तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाला रियल एस्टेट बाजार कौन-सा है। पिछले कुछ सालों में यहां जिस गति से जमीनों की कीमत बढ़ी है, वह भारत के किसी भी बड़े शहर से कम नहीं है। पहले लोग सुनते थे कि मुंबई या दिल्ली जैसे शहरों में जमीन सोने के भाव बिकती है, लेकिन अब हैदराबाद जमीन कीमत ने उन सभी रेकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। इसका बड़ा उदाहरण हाल ही में हुई HMDA की नीलामी है, जिसमें कोकापेट नियोपोलिस लेआउट में एक एकड़ जमीन 137.25 करोड़ रुपये में बिकी। यह कीमत इतनी अधिक है कि सुनने वाले भी हैरान रह जाते हैं, लेकिन यही आज की वास्तविकता है कि हैदराबाद तेजी से देश का नया निवेश केंद्र बन चुका है।
HMDA ने 22 नवंबर को कोकापेट के नियोपोलिस इलाके में सर्वे नंबर 17 और 18 की जमीनों की नीलामी आयोजित की। शुरू में इन प्लॉटों की न्यूनतम कीमत प्रति एकड़ 99 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन नीलामी शुरू होते ही बोली इतनी तेज़ी से बढ़ी कि कीमत सीधे 137.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह न सिर्फ हैदराबाद, बल्कि पूरे भारत की सबसे बड़ी जमीन नीलामियों में से एक मानी जा रही है। यह भी देखने वाली बात है कि पिछली नीलामी में यहां एक एकड़ जमीन 100 करोड़ रुपये में बिकी थी, लेकिन अब हैदराबाद जमीन कीमत ने 137 करोड़ का आंकड़ा पार कर दिया, जो आने वाले समय में और भी बढ़ सकता है।
सर्वे नंबर 18 के 5.31 एकड़ वाले प्लॉट को एमएसएन अर्बन वेंचर्स LLP ने झील के किनारे की प्राइम लोकेशन के कारण 137.25 करोड़ प्रति एकड़ की दर से खरीदा। वहीं प्लॉट नंबर 17, जिसका आकार 4.59 एकड़ है, वज्र हाउसिंग प्रोजेक्ट्स LLP ने 136.50 करोड़ प्रति एकड़ में खरीदा। इन दोनों प्लॉटों की बिक्री से HMDA को कुल 1,355.33 करोड़ रुपये का भारी राजस्व मिला, जो हैदराबाद के रियल एस्टेट इतिहास में एक नया माइलस्टोन है।
हैदराबाद की जमीन इतनी कीमती क्यों हो रही है, इसका जवाब इस शहर के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक-फ्रेंडली माहौल में छिपा है। रायदुर्गम नॉलेज सिटी, कोकापेट, गाचीबावली और हाइटेक सिटी जैसे इलाकों में आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स, मल्टीनेशनल कॉर्पोरेट्स और बड़े-बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह सभी इलाके आउटर रिंग रोड और एयरपोर्ट से सीधे कनेक्टेड हैं, जिससे यहां बिजनेस के लिए बेहतरीन माहौल बनता है। इसी वजह से हैदराबाद जमीन कीमत हर साल नई ऊँचाइयों को छू रही है।
रायदुर्गम नॉलेज सिटी प्रोजेक्ट ने इस पूरे क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया है। आज यह हैदराबाद की सबसे प्रीमियम और आधुनिक जगहों में से एक है। यहां रोज नई इमारतें खड़ी हो रही हैं—आईटी टावर्स, कॉर्पोरेट ऑफिस, रेजिडेंशियल हाईराइज़, और बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स। इतने विशाल विकास के बीच जमीन की कीमत तेजी से बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि मांग बहुत अधिक है और उपलब्ध जमीन बेहद सीमित।
कोकापेट नियोपोलिस को आज भारत के सबसे प्रीमियम रियल एस्टेट लोकेशंस में गिना जाता है। बड़ी कंपनियां यहां ऑफिस स्पेस खरीदने या बनाने में दिलचस्पी ले रही हैं। स्टार्टअप्स और टेक कंपनियां भी रायदुर्गम नॉलेज सिटी जैसे इलाकों में तेजी से विस्तार कर रही हैं। इससे न केवल रोजगार बढ़ रहा है, बल्कि जमीन की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि नीलामी में 99 करोड़ की आधार कीमत 137 करोड़ तक पहुंच गई।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले कुछ सालों में कोकापेट और रायदुर्गम में जमीन की कीमत प्रति एकड़ 150–175 करोड़ तक पहुंच सकती है। क्योंकि यह इलाके न सिर्फ आज, बल्कि भविष्य में भी हैदराबाद का सबसे बड़ा कमर्शियल हब बनने की क्षमता रखते हैं।
HMDA की इस नीलामी ने सरकार को 1,355.33 करोड़ रुपये का राजस्व दिया। यह रकम यह साबित करती है कि हैदराबाद की जमीन केवल महंगी ही नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद भी है। यहां किए गए निवेश पर रिटर्न की संभावना बहुत अधिक है। यही कारण है कि बड़े डेवलपर्स और रियल एस्टेट कंपनियां किसी भी कीमत पर कोकापेट और रायदुर्गम जैसे इलाकों में जमीन खरीदना चाहती हैं।
पहले जहां जमीनों की इतनी ऊंची कीमतें केवल मुंबई या दिल्ली-NCR में देखने को मिलती थीं, वहीं अब हैदराबाद जमीन कीमत उन सभी बाजारों को टक्कर दे रही है। इसका सीधा मतलब है कि हैदराबाद न केवल दक्षिण भारत का, बल्कि पूरे देश का प्रमुख रियल एस्टेट निवेश केंद्र बन चुका है।
हैदराबाद पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, उद्योग और रोजगार के मामले में तेजी से आगे बढ़ा है। यहां सरकार की नीतियां स्थिर और व्यवसायों के लिए अनुकूल हैं। शहर का कानून-व्यवस्था भी मजबूत है और यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट और रोड नेटवर्क अन्य महानगरों की तुलना में काफी बेहतर है। यही कारण है कि यहां रहने वाले लोगों और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
रायदुर्गम नॉलेज सिटी आने वाले वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का केंद्र बनेगी। यहां मल्टीनेशनल कंपनियों के नए कैंपस, आधुनिक कमर्शियल केंद्र, और बड़े आवासीय प्रोजेक्ट बनने की तैयारी चल रही है। इसका सीधा प्रभाव हैदराबाद जमीन कीमत पर पड़ रहा है, और उम्मीद है कि यह कीमत आगे भी लगातार बढ़ती रहेगी।
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