पीरियड्स महिलाओं के जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इन दिनों शरीर और मन दोनों पर इसका असर साफ नजर आता है। हार्मोन में होने वाले बदलाव की वजह से कई महिलाओं को पेट में ऐंठन, कमर दर्द, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है। कुछ महिलाओं को भूख कम लगती है, तो कुछ को बार-बार खाने की इच्छा होती है। ऐसे समय में अगर खानपान पर ध्यान न दिया जाए, तो कमजोरी बढ़ सकती है और दर्द भी ज्यादा परेशान कर सकता है।
असल में पीरियड्स के दौरान शरीर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। खून निकलने की वजह से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है और ऊर्जा का स्तर भी गिर सकता है। यही कारण है कि पीरियड्स के दौरान सही डाइट लेना महिलाओं की सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। संतुलित और पौष्टिक भोजन से न सिर्फ शरीर को ताकत मिलती है, बल्कि मूड भी बेहतर रहता है और रोजमर्रा के काम करने में आसानी होती है।
आजकल महिलाएं घर और बाहर दोनों जिम्मेदारियां निभाती हैं। ऐसे में पीरियड्स के समय खुद के लिए समय निकालना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर इन दिनों थोड़ी सी सावधानी बरती जाए और खाने-पीने की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव किए जाएं, तो यह समय पहले की तुलना में ज्यादा आरामदायक बनाया जा सकता है। सही खानपान पीरियड्स के दर्द को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
पीरियड्स के दौरान शरीर से खून निकलने के कारण थकान और कमजोरी महसूस होना आम बात है। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन के कारण पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे दर्द होता है। अगर इस समय शरीर को सही पोषण न मिले, तो चक्कर आना, चिड़चिड़ापन और मन उदास रहने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
संतुलित डाइट लेने से शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल मिलते हैं। इससे इम्युनिटी मजबूत रहती है और शरीर जल्दी रिकवर करता है। यही वजह है कि पीरियड्स के दौरान हेल्दी फूड को प्राथमिकता देना चाहिए।
पीरियड्स के दिनों में आयरन की जरूरत बढ़ जाती है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, सरसों और मेथी, इसके साथ चुकंदर, अनार और दालें शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने में मदद करती हैं। आयरन से भरपूर भोजन लेने से कमजोरी कम महसूस होती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या होती है। कैल्शियम और मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दूध, दही, बादाम, तिल और मूंगफली मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में सहायक होते हैं। इन पोषक तत्वों से शरीर को मजबूती भी मिलती है।
पीरियड्स के समय पेट भारी लगना या कब्ज जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां पाचन को बेहतर बनाती हैं। केला तुरंत ऊर्जा देता है, जबकि सेब और संतरा शरीर को ताजगी का अहसास कराते हैं। सलाद और उबली सब्जियां पेट के लिए हल्की होती हैं।
इन दिनों बहुत ज्यादा मसालेदार या भारी खाना पचाने में मुश्किल पैदा कर सकता है। खिचड़ी, दलिया, सूप और सादा घर का बना खाना पेट को आराम देता है और शरीर को जरूरी पोषण भी देता है। हल्का भोजन लेने से पेट दर्द और गैस की समस्या भी कम होती है।
हल्का गर्म दूध, अदरक की चाय या हल्दी वाला दूध पीरियड्स के दर्द में राहत दे सकता है। ये घरेलू उपाय सूजन को कम करने और शरीर को आराम देने में मदद करते हैं।
पीरियड्स के दौरान शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और सिरदर्द व थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं। नारियल पानी और छाछ जैसे तरल पदार्थ भी शरीर के लिए अच्छे माने जाते हैं।
इन दिनों ज्यादा नमक वाला खाना शरीर में सूजन बढ़ा सकता है। तला-भुना और बहुत मसालेदार भोजन पेट की जलन और दर्द को बढ़ा सकता है। कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक जैसी कैफीन वाली चीजें बेचैनी और नींद की समस्या पैदा कर सकती हैं। बहुत ज्यादा मीठा खाने से मूड स्विंग्स बढ़ सकते हैं। प्रोसेस्ड और पैकेट वाले फूड शरीर को सही पोषण नहीं देते, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही लेना बेहतर होता है।
पीरियड्स के समय पर्याप्त आराम करना बहुत जरूरी है। रोजाना पूरी नींद लें ताकि शरीर को रिकवर होने का समय मिल सके। हल्की वॉक या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है। पेट या कमर पर गर्म पानी की बोतल रखने से ऐंठन कम हो सकती है। तनाव कम रखने की कोशिश करें और अपने मन को शांत रखने के लिए हल्की-फुल्की गतिविधियां करें।
पीरियड्स के दौरान सही खानपान और देखभाल महिलाओं की सेहत को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। संतुलित डाइट लेने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और दर्द व कमजोरी में राहत मिलती है। इस समय खुद पर ध्यान देना किसी लग्जरी की तरह नहीं, बल्कि जरूरत है। अगर पीरियड्स के दौरान हर महीने बहुत ज्यादा दर्द या अत्यधिक ब्लीडिंग होती है, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अपने शरीर के संकेतों को समझना और समय पर सही कदम उठाना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
Q1. पीरियड्स में ज्यादा कमजोरी क्यों महसूस होती है?
पीरियड्स के दौरान खून की कमी और हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर में ऊर्जा कम हो जाती है, जिससे कमजोरी महसूस होती है।
Q2. क्या पीरियड्स में दूध पीना ठीक है?
हां, दूध में कैल्शियम होता है जो मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद करता है।
Q3. क्या पीरियड्स में ठंडा पानी पीना नुकसानदायक है?
बहुत ठंडा पानी पीने से कुछ महिलाओं में पेट दर्द बढ़ सकता है, इसलिए सामान्य या हल्का गुनगुना पानी बेहतर माना जाता है।
Q4. पीरियड्स के दौरान कौन-सी एक्सरसाइज सही रहती है?
हल्की वॉक, योग और स्ट्रेचिंग करना फायदेमंद होता है। बहुत ज्यादा भारी वर्कआउट से बचना चाहिए।
Q5. कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर हर महीने बहुत तेज दर्द हो, ज्यादा ब्लीडिंग हो या कमजोरी असहनीय लगे, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
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