ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री लगातार बड़े बदलावों से गुजर रही है। कभी नई टेक्नोलॉजी का आगमन होता है तो कभी प्रोडक्शन लोकेशन बदलने की चर्चाएं होती हैं। हाल ही में ऑस्ट्रिया की नामी मोटरसाइकिल कंपनी KTM को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत की जानी-मानी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी Bajaj Auto ने KTM में अपनी हिस्सेदारी और प्रभाव बढ़ाकर इस ब्रांड को नई दिशा देने की ठानी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आने वाले समय में क्या KTM Production in Asia और ज्यादा बढ़ेगा और यूरोप का रोल कम हो जाएगा?
KTM और Bajaj का रिश्ता करीब दो दशकों से चल रहा है। भारत में बनी KTM मोटरसाइकिलें आज दुनियाभर में बिक रही हैं। KTM Duke 125, Duke 200, RC 390 और Adventure सीरीज जैसी बाइक्स ने भारत के साथ-साथ यूरोप, एशिया और अमेरिका के युवा राइडर्स के बीच खास पहचान बनाई है। Bajaj ने अब तक KTM में करीब 800 मिलियन यूरो निवेश किए हैं। यह निवेश KTM को मुश्किल समय में सहारा देने और उसे दिवालिया होने से बचाने के लिए किया गया।
इसीलिए जब Bajaj Auto के सीईओ राजीव बजाज KTM Production in Asia पर अपनी रणनीति बताते हैं, तो इसे भविष्य की दिशा माना जाता है।
राजीव बजाज का मानना है कि KTM ने पिछले कुछ सालों में अपने प्रोडक्ट्स को जरूरत से ज्यादा सेगमेंट्स में फैला दिया। इसका असर यह हुआ कि ब्रांड अपनी असली पहचान यानी प्रीमियम और हाई-परफॉर्मेंस मोटरसाइकिल्स से दूर होता चला गया।
उनके अनुसार, जब किसी कंपनी के पास बहुत ज्यादा मॉडल्स और वेरिएंट्स होते हैं तो रिसर्च एंड डेवलपमेंट से लेकर डीलर वर्कशॉप तक काम का बोझ बढ़ जाता है। इसका सीधा असर प्रोडक्ट की क्वालिटी और सर्विस पर पड़ता है। इसलिए KTM को अपने मुख्य सेगमेंट पर ध्यान देना होगा और वहीं से ब्रांड को पुनर्जीवित करना होगा।
इस रणनीति में KTM Production in Asia अहम भूमिका निभा सकता है क्योंकि यहां लागत कम रहती है और प्रोडक्शन प्रोसेस भी आसान हो जाता है।
यूरोप लंबे समय से प्रीमियम मोटरसाइकिल मैन्युफैक्चरिंग का हब रहा है, लेकिन अब वहां लागत इतनी ज्यादा हो चुकी है कि कंपनियों के लिए टिके रहना मुश्किल हो गया है। राजीव बजाज ने उदाहरण दिया कि Triumph Motorcycles ने अपना उत्पादन काफी हद तक थाईलैंड और भारत जैसे देशों में शिफ्ट कर लिया। आज ज्यादातर Triumph बाइक्स वहीं से बनकर आती हैं।
बजाज का कहना है कि जब भारत में बनी KTM बाइक्स को ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट किया जाता है, तो कंपनी को 30% से भी ज्यादा EBITDA मार्जिन मिलता है। यह मार्जिन यूरोप में प्रोडक्शन करके पाना नामुमकिन है। इसका सबसे बड़ा कारण है भारत की किफायती सप्लाई चेन, अनुभवी सप्लायर्स और लॉजिस्टिक लागत में भारी बचत।
यानी यह तय है कि भविष्य में KTM Production in Asia और बढ़ेगा क्योंकि यही कंपनी के लिए फायदे का सौदा है।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर बाजार है। यहां एंट्री-लेवल बाइक्स के साथ-साथ अब प्रीमियम और स्पोर्ट्स बाइक्स का क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है। KTM की बाइक्स, खासकर 200cc और 390cc सेगमेंट की मशीनें, भारतीय युवाओं में स्टाइल और परफॉर्मेंस की वजह से खास पहचान बना चुकी हैं।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से KTM को न केवल लागत कम करने का फायदा मिलेगा, बल्कि यहां के घरेलू बाजार की मांग को भी बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। इससे KTM की ग्लोबल सेल्स और ब्रांड पोजीशनिंग दोनों मजबूत होंगी।
Bajaj और KTM की साझेदारी की शुरुआत चाकन प्लांट से हुई थी। यही फैक्ट्री KTM Duke और RC सीरीज जैसी लोकप्रिय बाइक्स तैयार करती है। इन बाइक्स की क्वालिटी और परफॉर्मेंस ने यह साबित कर दिया है कि भारत में प्रोडक्शन किसी भी तरह यूरोप से कमतर नहीं है।
इसी मॉडल को अपनाकर Bajaj ने Triumph के साथ भी काम किया और Triumph Speed 400 तथा Scrambler 400X जैसी बाइक्स को भारत में बनाकर ग्लोबल मार्केट में पेश किया। इन मॉडलों की जबरदस्त सफलता इस बात का सबूत है कि एशिया में उत्पादन कंपनियों के लिए जीत का सौदा है।
राजीव बजाज ने साफ कहा है कि KTM का भविष्य दो चीजों पर टिका है—ब्रांड का पुनर्निर्माण और लागत में कटौती। ब्रांड को उसके मूल रूप में लाकर और प्रोडक्शन को एशिया की ओर शिफ्ट करके ही KTM एक बार फिर मजबूत हो सकती है।
भारत में बनी KTM बाइक्स पहले ही वैश्विक स्तर पर हिट हो चुकी हैं। यहां का लो-कॉस्ट प्रोडक्शन मॉडल KTM के लिए आने वाले समय में सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
Bajaj और KTM मिलकर एक नए ट्विन-सिलेंडर इंजन पर काम कर रहे हैं। यह इंजन मौजूदा Bajaj और KTM बाइक्स से बड़ा और ज्यादा पावरफुल होगा। माना जा रहा है कि इसे अगले एक साल में बाजार में उतारा जाएगा।
इसके अलावा अक्टूबर तक Triumph Tracker 400 भी लॉन्च की जा सकती है। यह बाइक Triumph की नई 400cc रेंज का हिस्सा होगी और इसे भारतीय बाजार के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भी उतारा जाएगा।
कुल मिलाकर तस्वीर साफ है—KTM Production in Asia ही कंपनी के भविष्य की कुंजी है। यूरोप की तुलना में एशिया, खासकर भारत और थाईलैंड में मैन्युफैक्चरिंग सस्ती और ज्यादा टिकाऊ है। भारत में बनी KTM बाइक्स न सिर्फ कंपनी को अच्छा मुनाफा दिला रही हैं बल्कि उपभोक्ताओं के बीच भी जबरदस्त लोकप्रिय हो रही हैं।https://www.financialexpress.com/auto/bike-news/ktm-to-restart-production-in-europe-from-july-end/3883284/
अगर Bajaj Auto की रणनीति सफल होती है और KTM अपने ब्रांड को कोर परफॉर्मेंस बाइक्स तक सीमित रखते हुए एशिया में बड़े स्तर पर उत्पादन करती है, तो इसमें कोई शक नहीं कि आने वाले सालों में KTM एक बार फिर दुनिया की सबसे मजबूत प्रीमियम बाइक ब्रांड्स में गिनी जाएगी।
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