kisan Maandhan Yojana उनके लिए मासिक आय का स्रोत बन जाती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर है।
यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें यह विश्वास देती है कि बुढ़ापे में भी उनके पास एक स्थायी आय का साधन होगा।
PM Kisan Maandhan Yojana किसानों की वृद्धावस्था को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई एक ऐतिहासिक योजना है। जैसे PM Kisan Yojana किसानों को सालाना 6000 रुपये की मदद देती है, वैसे ही यह योजना उन्हें बुढ़ापे में हर महीने 3000 रुपये की पेंशन उपलब्ध कराती है।
यदि किसान 18 से 40 वर्ष की आयु में इस योजना से जुड़ते हैं, तो 60 साल के बाद उन्हें जीवनभर 3000 रुपये मासिक पेंशन की गारंटी मिलेगी। इसलिए सभी छोटे और सीमांत किसानों को चाहिए कि वे समय रहते इस योजना में आवेदन कर लें और अपने बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाएं।
ये भी पढ़े
Mahindra XUV700 नई कीमत: अब पहले से 1.43 लाख रुपये तक सस्ती, ग्राहकों के लिए सुनहरा मौका
Hero HF Deluxe Hybrid New: अब सिर्फ ₹2,485 EMI पर घर लाएं, मिलेगा 75 kmpl का शानदार माइलेज
आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट के बिना जिंदगी की कल्पना करना मुश्किल हो…
बजट 2026 से ऑटो सेक्टर को क्या चाहिए? Budget 2026 Auto Sector Expectations को लेकर…
फरवरी का महीना भले ही साल का सबसे छोटा महीना माना जाता हो, लेकिन बैंक…
आज के दौर में नौकरी बदलना करियर का सामान्य हिस्सा बन चुका है।(Job Change Tax…
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हाल ही में घोषित हुई बड़ी व्यापारिक समझौता डील…
बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है (Cow…