Amul Milk Price 2025: सितंबर 2025 से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने दूध और डेयरी उत्पादों पर लगने वाला GST घटा दिया है। इस फैसले का सीधा फायदा देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुँचा है। अमूल और मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों ने तुरंत अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें कम कर दी हैं। इससे रोजमर्रा के खर्च में भी बचत हो रही है।
भारत में दूध को रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा माना जाता है। सुबह की चाय, बच्चों का नाश्ता, मिठाइयाँ और त्यौहार – हर जगह दूध और डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में सरकार का यह कदम आम जनता के लिए राहत की सांस जैसा है।
पहले UHT दूध और कई पैकेज्ड उत्पादों पर 5% GST लगता था। वहीं घी और मक्खन जैसे सामान 12% GST स्लैब में आते थे। अब सरकार ने इसमें बड़ा बदलाव किया है।
इस बदलाव का नतीजा यह है कि सीधे दुकानों और सुपरमार्केट की शेल्फ पर मिलने वाले दूध और अन्य उत्पाद सस्ते हो गए हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को हुआ है जिनकी महीने की खपत काफी ज्यादा होती है।
GST कम होते ही देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनियों ने तुरंत कीमतें कम करने का ऐलान किया।
इससे एक औसत परिवार को महीने भर में ₹60 से ₹100 तक की सीधी बचत हो रही है। सालाना हिसाब से देखें तो यह बचत ₹1000 से ₹1200 तक पहुँच सकती है।
अब देखते हैं कि कौन से उत्पाद कितने सस्ते हुए हैं:
इन नई दरों से उपभोक्ताओं के बजट पर सीधा असर पड़ा है। खासकर त्योहारों के समय जब दूध और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, यह राहत और भी खास बन जाती है।
भारत में हर परिवार दूध और दूध से बने उत्पादों का इस्तेमाल करता है। मध्यम वर्गीय परिवारों पर तो महंगाई का दबाव सबसे ज्यादा होता है। Amul Milk Price 2025 और अन्य प्रोडक्ट्स की कीमत घटने से उनके खर्चों में 8–12% तक की बचत हो रही है।
मान लीजिए कोई परिवार हर महीने लगभग ₹2500 डेयरी उत्पादों पर खर्च करता था, अब उसे करीब ₹200–300 तक की राहत मिल रही है। साल भर में यही बचत ₹3000–4000 तक पहुँच जाती है। यह रकम शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी खर्चों में काम आ सकती है।
इससे साफ है कि चाहे गाँव हो या शहर, हर वर्ग को इस नीति से लाभ हुआ है।
GST कटौती ने डेयरी इंडस्ट्री के लिए भी नए रास्ते खोले हैं।
इससे उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा वैरायटी और गुणवत्ता वाले उत्पाद मिल रहे हैं।
डेयरी सेक्टर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लाखों किसान और महिलाएँ दूध उत्पादन से जुड़े हुए हैं।
इससे उनकी आय बढ़ेगी और ग्रामीण स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बनेंगे।
भारत में नवरात्रि, दिवाली और होली जैसे त्योहारों पर दूध और डेयरी उत्पादों की खपत सबसे ज्यादा होती है।
पूरी सप्लाई चेन – किसानों से लेकर उपभोक्ताओं तक – सभी को इसका फायदा मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि GST कटौती भारत के डेयरी सेक्टर को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
यह बदलाव भारतीय डेयरी सेक्टर को न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा खिलाड़ी बना सकता है।
सितंबर 2025 में लागू हुई GST कटौती आम जनता के लिए राहत का पैकेज साबित हुई है। Amul Milk Price 2025 और अन्य डेयरी उत्पादों की नई दरों ने हर परिवार के बजट को हल्का कर दिया है।
जहाँ उपभोक्ताओं को रोज़मर्रा के खर्च में बचत मिल रही है, वहीं किसानों और कंपनियों के लिए भी यह नए अवसर लेकर आई है। यह सुधार भारत के डेयरी उद्योग को एक नई दिशा देगा और आने वाले समय में देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाएगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। कीमतों और नीतियों में बदलाव संभव है। किसी भी वित्तीय निर्णय या बड़े लेन-देन से पहले आधिकारिक स्रोत और विशेषज्ञ की राय अवश्य लें।https://mythileeschool.in/amul-milk-price-2025/
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