भारत का मध्यम वर्ग हर साल बजट को एक नई उम्मीद की तरह देखता है। क्योंकि यही वह वर्ग है जो सबसे ज्यादा टैक्स देता है और साथ ही सबसे ज्यादा महंगाई का बोझ भी उठाता है। साल 2026 का बजट जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे आम लोगों की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। हर कोई यही जानना चाहता है कि क्या इस बार Budget 2026 Tax Relief के तहत मिडिल क्लास को वह राहत मिलेगी जिसकी उसे लंबे समय से जरूरत है।
पिछले कई वर्षों से देश में खर्च लगातार बढ़ रहा है। किराया, बच्चों की फीस, दवाइयाँ, पेट्रोल, गैस, बिजली और रोजमर्रा की जरूरतों के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं। लेकिन टैक्स में मिलने वाली छूट लगभग जमी हुई है। इस कारण मध्यम वर्ग की जेब पर दबाव बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि इस बार बजट से उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।
सरकार ने पिछले कुछ सालों में टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की कोशिश की है। नई टैक्स व्यवस्था लाई गई जिसमें टैक्स स्लैब आसान हैं और दरें कम हैं। लेकिन इसके साथ-साथ अधिकतर पुरानी छूटें खत्म कर दी गईं। बहुत से करदाता आज भी पुरानी टैक्स व्यवस्था को इसलिए नहीं छोड़ पा रहे हैं क्योंकि उनकी बचत, बीमा, होम लोन और भविष्य की योजनाएं उन्हीं छूटों पर टिकी हुई हैं। यही द्वंद्व इस समय आम करदाता के सामने खड़ा है।
सेक्शन 80C भारतीय करदाताओं की टैक्स प्लानिंग की नींव है। पीपीएफ, ईएलएसएस, जीवन बीमा, बच्चों की स्कूल फीस और होम लोन का मूलधन — ये सभी इसी के तहत आते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये वर्ष 2014 से आज तक नहीं बदली।
इन दस वर्षों में लोगों की आय बढ़ी है, लेकिन खर्च उससे कहीं तेजी से बढ़े हैं। आज एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए 1.5 लाख की छूट बेहद छोटी महसूस होती है। इसलिए अर्थशास्त्रियों और टैक्स विशेषज्ञों की राय है कि अब 80C की सीमा को कम से कम 3 लाख रुपये किया जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो Budget 2026 Tax Relief वास्तव में आम आदमी की जेब को राहत देगा और देश में बचत व निवेश को नई गति मिलेगी।
घर खरीदना आज किसी भी परिवार का सबसे बड़ा सपना है, लेकिन यह सपना दिन-प्रतिदिन महंगा होता जा रहा है। प्रॉपर्टी के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं और होम लोन की ब्याज दरें भी ऊंची बनी हुई हैं। वर्तमान में सरकार होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट देती है।
लेकिन आज की ईएमआई और ब्याज की रकम को देखते हुए यह राहत बहुत कम लगती है। लोग चाहते हैं कि यह सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जाए और इसे नई टैक्स व्यवस्था में भी शामिल किया जाए। अगर ऐसा हुआ तो Budget 2026 Tax Relief घर खरीदने वालों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा।
आज के दौर में सबसे ज्यादा डर बीमारी का है। अस्पताल का एक छोटा-सा इलाज भी लाखों में पहुंच जाता है। सेक्शन 80D के तहत अभी खुद और परिवार के लिए 25,000 रुपये तथा बुजुर्ग माता-पिता के लिए 50,000 रुपये की छूट मिलती है।
लेकिन आज की मेडिकल महंगाई के सामने यह राशि बहुत छोटी है। बहुत से परिवार इलाज के लिए अपनी पूरी जमा पूंजी खत्म कर देते हैं या कर्ज में डूब जाते हैं। अगर इस सीमा को बढ़ाया जाता है तो Budget 2026 Tax Relief मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में मजबूत सहारा देगा।
आज का युवा समझ चुका है कि रिटायरमेंट की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। एनपीएस में मिलने वाली 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट अब समय के हिसाब से काफी कम है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसे 1 लाख रुपये तक बढ़ाया जाना चाहिए।
इससे लोग भविष्य के लिए अधिक निवेश करेंगे और बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। यह कदम Budget 2026 Tax Relief को दूरगामी लाभ देने वाला निर्णय बना सकता है।
नई टैक्स व्यवस्था में कम टैक्स दरें जरूर हैं, लेकिन पुरानी छूटों का अभाव बहुत से करदाताओं को परेशान करता है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग अब भी पुरानी व्यवस्था को ही चुनते हैं। अगर सरकार नई व्यवस्था में भी कुछ जरूरी छूट जोड़ती है, तो टैक्स सिस्टम संतुलित और व्यवहारिक बन सकता है।
यही संतुलन Budget 2026 Tax Relief को वास्तविक और प्रभावी बना सकता है।
अगर 80C की सीमा बढ़ती है, होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस की छूट मजबूत होती है और रिटायरमेंट निवेश को बढ़ावा मिलता है, तो यह बजट मिडिल क्लास के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
मध्यम वर्ग ही देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उसकी क्रय-शक्ति बढ़ेगी तो पूरा बाजार मजबूत होगा। इसलिए Budget 2026 Tax Relief केवल टैक्स सुधार नहीं बल्कि आर्थिक मजबूती की कुंजी बन सकता है।
आज मध्यम वर्ग बढ़ती महंगाई और स्थिर आय के बीच संतुलन बनाने की जद्दोजहद में है। हर महीने का बजट संभालना एक चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में Budget 2026 Tax Relief केवल सरकारी नीति नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की उम्मीद बन चुका है।
अगर सरकार इन सुझावों पर अमल करती है, तो बजट 2026 वास्तव में आम आदमी का बजट कहलाएगा और आने वाले वर्षों में इसे मिडिल क्लास के लिए सबसे राहतभरा बजट माना जाएगा।https://www.money9live.com/budget/budget-2026-old-tax-regime-preparations-underway-to-discontinue-the-old-tax-regime-video-85306.html
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