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उत्तर प्रदेश में नई बिजली दरें लागू, अब उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बलिया जिले में नई बिजली दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं। नई दरों में ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं, जिनमें फिक्स्ड चार्ज और ऊर्जा शुल्क दोनों शामिल हैं। राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ भी इन दरों पर लागू होगा, जिससे आम जनता को बिजली बिल में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह फैसला सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत नागरिकों को सस्ती और स्थिर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए नई बिजली दरों का पूरा ब्योरा

ग्रामीण उपभोक्ताओं को अब “लाइफ लाइन श्रेणी” के तहत एक किलोवाट तक के कनेक्शन और प्रति माह 100 यूनिट खपत पर 50 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह फिक्स्ड चार्ज देना होगा। इसके साथ ऊर्जा शुल्क 6.50 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। लेकिन राज्य सरकार की बिजली सब्सिडी लागू होने के बाद ग्रामीण उपभोक्ताओं को केवल 3.50 रुपये प्रति यूनिट का ही भुगतान करना पड़ेगा। पहले 100 यूनिट तक की दर 6.65 रुपये थी, जो अब घटकर 3.30 रुपये प्रति यूनिट रह जाएगी। इस बदलाव से ग्रामीण परिवारों का बिजली बिल लगभग आधा हो जाएगा, जिससे उन्हें मासिक खर्च में बड़ी राहत मिलेगी।

वहीं ग्रामीण वाणिज्यिक उपभोक्ताओं यानी दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों के लिए फिक्स्ड चार्ज 110 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह रखा गया है, जबकि ऊर्जा शुल्क 5.50 रुपये प्रति यूनिट तय हुआ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं को थोड़ा अधिक भुगतान करना होगा, लेकिन इसके साथ ही बिजली की आपूर्ति और गुणवत्ता में सुधार भी देखने को मिलेगा।

शहरी उपभोक्ताओं के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं। चार किलोवाट तक के कनेक्शन वाले छोटे व्यापारियों को अब 330 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह फिक्स्ड चार्ज देना होगा। 300 यूनिट तक की खपत के लिए 7.50 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है। यदि खपत 300 यूनिट से अधिक हो जाती है, तो प्रति यूनिट 8.40 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं चार किलोवाट से अधिक वाले कनेक्शन के लिए 450 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स्ड चार्ज और 8.75 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान तय किया गया है। इसका मतलब है कि अधिक बिजली इस्तेमाल करने वालों को थोड़ा ज्यादा बिल देना होगा, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था और सब्सिडी से जुड़ी नई नीति

नई दरें केवल घरेलू और वाणिज्यिक उपयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था के लिए भी लागू की गई हैं। ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और नगर निगमों में बिना मीटर वाले संयोजनों पर अब क्रमशः 2100 रुपये, 3200 रुपये और 4200 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह की दर तय की गई है। इसका उद्देश्य है कि सभी स्थानीय निकाय अपने क्षेत्र में सार्वजनिक रोशनी की व्यवस्था को प्रभावी रूप से संचालित कर सकें।

वहीं मीटरयुक्त सार्वजनिक संयोजनों के लिए ग्राम पंचायतों को 200 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह फिक्स्ड चार्ज देना होगा और ऊर्जा शुल्क 7.50 से 8.50 रुपये प्रति यूनिट के बीच रहेगा। ये दरें बिजली खपत और उपयोग की प्रकृति के अनुसार तय की गई हैं।

नई दरों के बाद अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के बीच बिजली खर्च का अंतर और स्पष्ट हो गया है। ग्रामीण इलाकों को सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनका बिजली बिल काफी हद तक कम होगा। वहीं शहरों में बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए, थोड़ा अधिक शुल्क रखा गया है ताकि राज्य की बिजली व्यवस्था आर्थिक रूप से मजबूत बनी रहे।

UPPCL के अधिकारियों के अनुसार, यह नई बिजली नीति राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। राज्य सरकार का मानना है कि सब्सिडी व्यवस्था से आम जनता को राहत मिलने के साथ-साथ बिजली वितरण व्यवस्था में स्थिरता आएगी। भविष्य में जरूरत पड़ने पर दरों की समीक्षा भी की जा सकती है ताकि उपभोक्ताओं और सरकार दोनों के हित सुरक्षित रहें।

राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि बिजली आपूर्ति सुचारु, सस्ती और टिकाऊ रहे। नई दरों के बाद यह भी उम्मीद की जा रही है कि उपभोक्ता बिजली की बर्बादी से बचेंगे और ऊर्जा की बचत पर ध्यान देंगे। सब्सिडी लागू होने के बाद अब ग्रामीण उपभोक्ताओं को सिर्फ 3.50 रुपये प्रति यूनिट का ही भुगतान करना होगा, जिससे उनकी मासिक बचत बढ़ेगी और बिजली सबके लिए और अधिक सुलभ बन सकेगी।

UPPCL की यह पहल न केवल आम जनता के लिए राहतभरी है, बल्कि यह राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। बिजली दरों में इस संशोधन से उपभोक्ताओं को आर्थिक मदद तो मिलेगी ही, साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था और भी सुदृढ़ बनेगी। ऊर्जा की बचत से पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।https://www.inkhabar.com/uttar-pradesh/new-electricity-rates-implemented-in-ballia-different-rates-fixed-for-rural-and-urban-consumers-96252/amp/

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Jiya lal verma

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