साल 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस पूरे साल कंपनियों ने IPO के जरिए जितना पैसा जुटाया है, वह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बन गया है। IPO Calendar इस साल नए रिकॉर्ड बनाता दिखाई दे रहा है। शुरुआती 11 महीनों में ही कंपनियों ने सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से 1.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटा ली है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि साल की शुरुआत से ही वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता, विदेशी बाजारों में गिरावट और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक फैसलों का असर भारतीय बाजार पर देखने को मिल रहा था। इसके बावजूद निवेशकों और कंपनियों दोनों ने शेयर बाजार पर अपना भरोसा बनाए रखा और लगातार बड़े इश्यू लॉन्च होते रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू किए गए नए टैरिफ नियमों का दबाव भारतीय बाजार पर जरूर पड़ा, लेकिन बाजार ने धीरे-धीरे अपनी मजबूती वापस पा ली। पिछले कुछ हफ्तों से सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तेजी में कारोबार कर रहे हैं और तीन दिनों से बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। इतना ही नहीं, बीता कारोबारी दिन तो इस साल का नया इतिहास बनाते हुए बाजार को ऑल-टाइम हाई तक ले गया। इस माहौल ने कंपनियों को IPO लाने के लिए और भी प्रोत्साहित किया और यही वजह है कि IPO Calendar पूरे साल निवेशकों के लिए उत्साह का केंद्र बना रहा।
कंपनियों ने सालभर के उतार-चढ़ाव के बीच भी शेयर बाजार से दूरी नहीं बनाई। मीशो लिमिटेड, एक्वस लिमिटेड और विद्या वायर्स लिमिटेड जैसे बड़े नाम आने वाले महीने में अपना IPO लॉन्च कर रहे हैं। इनके आने के बाद 2025 में कुल जुटाई गई राशि पिछले सभी रिकॉर्ड पार कर चुकी है। मीशो करीब 5421 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है, एक्वस लिमिटेड लगभग 921 करोड़ रुपये का इश्यू ला रही है, और विद्या वायर्स लिमिटेड भी करीब 300 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। इन इश्यूज़ ने पहले से ही तय कर दिया है कि यह साल IPO बाजार में ऐतिहासिक साबित होगा।
अगर 2025 के पूरे IPO प्रदर्शन को देखा जाए, तो सितंबर सबसे खास महीनों में रहा। इस महीने के बाद IPO की संख्या अचानक बढ़ गई और बड़ी कंपनियों ने बाजार में दमदार तरीके से दस्तक दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 10 और कंपनियां 25,000 करोड़ रुपये तक के नए इश्यू तैयार कर रही हैं। यदि ये सभी लॉन्च हो जाते हैं, तो IPO Calendar का कुल फंड जुटाव 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच सकता है, जो अब तक किसी भी साल में नहीं हुआ।
2025 इसलिए भी अलग है क्योंकि इस साल प्रमोटर्स और शुरुआती निवेशकों ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से बड़ी मात्रा में शेयर बेचे। 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली OFS के जरिए हुई है। यह आंकड़ा पिछले साल से अधिक है और इससे यह साफ होता है कि बड़े निवेशक इस समय अच्छे वैल्यूएशन पर अपनी हिस्सेदारी बेचना पसंद कर रहे हैं। तुलना की जाए तो 2024 में OFS से करीब 95,300 करोड़ रुपये जुटाए गए थे जबकि इस साल यह संख्या पहले ही पार कर चुकी है। 2021 से 2025 के बीच कुल 5.4 लाख करोड़ रुपये भारतीय कंपनियों ने IPO और OFS के जरिए जुटाए, जिनमें से लगभग दो-तिहाई हिस्सा OFS से आया है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि निवेशकों का भरोसा पुराने शेयरधारकों की एग्जिट स्ट्रेटेजी पर भी कायम है।
भारतीय बाजार में आए कुछ बड़े इश्यू ने निवेशकों का विश्वास काफी बढ़ाया है। ग्रो की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन गैराज वेंचर्स, एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला और फिनटेक ब्रांड पाइन लैब्स जैसे बड़े IPO ने बाजार को सकारात्मक दिशा दी है। उनके मजबूत बिजनेस मॉडल और बेहतर विकास क्षमता ने निवेशकों को नए IPO की ओर आकर्षित किया है। इससे बाजार में यह संदेश गया कि नई कंपनियां भी मुनाफे और विस्तार के मामले में पीछे नहीं हैं। इसी कारण पूरे साल IPO Calendar चर्चा में बना रहा।
विदेशी निवेशकों की भूमिका भी काफी अहम रही है। भले ही उन्होंने कई अन्य देशों के बाजारों से लगभग 24 अरब डॉलर की बिकवाली की हो, लेकिन भारत में नए इश्यू में उन्होंने करीब 7.55 अरब डॉलर का निवेश किया है। यह दर्शाता है कि भारत अब भी विदेशी निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद बाजारों में शामिल है।
इस साल का IPO सीजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई सेक्टर पहली बार मजबूती के साथ बाजार में उतरे हैं। ई-कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, एडटेक और टेक्नोलॉजी सेक्टर की कई नई कंपनियां शेयर बाजार में अपनी जगह बना रही हैं। घरेलू निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने भी IPO बाजार को मजबूत किया है। SIP और डायरेक्ट निवेश के जरिए भारतीय निवेशक लगातार बाजार में पैसे लगा रहे हैं। यही वजह है कि चाहे बाजार ऊपर हो या नीचे, IPO की रफ्तार धीमी नहीं हुई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर में भी कई मजबूत IPO लॉन्च हो सकते हैं। अगर यह रफ्तार ऐसी ही बनी रही, तो पूरे साल का कुल फंड जुटाव 2 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती, कंपनियों की ग्रोथ और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से साफ है कि आने वाले समय में भी IPO Calendar ऐसा ही चमकता रहेगा और भारत दुनिया के सबसे बड़े IPO बाजारों में अपनी जगह मजबूत करेगा।https://ipowatch.in/upcoming-ipo-list/
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