Manohar Joshi ने आरएसएस से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था, लेकिन वे बाद में शिवसेना में शामिल हो गए। 1980 के दशक में मनोहर जोशी ने शिवसेना के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बनकर उभरा और पार्टी संगठन पर अपनी पकड़ के लिए जाना जाता था।
मुंबई के एक अस्पताल में शुक्रवार को पूर्व लोकसभा स्पीकर और अविभाजित शिवसेना के पहले मुख्यमंत्री मनोहर जोशी की निधन हो गई। ८६ वर्षीय Manohar Joshi पिछले कुछ समय से अस्पताल में भर्ती थे। शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के करीबी मित्र मनोहर जोशी ने इसके गठन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। लेकिन मनोहर जोशी ने कुछ साल पहले उद्धव ठाकरे की सार्वजनिक आलोचना की थी, जिसके बाद वे शिवसेना की राजनीति में हाशिए पर चले गए थे।
Manohar Joshiका जन्म 2 दिसंबर 1937 को महाराष्ट्र के तटीय कोंकण में हुआ था। मुंबई के प्रसिद्ध वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। 2020 में मनोहर जोशी की पत्नी अनघा जोशी 75 वर्ष की उम्र में मर गईं। मनोहर जोशी का एक पुत्र और दो बेटियां हैं। मनोहर जोशी का राजनीतिक करियर आरएसएस से शुरू हुआ था, लेकिन वे बाद में शिवसेना में शामिल हो गए और करीब चार दशक तक शिवसेना में रहे। 1980s में मनोहर जोशी,शिवसेना में उभरे और पार्टी संगठन पर अपनी पकड़ के लिए जाने जाते थे। 1995-1999 तक अविभाजित शिवसेना के पहले मुख्यमंत्री मनोहर जोशी रहे।
2002 से 2004 तक वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में लोकसभा स्पीकर भी रहे। 1967 में Manohar Joshi ने बतौर शिक्षक काम शुरू किया था। 1968 से 1970 तक वे मुंबई नगर निगम के पार्षद और फिर स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष रहे। 1976 से 1977 के बीच मनोहर जोशी भी मुंबई के मेयर रहे। 1972 में मनोहर जोशी महाराष्ट्र विधान परिषद में चुने गए और तीन बार इसके सदस्य रहे। मनोहर जोशी 1990 में महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य चुने गए और नेता विपक्ष भी रहे।https://www.jagran.com/politics/national-manohar-joshi-demise-from-teacher-to-cm-and-lok-sabha-speaker-know-about-former-maharashtra-cm-manohar-joshi-23659393.html
1999 में हुए आम चुनाव में Manohar Joshi ने मुंबई की नॉर्थ-सेंट्रल लोकसभा सीट से जीत हासिल की और फिर केंद्रीय मंत्री के रूप में भी काम किया। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी ने मनोहर जोशी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति का ‘सभ्य चेहरा’ चला गया। नितिन गडकरी मनोहर जोशी सरकार में मंत्री थे। दादर क्षेत्र के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में मनोहर जोशी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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